होम
अट्रेंडम
खाता में प्रवेश
सेटिंग्स
भोजपुरीपिडिया के बारे में
नामंजूरी
भोजपुरीपिडिया
खोजीं
पुरबी
के संपादन कइल जा रहल बा
चेतावनी:
रउआँ आपन खाता में प्रवेश नइखीं कइले। अगर रउआँ कौनों बदलाव करब त राउर आईपी पता सभके लउकी। अगर रउआ
खाता में प्रवेश करब
या
नया खाता बनाइब
तब, अउरी सुबिधा सब की संघे राउर संपादन के श्रेय भी राउर प्रयोगकर्तानाँव के मिली!
स्पैम-बिरोधी रोक (Anti-spam check) एके
मत
भरीं!
पुरबी शैली के रचना करेवाला पुरबी शैली के जनक महेन्दर मिसिर जी हईं। महेन्दर मिसिर जी के जनम छपरा जिला के जलालपुर प्रखण्ड के कांही मिश्रवलिया गांव में 16 मार्च, 1865 ई0 के भइल रहे । महेन्दर मिसिर जी के अईसे त बहुत खासियत बा लेकिन एगो इहो खासियत बा कि उहां के अपना पूरा जीवन में खाली आपने बनावल गीत आ रचना गइनी । 12 साल के उमिर से रचना करे लगनी, ओकरा गावे लगनी आ खुदे सब तरह के बाज भी बजावे लगनी। ओह समय के अइसन कवनो राग ना रहे जवना पर इहां के कलम ना चलल आ अइसन कवनो साज बाज ना रहे जवना के बजावे में इहां के सिद्धहस्तता ना रहे । ओह समय के जवन भी वाद्ययंत्र रहे सब के बजावे में महेन्दर मिसिर जी निपुण रहीं । महेन्दर मिसिर जी के देहावसान 26 अक्तूबर, 1946 के छपरा के उहां के आपन बनावल शिवमंदिर में -'''एको गहनवा नइखे सारी हो, कईसे जाईब ससुरार -''' भजन गावत शिवलिंग के आपना पांजा में ध के बैकुण्ठगमन कइनी । भोजपुरी के प्रथम महाकवि के रुप में भोजपुरी के प्रथम महाकव्य अपुर्व रामायण के रचना महेन्दर मिसिर जी कारागार में ही कइले रहीं जवना में एक से बढ़ के एक पुरबी गीत बा । अईसे 1920 के आस पास महेन्दर मिसिर जी के एगो किताब महेन्द्र मंगल के प्रकाशन भइल रहे चार भाग में जवना में 1000 से अधिक पुरबी गीत बा आ जवना किताब के भूमिका पं0 रामनेश त्रिपाठी जी लिखने बानी, उहे त्रिपाठी जी जेकर लिखल भजन सब लोग आजो बड़ा प्रेम से गावेला- हे प्रभु आनन्ददाता ज्ञान हमको दीजिए । महेन्दर मिसिर जी के जीवन बहुआयामी बा। महेन्दर मिसिर जी एगो महान राष्ट्रवादी भी रहनी आ ब्रिटिश सरकार के अर्थव्यवस्था तबाह कइनी आ क्रांतिकारी लोगन के बहुते बहुते आर्थिक मदद कइनी आ इहां के पकड़वा के गोपीचन्द विश्वप्रसिद्ध जासूस बन गईल। '''पाकल पाकल पनवा खिअवलस गोपीचनवा पीरीतीया लगाके''' । आ गोपीचन्द गइले रहे - '''नोटावा जे छापि छापि गिनिया भंजवल हो महेन्दर मिसिर, गिनिया भंजवल ओपर जग के रिझवल, खुफिया पुलिसवा देहलस फंसाय हो महेन्दर मिसिर, सगरी जहांनवां में कइल बड़ा नांव हो महेन्दर मिसिर, ब्रिटिश के कइल हलकान हो महेन्दर मिसिर''' । महेन्दर मिसिर जी के जीवन बहुत ही व्यापक बा । अपना जीवन में ही महेन्दर मिसिर जी काफी प्रसिद्ध हो गइल रनी। अपना जीवन में ही किंवदन्ती बन गईल रनी। आजो उहां के कथा कहानी दांतकाथा के रुप में भोजपुरी इलाका में मौजूद बा। महेन्दर मिसिर जी के एके गो लईका हिकायत मिसिर जी रनी आ एके गो पोता रामनाथ मिसिर जी बानी आ एके गो परपोता विनय कुमार मिसिर जी बानी।
सारांश:
ई नोट कर लीं कि भोजपुरीपिडिया पर सगरी योगदान के दुसरा योगदानकर्ता लोगन द्वारा संपादित कइल जा सकेला, बदलल या हटावल जा सकेला। अगर आप ई नइखीं चाहत की राउर लिखल चीज के केहू भी बे-मोहछोह के संपादित क दे, तब ए के इहाँ मत डालीं।
रउआँ इहो वादा करत बानी की आप ई खुद लिखले बानी या फिर पब्लिक पहुँच में मौजूद या अइसने कौनों फ्री स्रोत से नकल कइले बानी (ढेर जानकारी खातिर
भोजपुरीपिडिया:कापीराइट सब
देखीं)।
बिना परमीशन के कॉपीराइट वाली चीज इहाँ कब्बो मत डालीं!
कैंसिल
संपादन में मदद
(नया विंडो में खोलीं)