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==सेहत आ सेहत सुबिधा== [[File:District Hospital.jpg|thumb|right|कानपुर देहात के जिला अस्पताल]] उत्तर प्रदेश में सरकारी आ निजी क्षेत्र मिला के बड़हन पैमाना पर स्वास्थ्य सुबिधा खातिर [[इंफ्रास्ट्रक्चर]] के बिकास भइल बा बाकी सेहत के अलग-अलग पैरामीटर पर अन्य राज्य सभ से तुलना कइल जाय त इहाँ के परफारमेंस बहुत उत्साहजनक नइखे। भले पब्लिक आ प्राइवेट सेक्टर में स्वास्थ्य सुबिधा के लमहर-चाकर इन्फ्रास्ट्रक्चर मौजूद होखे, इहँवा के बिसाल जनसंख्या के कारण ई जरूरत भर के ना बाटे आ अइसन सेवा सभ के डिमांड पूरा ना क पावे ला। पछिला 15 साल में, उत्तर प्रदेश के जनसंख्या में लगभग 25 प्रतिशत से अधिका के बढ़ती भइल बा। जबकि, सरकारी स्वास्थ्य केंद्र, जवन पब्लिक सेक्टर के सभसे अगिला मोर्चा के स्वास्थ्य सुबिधा बा, इनहन के संख्या में आठ प्रतिशत के गिरावट आइल बा।<ref name="health"/> छोटहन उपकेंद्र सभ, जहाँ जनता के पहिला संपर्क एह सुबिधा सभ से होला, इनहन के संख्या में बस 2 प्रतिशत के बढती भइल बा अगर 2015 के पहिले के 25 साल में भइल बदलाव के देखल जाय, जबकि एही समय में राज्य के जनसँख्या में 51 परसेंट से ढेर के बढ़ती भइल बा।<ref name="health"/> एगो नया पैदा भइल बच्चा के जिए के आशा के तुलना कइल जाय त बिहार के तुलना में ओकर जीवन प्रत्याशा चार बरिस कम, हरियाणा के तुलना में पाँच साल कम, आ हिमाचल प्रदेश के तुलना में सात बरिस कम रहे ला। भारत के स्तर पर, सगरी छुआछूत से फइले वाली भा गैर-छुआछूत वाली बेमारी सभ में उत्तर प्रदेश लगभग सभन में सभसे ढेर केस वाला रहल, एह में टाईफाइड से होखे वाला मउअत के 48 परसेंट (2014); 17 परसेंट कैंसर से होखे वाला मौत आ 18 परसेंट टीबी से होखे वाला मउअत (2015) उत्तर प्रदेश से रहल।<ref name="health"/> महतारी मउअत दर के मामिला में आसाम के बाद उत्तर प्रदेश भारत में दूसरा नमर प बाटे आ इहाँ हर एक लाख जचगी करे वाली औरतन में से 285 के मौत के एभरेज (2013) बाटे, आ सौ में 62 गर्भवती औरतन के जचगी के बाद जवन कमसेकम स्वास्थ्य-सुबिधा मिले के चाहीं ऊ ना उपलब्ध हो पावे ला।<ref name="health">{{cite web|title=Factsheet- Uttar Pradesh|url=http://www.censusindia.gov.in/vital_statistics/AHSBulletins/AHS_Factsheets_2012-13/FACTSHEET-UTTAR_PRADESH.pdf|website=censusindia.gov.in|publisher=''Ministry of Home Affairs''|accessdate=14 अगस्त 2017|ref=health}}</ref> अभिन भी राज्य में 42 प्रतिशत औरत, संख्या में ई 15 लाख से ढेर होखी, घरहीं जचगी करे लीं। अइसन जचगी सभ में से लगभग दू तिहाई हिस्सा (61 प्रतिशत) सुरक्षित ना होला।<ref name="Health and Family">{{cite web|title=State of Health in Uttar Pradesh- Urban Health Resource Center|url=http://www.uhrc.in/downloads/Reports/up.pdf|website=uhrc.in|publisher=''Ministry of Health and Family Welfare''|accessdate=14 अगस्त 2017}}</ref> शिशु मौत दर के आँकड़ा उत्तर प्रदेश में हाई बाटे, नवजात मौत दर (NNMR) से पाँच बरिस के भीतर मरे वाला बच्चा सभ के इंडिकेटर देखल जाय त हर 1000 जनमल बच्चा सभ में से 64 गो मर जालें, एह में से 35 गो महीना के भीतरे मर जालें आ 50 गो साल भर के उमिर पूरा ना का पावे लें।<ref name="Rural">{{cite web|title=Rural Health Statistics|url=http://wcd.nic.in/sites/default/files/RHS_1.pdf|website=wcd.nic.in|publisher=''Ministry of Health and Family Welfare Statistics Division''|accessdate=14 अगस्त 2017}}</ref> अगर भारत के मानक के हिसाब से देखल जाय, प्रदेश के लगभग एक तिहाई हिस्सा ग्रामीण जनसंख्या मूलभूत स्वास्थ्य सुबिधा से बंचित बाटे।<ref name="Delivery">{{cite web|title=Public Private Partnership in Uttar Pradesh Health Care Delivery System|url=http://www.cehat.org/go/uploads/PPP/bibisratpaper.pdf|website=cehat.org|publisher=''UPHSDP''|accessdate=14 अगस्त 2017}}</ref> हाल में, [[गोरखपुर]] में 60 ढेर बच्चन के अस्पताल में मौत हो गइल, एकर कारण उहाँ ऑक्सीजन के सप्लाई में कमी होखल बतावल गइल।<ref name="oxygen">{{cite news|title=India to Investigate 64 Children’s Deaths at Hospital in Uttar Pradesh|url=https://www.wsj.com/articles/indian-province-to-investigate-64-childrens-deaths-at-hospital-1502628951|agency=Wall Street Journal}}</ref>
सारांश:
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भोजपुरीपिडिया:कापीराइट सब
देखीं)।
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कैंसिल
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