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==मनावे के कारण== पुराणन में कई किसिम के कथा मिले लीं जिनहन के अनुसार एह तिहुआर के मनावे के अलग-अलग कारण बतावल जाला। सभसे चलनसार कथा सभ में एह दिन भगवान् शिव आ पारबती के बियाह होखे के बात कहल जाला।<ref name="Dīkshita2016">{{cite book|author=Sūryaprasāda Dīkshita|title=Awadh Sanskriti Vishwakosh-2|url=https://books.google.com/books?id=TZbQDQAAQBAJ&pg=PA187|year=2016|publisher=Vani Prakashan|isbn=978-93-5229-582-1|pages=187–}}</ref><ref name="Sharma2013">{{cite book|author=Mahesh Sharma|title=Hindu Dharma Vishwakosh|url=https://books.google.com/books?id=q35sBQAAQBAJ&pg=PA232|year=2013|publisher=Prabhāta Prakāśana|isbn=978-93-5048-447-0|pages=232–}}</ref> कुछ बिबरन में एह दिन शिव द्वारा सृष्टि के बिनास करे वाला तांडव नाच करे के बात कहल जाले।<ref name="Kaula1992">{{cite book|author=Kamala Kaula|title=Mohapāśa|url=https://books.google.com/books?id=B5dGAQAAIAAJ|year=1992|publisher=Jagatarāma eṇḍa Sansa}}</ref> कहीं, समुंद्र मंथन के बाद निकसल बिस के पिए के कथा बतावल जाला जेकरे बाद देवता लोग बिसपान से परभावित भगवान शिव खाती रात भर जागरण आ उपास कइल।<ref name="Dīkshita2016"/> एक ठो दूसर कथा के मोताबिक भगवान बिष्णु आ ब्रम्हा जी लोग शिव के ज्योतिर्लिंग के पूजा कइल जेकरा से खुस हो के शिव दू गो बरदान दिहलें, एह में से पहिला बरदान शिवरात हवे,<ref name="Eck2012">{{cite book|author=Diana L Eck|title=India: A Sacred Geography|url=https://books.google.com/books?id=rNlJOSf__xYC&pg=PA206|date=27 मार्च 2012|publisher=Potter/TenSpeed/Harmony|isbn=978-0-385-53191-7|pages=206–}}</ref> एह रात के सभसे शुभ आ पबित्र रात के रूप में शिव द्वारा खुद बतावल गइल। {{clear}}
सारांश:
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रउआँ इहो वादा करत बानी की आप ई खुद लिखले बानी या फिर पब्लिक पहुँच में मौजूद या अइसने कौनों फ्री स्रोत से नकल कइले बानी (ढेर जानकारी खातिर
भोजपुरीपिडिया:कापीराइट सब
देखीं)।
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कैंसिल
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