Jump to content
Main menu
Main menu
move to sidebar
लुकवाईं
नेविगेशन
मुख्य पन्ना
हाल के बदलाव
अट्रेंडम पन्ना
मीडियाविकि के बारे में मदद
भोजपुरीपिडिया
खोज
खोजीं
Appearance
खाता बनाईं
खाता में प्रवेश
निजी औजार
खाता बनाईं
खाता में प्रवेश
Pages for logged out editors
learn more
योगदान
बातचीत
भारत
(खंड) के संपादन कइल जात बा
पन्ना
बातचीत
भोजपुरी
पढ़ीं
संपादन करीं
स्रोत संपादित करीं
इतिहास देखीं
औजार
औजार
move to sidebar
लुकवाईं
Actions
पढ़ीं
संपादन करीं
स्रोत संपादित करीं
इतिहास देखीं
जनरल
इहाँ का जुड़ल बा
संबंधित बदलाव
खास पन्ना
पन्ना से जुड़ल जानकारी
Appearance
move to sidebar
लुकवाईं
चेतावनी:
रउआँ आपन खाता में प्रवेश नइखीं कइले। अगर रउआँ कौनों बदलाव करब त राउर आईपी पता सभके लउकी। अगर रउआ
खाता में प्रवेश करब
या
नया खाता बनाइब
तब, अउरी सुबिधा सब की संघे राउर संपादन के श्रेय भी राउर प्रयोगकर्तानाँव के मिली!
स्पैम-बिरोधी रोक (Anti-spam check) एके
मत
भरीं!
== इतिहास == {{main|भारत के इतिहास}} === प्राचीन भारत === मानव<!-- [[Anatomically modern humans|human]] --> के सभसे पुरान अवशेष [[दक्खिन एशिया]] में मिलले के प्रामाणिक तिथि 30,000 साल पहिले के बतावल जाला।{{sfn|Petraglia|Allchin|2007|p=6}} लगभग एही काल के मेसोलिथिक रॉक आर्ट के साइट सभ भारत के कई सारा भाग में पावल गइल बाड़ी, जवना में [[मध्य प्रदेश]] में मौजूद भीमबेटका के गुफा उल्लेख जोग बाड़ी सऽ।{{sfn|Singh|2009|pp = 89–93}} उपमहादीप में, लगभग 7,000 ईसा पूर्व के नियोलिथिक आबादी के पहिला चीन्हा मेहरगढ़ आ कुछ अन्य पच्छिमी पाकिस्तानी इलाका में मिले ला।{{sfn|Possehl|2003|pp = 24–25}} ईहे क्रमशः बिकास करिके [[सिंधु घाटी सभ्यता]] के निर्माण कइलें,{{sfn|Kulke|Rothermund|2004|pp = 21–23}} जवन दक्खिनी एशिया में पहिला शहरी संस्कृति रहल;{{sfn|Singh|2009|p = 181}} ई लगभग 2500-1900 ई॰पू॰ के समय में वर्तमान समय के पाकिस्तान आ पच्छिमी भारत के इलाका में फलल-फुलाइल।{{sfn|Possehl|2003|p = 2}} [[मुअनजोदारो]] (मोहनजोदड़ो), [[हड़प्पा]], धौलावीरा, राखीगढ़ी आ कालीबंगा जइसन शहरन के इर्द-गिर्द केंद्रित, बिबिध प्रकार के रोजगार पर आजीविका खातिर निर्भर, ई सभ्यता शिल्प उत्पादन आ तरह-तरह के बाणिज्य-ब्यापार में काफी आगे रहल।{{sfn|Singh|2009|p = 181}} [[चित्र:Map of Vedic India.png|thumb|right|272px|[[वैदिक काल]] में भारतीय उपमहादीप के स्थिति देखावत नक्शा]] [[चित्र:Indischer Maler des 6. Jahrhunderts 001.jpg|thumb|left|200px|upright|alt=ओठङ्घल आदमी आ औरत के चित्र, एगो खराब हो चुकल भूअर पेंटिंग|[[अजंता गुफा]], [[औरंगाबाद, महाराष्ट्र]], 6वीं सदी ई॰पू॰]] [[चित्र:Sanchi2.jpg|thumb|left|200px|तीसरी शताब्दी में सम्राट [[अशोक]] द्वारा बनावल गईल [[मध्य प्रदेश]] में [[साँची के स्तूप]]।]] 2000-500 ई॰पू॰ के समय में संस्कृति में मामिला में, उपमहादीप के कई गो क्षेत्र चाल्कोलिथिक से [[लोहा जुग]] में प्रवेश कइलें।{{sfn|Singh|2009|p = 255}} हिंदू लोग के सभसे पुरान ग्रंथ [[वेद]]{{sfn|Singh|2009|pp = 186–187}} एही काल में रचल गइलें {{sfn|Witzel|2003|pp = 68–69}} आ इतिहासकार लोग पंजाब क्षेत्र आ ऊपरी [[सिंधु-गंगा के मैदान|गंगा मैदान]] में एगो वैदिक संस्कृति प्रकल्पित कइले बा।{{sfn|Singh|2009|p = 255}} ज्यादातर इतिहासकार लोग एह काल के दौरान, उपमहादीप में कई ठे लहर के रूप में इंडो-आर्यन माइग्रेशन भइले के भी स्वीकार करे ला।{{sfn|Kulke|Rothermund|2004|p = 31}}{{sfn|Singh|2009|pp = 186–187}} कास्ट सिस्टम<!-- एकर अनुवाद फिलहाल "जाति/वर्ण व्यवस्था" मत कइल जाय --> एही काल में पैदा भइल आ समाज में ऊँच-नीच के बिभाजन भइल जवना में क्रम से पुजारी, जुद्ध करे वाला आ खेती आ बाणिज्य करे वाला, आ सबसे नीचे अशुद्ध मानल जाये वाला पहिले के लोग<!-- indigenous के भोजपुरी "मूलनिवासी" मत कइल जाय, एह में बिबाद के संभावना बाटे कि आर्य लोग के पहिले इहाँ रहे वाला खुद कहाँ से/कब? आइल रहल आ केकरा के मूल निवासी मानल जाय -->; आ छोट जनजातीय इकाई सभ एकट्ठा हो के धीरे-धीरे राजसत्ता वाले राज्य में बदलत गइल।{{sfn|Kulke|Rothermund|2004|pp = 41–43}}{{sfn|Singh|2009|p = 200}} पुरातत्व के खोज में, [[दक्कन पठार]] इलाका में एह काल में मुखिया आधारित राजनीतिक<!-- chiefdom stage of political organisation --> इकाई होखला के परमान मिलल बा।{{sfn|Singh|2009|p = 255}} दक्खिनी भारत में एह समय के स्थाईत्व वाली जिनगी के परमान के रूप में कई ठे मेगालिथिक स्मारक मिलल बानें,{{sfn|Singh|2009|pp = 250–251}} संगहीं अगल-बगल खेती के परमान मिलल बा, सिंचनी खातिर बनल तालाब, आ कारीगरी के परमान भी मिलल बाटे।{{sfn|Singh|2009|pp = 250–251}} लेट [[वैदिक काल]] में, छठवीं सदी ईसा पूर्व के आसपास, [[गंगा]] के मैदान आ उत्तरी पच्छिमी इलाका के छोट-छोट राज्य मिल के 16 गो "महाजनपद", जिनहना में कुछ राजतन्त्र वाला रहलें कुछ गणतंत्र नियर, में समाहित हो गइलें।{{sfn|Singh|2009|pp = 260-265}}{{sfn|Kulke|Rothermund|2004|pp = 53–54}} एही काल में नगरीकरण के उपज के बाद गैर-वैदिक धार्मिक आंदोलन के परिणाम के रूप में दू गो नया स्वतंत्र धर्म पैदा भइलें। [[जैन धर्म]] एकरे उपदेशक महावीर के समय में महत्व हासिल कइलस।{{sfn|Singh|2009|pp = 312–313}} [[गौतम बुद्ध]] के उपदेश पर आधारित [[बौद्ध धर्म]] के अनुयायी समाज के सगरी वर्ग से आ के जुड़लें, मध्य वर्ग के छोड़ के; बुद्ध के जीवन के घटना के संग्रह से भारत में रेकार्डेड इतिहास के सुरुआत भइल।{{sfn|Kulke|Rothermund|2004|pp = 54–56}}{{sfn|Stein|1998|p = 21}}{{sfn|Stein|1998|pp = 67–68}} शहरी संपन्नता के एह युग में त्याग<!-- [[Nekkhamma|renunciation]] --> के आदर्श घोषित कइलें,{{sfn|Singh|2009|p = 300}} आ दुनों धर्म लंबा समय खातिर एगो संन्यासी परंपरा के अस्थापना कइलें। राजनीतिक रूप से, तीसरी सदी ईसा पूर्व में, [[मगध]] राज ज्यादातर छोट राज्यन के अपना में मिला के एगो बिसाल राज के स्थापना कइलस जवना के [[मौर्य साम्राज्य]]के नाँव से जानल जाला।{{sfn|Singh|2009|p = 319}} ई साम्राज्य ओह समय में सुदूर दक्खिन के कुछ इलाका के छोड़ के बाकी पूरा उपमहादीप पर शासन कइलस; हालाँकि,अब इहो मानल जाए लागल बा कि एकर कोर इलाका के बीच-बीच में कई गो बड़हन स्वशासित (ऑटोनॉमस) इलाका भी रहलें।{{sfn|Stein|1998|pp = 78–79}}{{sfn|Kulke|Rothermund|2004|p = 70}} मौर्य राजा लोग के उनहन लोग के साम्राज्य-स्थापना खातिर लगन आ पब्लिक सुबिधा के मैनेजमेंट खातिर भी ओतने जानल जाला जेतना कि [[अशोक]] के जुद्ध के त्याग आ बौद्ध ''धम्म'' के परचार-प्रसार खातिर जानल जाला।{{sfn|Singh|2009|p = 367}}{{sfn|Kulke|Rothermund|2004|p = 63}} [[तमिल भाषा]] के [[संगम साहित्य]] ई उजागिर करे ला की 200 ईपू से 200 ईसवी के बीच, दक्खिनी प्रायदीप पर [[चेर बंस|चेर]], [[चोल बंस|चोल]], आ [[पांड्य बंस|पांड्य]] लोग के शासन रहल, आ ई राज्य सभ बड़ा पैमाना पर [[रोमन साम्राज्य]], [[पच्छिमी एशिया|पच्छिम]] आ [[दक्खिन पूर्ब एशिया]] के साथ ब्यापार करें।{{sfn|Stein|1998|pp = 89–90}}{{sfn|Singh|2009|pp = 408–415}} उत्तरी भारत में, हिंदू धर्म के अंदर परिवार पर पितृसत्तात्मक कंट्रोल मजबूत भइल आ, औरतन के स्थिति पहिले से कमोजर भइल।{{sfn|Stein|1998|pp = 92–95}}{{sfn|Singh|2009|p = 319}} 4थी-5वीं सदी ले [[गुप्त साम्राज्य]], बृहत् गंगा मैदान के इलाका में प्रशासन आ टैक्स कलेक्शन के एगो ब्याबस्थित सिस्टम दिहलस जवन बाद के राजा लोग खातिर मॉडल के काम कइलस।{{sfn|Kulke|Rothermund|2004|pp = 89–91}}{{sfn|Singh|2009|p = 545}} गुप्त लोग के शासन में, हिंदू धर्म के पुनरुत्थान भइल आ ई भक्ति आ श्रद्धा पर आधारित हो गइल बजाय कर्मकांड पर जोर दिहले के आ ई फिर से महत्व हासिल करे शुरू कइलस।{{sfn|Stein|1998|pp = 98–99}} एह नवीनीकरण के चीन्हा [[भारतीय उपमहादीप में मूर्तिकला|मूर्तिकला]] आ [[भारतीय आर्किटेक्चर|आर्किटेक्चर]] में प्रगट होला, जवन नगरीय अभिजात वर्ग के संरक्षण पा के बिकसित भइल।{{sfn|Singh|2009|p = 545}} [[संस्कृत साहित्य#क्लासिकल संस्कृत साहित्य|क्लासिकल संस्कृत साहित्य]] में उत्कर्ष भइल, आ [[भारतीय उपमहादीप में बिज्ञान आ टेक्नालॉजी के इतिहास|भारतीय बिज्ञान]], [[भारतीय खगोलशास्त्र|ज्योतिष]], [[आयुर्वेद]], आ [[भारतीय गणित|गणित]] के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति भइल।{{sfn|Singh|2009|p = 545}} === मध्यकाल === 12वीं शताब्दी के शुरुआत में, भारत पर [[भारतीय उपमहादीप के इस्लामिक इतिहास|इस्लामी आक्रमणन]] के बाद, उत्तरी अउर केन्द्रीय भारत के अधिकांश भाग [[दिल्ली सल्तनत]] के शासनाधीन हो गईल; आ बाद में, अधिकांश उपमहाद्वीप [[मुगल]] वंश के अधीन हो गईल। दक्षिण भारत में [[विजयनगर साम्राज्य]] शक्तिशाली बनल। मुगलन के संक्षिप्त अधिकार के बाद सत्रहवीं सदी में दक्षिण आ मध्य भारत में मराठन का उत्कर्ष भयल। उत्तर पश्चिम में सिक्खन के शक्ति में बढ़त भइल। 17वीं शताब्दी के मध्यकाल में [[पुर्तगाल]], [[डच]], [[फ्रांस]], [[ब्रिटेन]] सहित अनेक यूरोपीय देशन, जे भारत से व्यापार करे के चाहत रहलन, देश के आतंरिक शासकीय अराजकता के फायदा उठईलन। अंग्रेज दूसरे देशों से व्यापार के चाहे वाला लोगन के रोके में सफल भइलेन और 1840 तक लगभग पूरा देश पर शासन करे में सफल भइलेन। 1857 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी के विरुद्ध असफल विद्रोह, जे [[1857 के बिद्रोह|भारत के आजादी के प्रथम संग्राम]] के रूप में भी जानल जला, के बाद भारत के अधिकांश भाग सीधे अंगरेजी शासन के प्रशासनिक नियंत्रण में आ गईल।<ref>{{cite web | url=http://india.gov.in/knowindia/history_freedom_struggle.php | title=History : Indian Freedom Struggle (1857-1947) | publisher=National Informatics Centre | accessdate=2007-10-03 | quote=And by 1856, the British conquest and its authority were firmly established.}}</ref> === आधुनिक काल === बीसवी सदी के प्रारम्भ में आधुनिक शिक्षा क प्रसार और विश्वपटल पर बदलती राजनीतिक परिस्थितियन के चलते भारत में एक बौद्धिक आन्दोलन क सूत्रपात भयल जे सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर अनेक बदलाव और कई आन्दोलन क नीव रखलस। 1885 में [[इन्डियन नेशनल कांग्रेस]] क स्थापना स्वतन्त्रता आन्दोलन के एक गतिमान स्वरूप देहलस। बीसवीं शताब्दी के शुरुआत में लम्बा समय तक स्वतंत्रता प्राप्ति के लिये बहुत बड़ा अहिंसावादी संघर्ष चलल, जेकर नेतृत्व [[महात्मा गाँधी|महात्मा गांधी]], जिनके आधिकारिक रुप से आधुनिक भारत क 'राष्ट्रपिता' के रूप में संबोधित करल जाला, कईलेन। एकरे साथ-साथ [[चंद्रशेखर आजाद]], [[सरदार भगत सिंह]], [[सुखदेव]], [[राजगुरू]], [[नेताजी सुभाष चन्द्र बोस]], [[सावरकर]] आदि के नेतृत्व में चलल क्रांतिकारी संघर्ष के फलस्वरुप 15 अगस्त, 1947 के भारत ने अंगरेजी शासन से पूर्णतः स्वतंत्रता प्राप्त कईलस। ओकरे बाद 26 जनवरी, 1950 के भारत एक गणराज्य बनल। भारत के पड़ोसी राष्ट्रन के साथ अनसुलझा सीमा विवाद ह। एही खातिर एके छोटा पैमाना पर युद्ध का भी सामना करे के पड़ल। 1962 में चीन के साथ, अउर 1947, 1965, 1971 अउर 1999 में पाकिस्तान के साथ लड़ाई हो चुकल बा। भारत गुटनिरपेक्ष आन्दोलन अउर [[संयुक्त राष्ट्र संघ]] के संस्थापक सदस्य देशन में से एक बाटे। 1974 में भारत आपन पहिला परमाणु परीक्षण कईले रहल जेकरे बाद 1998 में 5 अउर परीक्षण भयल। 1990 के दशक में भयल आर्थिक सुधारीकरण क बदौलत आज देश सबसे तेज़ी से विकासशील राष्ट्रन क सूची में आ गयल बा।
सारांश:
ई नोट कर लीं कि भोजपुरीपिडिया पर सगरी योगदान के दुसरा योगदानकर्ता लोगन द्वारा संपादित कइल जा सकेला, बदलल या हटावल जा सकेला। अगर आप ई नइखीं चाहत की राउर लिखल चीज के केहू भी बे-मोहछोह के संपादित क दे, तब ए के इहाँ मत डालीं।
रउआँ इहो वादा करत बानी की आप ई खुद लिखले बानी या फिर पब्लिक पहुँच में मौजूद या अइसने कौनों फ्री स्रोत से नकल कइले बानी (ढेर जानकारी खातिर
भोजपुरीपिडिया:कापीराइट सब
देखीं)।
बिना परमीशन के कॉपीराइट वाली चीज इहाँ कब्बो मत डालीं!
कैंसिल
संपादन में मदद
(नया विंडो में खोलीं)