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==परिवहन== बनारस भारत की बाकी हिस्सन से सड़क, रेल अउरी हवाई मार्ग से बढियाँ से जुडल बा। बहुत प्राचीन काल से आजु ले ए नगरी के लगातार महत्वपूर्ण रहला में एकर परिवहन की साधन से सम्पन्न भइल आ पूरा देश से जुड़ाव के बिसेस योगदान बा। बनारस में लाल बहादुर शास्त्री अंताराष्ट्रिय हवाई अड्डा मुख्य शहर से करीबन 25 कि.मी. दूर बाबतपुर में बा। इहाँ से शारजाह, [[काठमांडू]], [[दिल्ली]], [[गया]], [[खजुराहो]], [[लखनऊ]], [[बंगलौर]], [[हैदराबाद]], [[मुंबई]], [[कोलकाता|कलकत्ता]], गउहाटी इत्यादि जगह खातिर हवाई जहाज जाला आवेला। जबसे इहवाँ नया टर्मिनल के उद्घाटन भइल बा (अक्टूबर 2010 ई. से) ए के अंताराष्ट्रिय हवाई अड्डा के दर्जा मिल गइल बा। बनरस जंक्शन, जेवना के वाराणसी कैंट रेलवे टीशन कहल जाला, बनारस के सबसे व्यस्त रेलवे इस्टेशन बा। ए कर लोड कम करे खातिर मुग़लसराय में टीशन बा आ उहो भारत की सबसे व्यस्त रहेवाला इस्टेशनन में गिनाला। कैंट टीशन से रोज़ करीबन साढ़ेतीन लाख से ज्यादा लोग आ 240 की लगभग रेलगाड़ी गुजरेला। बनारस से हो के राष्ट्रिय हाइवे 2 गुजरेला जेवन ए शहर के पूरुब ओर [[कोलकाता|कलकत्ता]] से आ पच्छिम ओर वाया [[इलाहाबाद]] [[दिल्ली]] से जोड़ेला। स्वर्णिम चतुर्भुज योजना में एके बढ़िया बिकास भइल बा आ ए हाइवे के चार लेन के बना दिहल गइल बा। राष्ट्रिय हाइवे 29 बनारस के वाया [[ग़ाज़ीपुर|गाजीपुर]], [[मऊ]], [[गोरखपुर]] से जोड़त बा; राष्ट्रिय हाइवे 7 जेवन भारत के सबसे लंबा हाइवे ह ऊ इहाँ से [[नागपुर]], [[हैदराबाद]] होत कन्याकुमारी तक जाला; आ राष्ट्रिय हाइवे 56 जौनपुर, सुल्तानपुर होत [[लखनऊ]] ले जाला। गंगा में नाव पर जल परिवहन बनारस की खातिर एगो महत्व के चीज बहुत प्राचीन काल से हवे। आजकाल गंगा नदी में हल्दिया (कलकत्ता) से इलाहाबाद ले घोषित राष्ट्रिय जल मार्ग – 1 बनारस से हो के गुजरेला। बनारस शहर की अन्दर परिवहन खातिर सिटी बस, छोटका टेम्पू, आ रेक्सा साधन बा। [[घाट]] की किनारे किनारे नाव से भी आइल-जाइल जा सकेला। बनारस के ज्यादातर बस्ती अंग्रेजन के पहिले के बसल बा जेवन आजकाल की परिवहन की साधन आ मोटर-गाड़ी की की हिसाब से ना बसल रहे। बाद के बस्ती भी सरकारी लापरवाही आ बिना योजना के बस गइल। नतीजा ई बा कि आज बनारस के सड़क कुल जाम खातिर मशहूर हो गइल बाड़ी।
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