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== शुरुआती जिनगी == रामोहन रॉय के जनम [[ब्रिटिश भारत|ब्रिटिश शासन]] के [[बंगाल प्रेसिडेंसी]] के हुगली जिला में राधानगर में भइल रहे। इनके परिवार राढ़ी कुलीन ब्राह्मण परिवार रहे। कुलीन मने कि ओह छह गो ब्राह्मण लोगन के बंसज, जिनहन लोगन के 12वीं सदी में बल्लाल सेन कन्नौज से ले आ के इहाँ बसवले रहलें। एह बंसज लोग में से राढ़ी के कुलीन लोग 19 वीं सदी में कई गो बियाह करे आ दहेज पर निर्भर रहे खाती बदनाम रहे। राममोहन राय के पिताजी, रमाकांत, [[वैष्णव मत|वैष्णव]] रहलें आ इनके महतारी तारिणी देवी [[शैव मत|शैव]] परिवार से रहली। राममोहन राय के जनम के तिथि 22 मई 1772 मानल जाला। इनके शुरुआती पढ़ाई के बारे में बहुत साफ़ जानकारी ना मिले ला। एगो मत के हिसाब से इनके शुरुआती पढ़ाई गाँव के ''पाठशाला'' में भइल जहाँ ई बंगाली, संस्कृत आ फ़ारसी सिखलें। बाद में [[पटना]] के मदरसा में फ़ारसी आ अरबी के पढ़ाई कइलें आ ओकरे बाद इनके [[बनारस]] भेज दिहल गइल जहाँ संस्कृत में हिंदू ग्रंथ सभ के अध्ययन कइलें जेह में वेद आ उपनिषद के शिक्षा शामिल रहल। एह पढ़ाई के तारीख़ आ साल सटीक तय ना बा; मानल ई जाला कि नौ बरिस के उमिर में ई पटना गइलें आ ओकरे दू बरिस बाद बनारस। रामोहन राय के तीन गो बियाह भइल रहे। पहिला कम्मे उमिर में भइल आ पत्नी के जल्दिये स्वर्गवास भ गइल। दुसरी पत्नी से इनके दू गो लड़िका भइल लोग, राधाप्रसाद 1800 में आ रामप्रसाद 1812 में। 1824 में इनके दुसरकीयो मेहरारू मर गइली। तीसरी पत्नी इनके बाद ले जियली। बचपन से इनके महतारी-बाप में से एक बेकती इनके बिद्वान आ ''शास्त्री'' बनावल चाहत रहे जबकि दुसरहा इनके सभ सुबिधा दे के ''लौकिक'' दुनिया में प्रशासक बनावल चाहत रहे। राय एह बचपन के दुबिधा के चलते अपना बादो के जिनगी में ए दुनों ओर डोलत रहि गइलें। अरबी-फ़ारसी के पढ़ाई से इनके एक ईश्वर के बारे में बिचार मजबूत भइल। {{clear}}
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