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== प्रकार == सैटेलाइट इमेज सभ के अलगा-अलगा आधार पर कई प्रकार में बाँटल जा सके ला: === स्पेशियल रिजोल्यूशन === पिक्सेल इमेज के सभसे छोट इकाई होला। इमेज में एगो पिक्सेल जमीन के केतना एरिया के देखा रहल बा एह आधार पर इमेज के स्पेशियल रिजोल्यूशन तय होला।<ref name="Setyawan" /> स्पेशियल रिजोल्यूशन आमतौर पर मीटर में लिखल आ बतावल जाला। 10m के रिजोल्यूशन के मतलब भइल कि इमेज एक एक ठो पिक्सेल जमीन पर के 10 मीटर लमहर आ 10 मीटर चाकर हिस्सा के एगो पिक्सेल में कभर करत बा। एह तरीका से ई नंबर जेतना छोट होखी इमेज के रिजोल्यूशन पावर ओतने बेसी आ बेहतर होखी। मने की 10 मीटर के स्पेशियल रिजोल्यूशन वाली इमेज से 1 मीटर स्पेशियल रिजोल्यूशन वाली फोटो में बेसी डिटेल में जानकारी दर्ज होखी काहें की ऊ हर 1×1 मीटर के एरिया खातिर एगो पिक्सेल के इस्तेमाल क रहल होखी। एह आधार पर सैटेलाइट इमेज सभ के '''लो रिजोल्यूशन''', '''मीडियम/मॉडरेट रिजोल्यूशन''' आ '''हाई रिजोल्यूशन''' के इमेज में बाँटल जाला।<ref>{{cite web |title=Gisat / Low and Medium Resolution |url=http://www.gisat.cz/content/en/satellite-data/supplied-data/low-and-medium-resolution?senzor=552 |website=www.gisat.cz |access-date=30 दिसंबर 2021}}</ref><ref name="Setyawan"/><ref>{{cite book |last1=He |first1=Yuhong |last2=Weng |first2=Qihao |title=High Spatial Resolution Remote Sensing: Data, Analysis, and Applications |date=27 जून 2018 |publisher=CRC Press |isbn=978-0-429-89299-8 |url=https://books.google.co.in/books?id=3y1iDwAAQBAJ&newbks=1&newbks_redir=0&lpg=PP1&dq=Spatial%20resolution&hl=hi&pg=PT7#v=onepage&q=Spatial%20resolution&f=false |access-date=30 दिसंबर 2021 |language=en}}</ref> एह रिजोल्यूशन के आधार पर इमेज के सटीकता (एक्यूरेसी) अलग-अलग होखे लें।<ref name="Setyawan">{{cite web |last1=Setyawan |first1=Eric |title=Satellite Imagery: Resolution vs. Accuracy |url=https://www.intermap.com/blog/satellite-imagery-resolution-vs.-accuracy |website=www.intermap.com |access-date=30 दिसंबर 2021 |language=en}}</ref> === स्पेक्ट्रल रिजोल्यूशन के आधार पर === [[चित्र:Large Kolkata Landsat.jpg|thumb|मल्टी-स्पेक्ट्रल इमेज के उदाहरण: [[कलकत्ता]] शहर के एगो फाल्स कलर-कंपोजिट इमेज, [[लैंडसैट]] सैटेलाइट से लिहल।]] ;पैनक्रोमैटिक: इमेज सभ करिया-सफेद इमेज (ब्लैक&वाईट) होलीं आ इनहन में स्पेक्ट्रम के एगो बड़हन हिस्सा कभर होला जबकि इनहन के स्पेशियल रिजोल्यूशन मल्टी-स्पेक्ट्रल इमेज से बेहतर होला। उदाहरण खातिर, लैंडसैट 8 के ईटीएम सेंसर में पैनक्रोमैटिक इमेज 0.503 — 0.676 माइक्रोमीटर के रेंज में फोटो ले लीं आ एकर स्पेशियल रिजोल्यूशन 15 मीटर होला। ;मल्टीस्पेक्ट्रल: इमेज में स्पेक्ट्रम के छोट-छोट रेंज सभ में बाँट के कई बैंड बना के इमेज लिहल जालीं। एह अलग-अलग बैंड के इमेज सभ से कलर कंपोजिट इमेज बनावल जा सके लीं। ;हाइपरस्पेक्ट्रल: बहुत महीन महीन हिस्सा में स्पेक्ट्रम के बाँट के लिहल इमेज होखे लीं।<ref>{{cite web |title=Fundamemtals of Hyperspectral Remote Sensing |url=https://gisresources.com/fundamemtals-of-hyperspectral-remote-sensing_2/ |website=GIS Resources |date=13 अगस्त 2013}}</ref> === मौसम बिज्ञान में === मौसम बिज्ञान संबंधी आँकड़ा देवे वाली सैटेलाइट इमेज सभ के मुख्य रूप से तीन प्रकार में बाँटल जाला।<ref>{{cite web |last1=US Department of Commerce |first1=NOAA |title=Three types of satellite imagery |url=https://www.weather.gov/mrx/sattype |website=www.weather.gov |access-date=30 दिसंबर 2021 |language=EN-US}}</ref><ref>{{cite web |title=Module 5 - Satellite Images |url=https://cimss.ssec.wisc.edu/satmet/modules/5_sat_images/si-1.html |website=cimss.ssec.wisc.edu |access-date=30 दिसंबर 2021}}</ref> ई आधार एक तरह से स्पेक्ट्रल रिजोल्यूशन के आधार पर बर्गीकरण हवे जे अलगा-अलगा बैंड के डेटा के मौसम बिज्ञान में उपयोगिता के आधार पर इस्तेमाल कइल जाला। ;विजिबल (VIS): देख्लाई पड़े वाला स्पेक्ट्रम रेंज में लिहल इमेज। मतलब कि देख्लाई पड़े वाला रोशनी के इमेज। ई रात के समय कुछ ना रिकार्ड करे लीं काहें कि ओह समय सुरुज के रोशनी ना पड़ रहे ला आ कौनों प्रकाश पृथ्वी के सतह से लवट के सेंसर ले एह बैंड में ना पहुंचे ला। दिन के समय में ई बादर आ कोहरा के देखे में सभसे उपयोगी होखे लीं। भारतीय मौसम बिज्ञान बिभाग एह इमेज सभ के 0.65µm चैनल के रूप में चिन्हित करे ला आ इनहन के रेंज देखलाई पड़े वाला स्पेक्ट्रम (0.4µm — 0.7µm) होला।<ref>{{cite web |title=Satellite Images |url=https://mausam.imd.gov.in/imd_latest/contents/satellite.php |website=mausam.imd.gov.in |access-date=30 दिसंबर 2021}}</ref> ;इंफ्रारेड (IR): इंफ्रारेड बैंड में। ई एक तरह से पृथ्वी के कौनों हिस्सा के तापमान के चित्र होला। जहाँ तापमान बेसी होला ओहिजे के एरिया इमेज में बेसी चमकदार (उज्जर) देखलाई पड़े ला। सभसे प्रमुख बात ई कि एह बैंड के इमेज सुरुज के रोशनी पर निर्भर ना होला आ रात के समय भी कामे आवे ला। एह इमेज सभ में बादर के ऊपरी सतह के तापमान के अंजाद लगावल जा सके ला आ एह तरीका से उनहन के ऊँचाई के जानकारी हासिल कइल जा सके ला।<ref>{{cite web |title=What is an IR satellite image? {{!}} Atmospheric and Oceanic Sciences |url=https://atmos.ucla.edu/weather/satellite/about |website=atmos.ucla.edu |access-date=30 दिसंबर 2021}}</ref> भारतीय मौसम बिभाग एकरा के आइआर 1 (10.8 µm) चैनल के रेंज 10-12µm हवे। ;वाटर वेपर चैनल (WV): पृथ्वी के गर्मी देखलाई पड़े वाला आ इंफ्रारेड बैंड में बाहर निकसे ला जबकि वायुमंडल में मौजूद पानी के भाप द्वारा एकर कुछ हिस्सा सोख लिहल जाला। एह तरीका से कुछ बिसेस स्पेक्ट्रल बैंड में, जे भाप के कारन सोख लिहल जालें, इमेज लिहले पर ई पता चल जाला कि वायुमंडल में केतना भाप मौजूद बा।<ref>{{cite web |title=CIMSS Water Vapor Imagery Tutorial -- Introduction and History |url=https://cimss.ssec.wisc.edu/goes/misc/wv/wv_intro.html |website=cimss.ssec.wisc.edu |access-date=30 दिसंबर 2021}}</ref> भारतीय मौसम बिभाग के इमेज में ई चैनल 6.8 µm के नाँव से जानल जाला आ 6-7 µm के स्पेक्ट्रल बैंड में फोटो खींचे ला जेह में भाप द्वारा रेडियेशन सोखल जाला।
सारांश:
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भोजपुरीपिडिया:कापीराइट सब
देखीं)।
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