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==शुरुआती भारतीय कला== ===पाषाण कला=== भारत की पाषाण कला में पत्थर प नक्काशी और चित्रकारी क समावेश होला। एगो अंदाज की अनुसार एइसन कुल 1300 पाषाण कला क जगह बा जहाँ 10 लाख क एक चौथाई से अधिक छोट बड़ मूर्ति बनल बा।<ref name="Gupta1996">{{cite book|author=जगदीश गुप्ता|title=प्रागैतिहासिक भारतीय चित्रकला|url=https://books.google.com/books?id=H8zpAAAAMAAJ|year=1996|publisher=उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र}}</ref> डॉ. वी. एस. वालंकर मध्य भारत में विन्ध्य पवर्तमाला की लगे स्थित कई गो चित्रकारी से भरल पत्थर क आश्रय स्थल क खोज कई न। एमें से भीमबेटका चट्टान आश्रयस्थल के यूनेस्को की तरफ से विश्व धरोहर घोषित कइल गइल बा।<ref>{{Cite web|url = http://whc.unesco.org/en/list/925|title =भीमबेटका की रॉक शेल्टर्स|date = 2003|accessdate = 12 November 2014|website = यूनेस्को की विश्व विरासत कन्वेंशन|publisher = यूनेस्को|last = |first = }}</ref> ज्यादातर एइजा बनल चित्र में जानवरन की साथ मानव जीवन, शिकार और पत्थर क उपयोग चित्रित कइल गइल बा। ===सिंधु घाटी सभ्यता=== एमें नाचत लईकिन क सोना, मिट्टी और पत्थर क बनल ढेरो मूर्ति मिलल जवन की ओ समय में कौनो तरह क नृत्य कला की मौजूदगी की तरफ इशारा करेला। एकरी सिवाय, गाय, भालू, बन्दर और कुकुरनों क मिट्टी से बनल मूर्ति मिलल बा। ऐसन जगहन पर मिलल जानवरन की आकृति में से ज्यादातर जानवरन क पहचान नइखे हो सकल। ===मौर्य कला=== सम्राट अशोक जिन क मृत्यु 232 ईसा पूर्व भइल, अपनी 40 वर्ष की शासनकाल की मध्य में बौद्ध धर्म अपनव न, उ बुद्ध की जीवन प आधारित कईगो स्तूप बनव न। अशोक क बनवावल मशहूर चार जानवरन वाला सिंह स्तंभ के आजादी की बाद भारत की राष्ट्रीय प्रतीक की रूप में मान्यता दिहल गइल।<ref>[http://www.india.gov.in/knowindia/national_symbols.php?id=9 राज्य प्रतीक] {{wayback|url=http://www.india.gov.in/knowindia/national_symbols.php?id=9 |date=20120511134823 }}, भारत जानिए इंडिया.गव.इन </ref> ===बौद्ध कला=== मौर्य काल की बाद बौद्ध कला से संबंधित मूर्ति विपुल मात्रा में बच गइल। साँची, भरहुत और अमरावती में बौद्ध कला क दर्शन हो जाला। ओ समय क बनल स्तूपन क देवाल भगवान बुद्ध की जीवन के दर्शाए वाला नक्काशी काम से भरल बा। ===गुप्तकालीन कला=== गुप्तकाल में उत्तर भारत क सब धरम से जुड़ल कला अपनी चरम प लउकेला। ए समय में पत्थर प बनल हिन्दू देवी देवता, बुद्ध क मूर्ति आ जैन तीर्थंकर क मूर्ति जैसन कला क उद्भव भइल जवन की लम्बा समय ले टिकल।<ref>{{Cite book|title = हिंदू धर्म: अतीत और वर्तमान|last = माइकल्स|first = एक्सल|publisher = प्रिंसटन यूनिवर्सिटी प्रेस|year=2004|location = |isbn = 0-691-08953-1|pages = 40|accessdate = 7 September 2016 |url = https://books.google.com/books?id=PD-flQMc1ocC&pg=PR4}}</ref>
सारांश:
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भोजपुरीपिडिया:कापीराइट सब
देखीं)।
बिना परमीशन के कॉपीराइट वाली चीज इहाँ कब्बो मत डालीं!
कैंसिल
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