होम
अट्रेंडम
खाता में प्रवेश
सेटिंग्स
भोजपुरीपिडिया के बारे में
नामंजूरी
भोजपुरीपिडिया
खोजीं
जॉन एलिया
के संपादन कइल जा रहल बा
चेतावनी:
रउआँ आपन खाता में प्रवेश नइखीं कइले। अगर रउआँ कौनों बदलाव करब त राउर आईपी पता सभके लउकी। अगर रउआ
खाता में प्रवेश करब
या
नया खाता बनाइब
तब, अउरी सुबिधा सब की संघे राउर संपादन के श्रेय भी राउर प्रयोगकर्तानाँव के मिली!
स्पैम-बिरोधी रोक (Anti-spam check) एके
मत
भरीं!
{{Infobox writer | name = जॉन एलिया<br/> {{nq|جون ایلیا}} | image = | caption = | pseudonym = | birth_date = {{birth date|df=yes|1931|12|14}} | birth_place = [[अमरोहा]], [[उत्तर प्रदेश]], [[ब्रिटिश भारत]] | death_date = {{death date and age|df=yes|2002|11|08|1931|12|14}} | death_place = कराची, सिंध, [[पाकिस्तान]] | nationality = पाकिस्तानी | education = | alma_mater = | period = | genre = [[ग़ज़ल]] | subject = | movement = | occupation = [[उर्दू शायर]], बिद्वान, बिचारक | notableworks = ''शायद'', ''या'नी'', ''लेकिन'', ''गुमान'', ''गोया'', ''फरनूद'' | spouse = ज़ाहिदा हिना (अलगाव) | partner = | children = | relatives = | awards = | signature = | website = }} '''जॉन एलिया''' (14 दिसंबर 1931 – 9 नवंबर 2002) [[ब्रिटिश भारत]] में जनमल, पाकिस्तानी उर्दू शायर रहलें जिनके गैर-परंपरागत आ अराजक सोच वाला, आ अपना खाती खास ठसक वाला कवी के रूप में पहिचान बा। शायरी करे के अलावा एलिया एगो चिंतक-बिचारक, जीवनीकार, अनुबादक आ बिद्वान भी रहलें। इनके जनम [[उत्तर प्रदेश]] के [[अमरोहा]] में भइल आ ई रईस अमरोहवी आ सैय्यद मुहम्मद तकी के भाई रहलें जे दुनों लोग पत्रकार आ मनोबिस्लेशक रहल। इनके चचियाउत भाई लोग में मशहूर फिलिम डाइरेक्टर [[कमाल अमरोही|कमाल अमरोहियो]] रहलें। एलिया कई भाषा के बिद्वान रहलें आ शिया होखे के बावजूद इनके पढ़ाई सुन्नी लोग के संस्था देवबंद में भइल रहे। कई किताबन के अरबी से उर्दू में अनुबाद भी कइलेन। इनके मेहरारू प्रसिद्ध लेखिका [[ज़ाहिदा हिना]] उर्दू साहित्य में आ पत्रकारिता में खास अस्थान रखे ली, हालाँकि बाद में इनहन लोग के अलगौझा भ गइल रहल। एलिया के निधन [[कराची]] में 9 नवंबर 2002 के दमा के दौरा पड़े के बाद सत्तर साल के उमिर में भइल। ==जिनगी== जॉन एलिया के जनम 14 दिसंबर 1931 के तत्कालीन ब्रिटिश भारत के राज्य उत्तर प्रदेश, के अमरोहा में भइल। इनके बाबूजी के नाँव सैयद शफ़ीक़ हुसैन रहल आ ई खुदे कई भाषा के जानकार आ शायर रहलें। एलिया के सुरुआती पढ़ाई अमरोहे में भइल। 1947 में भारत-पाक बाँट के बाद इनके भाई लोग 1950 में अमरोहा छोड़ पकिस्तान चल गइल आ छह बरिस के बाद इनहूँ के पाकिस्तान जाए के पड़ल, हालाँकि बतावल जाला कि अमरोहा से इनके लगाव उमिर भर रहल आ लगभग सालाना अमरोहा आइल करें। एलिया के बियाह ज़ाहिदा हिना से भइल जे बिहारी मूल के पाकिस्तानी लेखिका आ पत्रकार रहली आ तब बीबीसी में काम करें। बाद में इनहन लोग के अलगाव भ गइल। बाद के जिनगी, पूरा कराची में बीतल आ 9 नवंबर 2002 के इनके सत्तर बरिस के उमिर में दमा के दौरा पड़े के बाद अस्पताल में भर्ती करावल गइल जहाँ इनके निधन भ गइल।<ref>{{cite web|url=https://www.bbc.com/hindi/news/021109_john_ailiya_mi_mk.shtml |title=शायर जॉन एलिया नहीं रहे | BBC Hindi |publisher=Bbc.com |date= |accessdate=2018-03-18}}</ref> ==स्टाइल== एलिया के रचना सभ में अराजकता, निराशा आ आशा के मिलजुल रूप, ठसक इत्यादि के भाव देखे के मिले ला आ जिनगी के प्रति उनके ब्यंग बहुत तीखा होला। अपना के खुद के परिचय कुछ एह रूप में रखे लें: {{Cquote|text=मैं जॊ हूँ, जॉन एलिया हूँ जनाब<br />मेरा बेहद लिहाज कीजिएगा।}} आ जिनगी के अर्थ के बारे में परसिद्ध कहनाम कि, {{Cquote|text=है ग़नीमत कि इसरार-ए-हस्ती से हम<br />बेख़बर आए हैं, बेख़बर जायेंगे।}} बतावल जाला कि 1990 में एगो मुशायरा में शेर पढ़े के मूड में आवे खाती आपन कपार पीट-पीट के ऊ ई शे'र पढ़लें<ref>{{cite web|last=Hasan |first=Fawad |url=https://tribune.com.pk/story/1553314/4-not-gone-jaun-elias-idea-still-reverberating-hearts-young/ |title=Not gone: Jaun Elia’s ideas still reverberating in the hearts of the young - The Express Tribune |publisher=Tribune.com.pk |date= |accessdate=2018-03-18}}</ref>: {{Cquote|text= ''इन किताबों ने बड़ा ज़ुल्म किया है मुझ पर <br />इनमे इक रम्ज़ है जिस रम्ज़ का मारा हुआ ज़ॆह्न <br />मुज़्दा-ए-इशरत-ए-अंजाम नहीं पा सकता <br />जिंदगी में कभी आराम नहीं पा सकता।'' }} मौत के बारे में इनके शायराना स्टाइल कोट कइल जाला<ref>{{cite web|url=https://en.dailypakistan.com.pk/opinion/blog/aik-hi-shakhs-tha-jahan-mein-kiya-literatis-celebrate-86th-birthday-of-jaun-elia/ |title=Aik hi shakhs tha jahan mein kiya?: Literatis celebrate 86th birthday of Jaun Elia – Daily Pakistan |publisher=En.dailypakistan.com.pk |date=2017-12-14 |accessdate=2018-03-18}}</ref>: {{Cquote|text= ''कितनी दिलकश हो तुम, कितना दिलजो हूँ मैं क्या सितम है कि हम लोग मर जायेंगे।'' }} ==रचना== ;शायरी * ''शायद'' (1990) * ''या'नी'' (2003) * ''गुमान'' (2004) * ''लेकिन'' (2006) * ''गोया'' (2008) * ''रमूज'' ;गद्य एलिया खाली शायरे भर ना रहलें बलुक सूफी आ इस्माइली परंपरा के लोग के जीवनी, अउरी कई किसिम के गद्य रचना आ अरबी से उर्दू अनुबाद भी कइलेन। एह में कुछ प्रमुख के नाँव नीचे दिहल जात बा: * माशीह-ए-बग़दाद हल्लाज * जोमेट्रिया * तवासीन * ईसागोज़ी * रहाईशो-कुशाइश * हसन बिन सबा * मसाइले-तजरीद * रासैल इख्वा अल सफ़ा एलिया पाकिस्तान के मशहूर अखबार ''जंग'' के संपादन भी कइलेन। ==यादगार== कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी इनके याद में एगो वजीफा देले।<ref>{{cite web|url=https://ucmerced.academicworks.com/opportunities/620 |title=John Elia Scholarship Endowment in Support of Veterans - University of California-Merced Scholarships |publisher=Ucmerced.academicworks.com |date=1980-01-01 |accessdate=2018-03-18}}</ref> पाकिस्तान सरकार इनके याद में एगो डाक टिकट जारी कइले बा आ कराची में इनके नाँव प एगो सड़क भी बा।<ref>{{cite web|url=https://www.jagran.com/uttar-pradesh/amroha-city-jagran-special-shayar-jaun-elia-never-afraid-from-threat-of-pakistan-17198610.html |title=Jagran Special Shayar Jaun Elia never afraid from threat of Pakistan |publisher=Jagran.com |date=2017-12-14 |accessdate=2018-03-18}}</ref> {{clear}} ==संदर्भ== {{Reflist|33em}} ==बाहरी कड़ी== * {{IMDb name | id= 7397857 | name= जॉन एलिया}} * [https://www.rekhta.org/poets/jaun-eliya जॉन एलिया] – रेख़्ता.कॉम पर। *[https://www.technofriendajay.in/2019/06/jaun-elia-famous-shayari-in-hindi.html जौन एलिया की कुछ बेहतरीन शायरी] {{Authority control}} [[श्रेणी:1931 में जनम]] [[श्रेणी:2002 में निधन]] [[श्रेणी:पाकिस्तान के लोग]] [[श्रेणी:उर्दू शायर]]
सारांश:
ई नोट कर लीं कि भोजपुरीपिडिया पर सगरी योगदान के दुसरा योगदानकर्ता लोगन द्वारा संपादित कइल जा सकेला, बदलल या हटावल जा सकेला। अगर आप ई नइखीं चाहत की राउर लिखल चीज के केहू भी बे-मोहछोह के संपादित क दे, तब ए के इहाँ मत डालीं।
रउआँ इहो वादा करत बानी की आप ई खुद लिखले बानी या फिर पब्लिक पहुँच में मौजूद या अइसने कौनों फ्री स्रोत से नकल कइले बानी (ढेर जानकारी खातिर
भोजपुरीपिडिया:कापीराइट सब
देखीं)।
बिना परमीशन के कॉपीराइट वाली चीज इहाँ कब्बो मत डालीं!
कैंसिल
संपादन में मदद
(नया विंडो में खोलीं)
ए पन्ना पर इस्तेमाल टेम्पलेट कुल:
टेम्पलेट:Authority control
(
संपादन करीं
)
टेम्पलेट:Cite web
(
संपादन करीं
)
टेम्पलेट:Clear
(
संपादन करीं
)
टेम्पलेट:Cquote
(
संपादन करीं
)
टेम्पलेट:IMDb name
(
संपादन करीं
)
टेम्पलेट:Infobox writer
(
संपादन करीं
)
टेम्पलेट:Reflist
(
संपादन करीं
)