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==मान्यता== छठ के पूजा कब सुरू भइल आ काहें सुरू भइल एकरे बारे में कई गो कथा आ मान्यता चलन में बाड़ी सऽ। कथा सभ बतावल जालीं कि, सुकन्या नाँव के औरत सूर्य के पूजा कइले रहली जेकरे बाद से ई बरत छठ के रूप में मनावल जाए लागल। कृष्ण के बेटा साम्ब के शापित हो के कोढ़ के रोगी हो जाए के बाद सुरुज देवता के पूजा करे के उल्लेख भी मिले ला। महाभारत के हवाला दे के द्रौपदी के छठ ब्रत रहे के बात कहल जाले आ कुछ जगह कर्ण द्वारा एह पूजा के सुरू करे के बात कहल जाला। रामकथा में सीता द्वारा राम के राज्याभिषेक के बाद भइल दीपावली के बाद छठ के सुरुज भगवान के आराधना करे के बात बतावल जाला।<ref name="Jha2017">{{cite book|author=विनोद नंद झा |title=एक माटी-दो अध्याय|url=https://books.google.com/books?id=eYM2DwAAQBAJ&pg=PT81|date=20 सितंबर 2017|publisher=डायमंड पाकेट बुक्स प्रा॰ लि॰|isbn=978-93-5278-499-8|pages=81–}}</ref> एगो अन्य कथा मिले ले जेह में एह बरत के देवी ''छठी मइया'' के पूजा के बिबरन मिले ला। एह कथा में बतावल गइल बा कि प्रियव्रत मनु, पहिला मनु रहलें जे महर्षि कश्यप के सलाह अनुसार पुत्रेष्टि जग्य कइलेन। एह जगि के बाद उनके पुत्र भइल बाकी मुर्दा पैदा भइल। शोक में बूड़ल प्रियव्रत आ मालिनी के सोझा एगो देवी प्रगट भइली आ उनके छुअले से संतान जिंदा भ गइल। उहे देवी, अपना के ब्रम्हा के मानस पुत्री बतवली आ अपना पूजा खाती कहली। इनही के पूजा छठ मइया के पूजा के रूप में सुरू भइल।<ref>{{cite web|url=http://www.amarujala.com/spirituality/religion/story-of-chhath-parv-hindi-rj |title=कौन हैं छठी मइया और कैसे शुरु हुई इनकी पूजा, पढ़ें रोचक कथा|publisher=Amarujala.com |date= |accessdate=2017-10-15}}</ref>
सारांश:
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रउआँ इहो वादा करत बानी की आप ई खुद लिखले बानी या फिर पब्लिक पहुँच में मौजूद या अइसने कौनों फ्री स्रोत से नकल कइले बानी (ढेर जानकारी खातिर
भोजपुरीपिडिया:कापीराइट सब
देखीं)।
बिना परमीशन के कॉपीराइट वाली चीज इहाँ कब्बो मत डालीं!
कैंसिल
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