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===देवी=== [[File:Ganga Aarti at Varanasi ghats.jpg|right|thumb|200px| [[बनारस]] के [[दशाश्वमेध घाट]] पर गंगा [[आरती]]]] गंगा नदी के हिंदू घर्म में बहुत पबित्र मानल गइल बाटे। ई नदी आपने बहाव के पूरा लंबाई के हर हिस्सा में पबित्र मानल जाले। एकरा धारा में हर जगह हिंदू लोग अस्नान करे ला<ref name=eck1982-p212>{{Harvnb|Eck|1982|p=212}}</ref> जवना के गंगा नहान कहल जाला, आ गंगाजल हाथ में ले के अपने पुरखा-पुरनिया आ देवता लोग के जल चढ़ावे ला। जल चढ़ावे में अँजुरी में गंगा के पानी भर के हाथ ऊपर क के जल के फिर नीचे गिरा दिहल जाला। एकरे अलावा फूल, अच्छत इत्यादि भी चढ़ावल जाला आ दिया बार के नदी के धारा में प्रवाहित कइल जाला।<ref name=eck1982-p212/> नहान के बाद लोग गंगा जल ले के अपना घरे लवटे ला।<ref name=eck1982-p212-213>{{Harvnb|Eck|1982|pp=212–213}}</ref> केहू के मरला पर ओकर "फूल" (हड्डी के बिना जरले बच गइल हिस्सा) बहावे खातिर गंगा में ले आवेला लोग आ ई मरल बेकति के मुक्ति खातिर कइल जाला।<ref name=eck1982-p212-213/> हिंदू कथा में बर्णन के हिसाब से गंगा सगरी पबित्र जल सभ के प्रतिनिधि स्वरूप हई। <ref name=eck1982-p214>{{Harvnb|Eck|1982|p=214}}</ref> स्थानीय नदी सभ के ''गंगा जइसन'' कहि के बोलावल जाला आ कबो-कबो स्थानीय गंगा के नाँव से भी बोलावल जाला। <ref name=eck1982-p214/> [[कावेरी नदी]] जवन कर्नाटक आ तमिलनाडु में बहे ले, दक्खिन भारत के गंगा कहाले। गोदावरी के महर्षि गौतम द्वारा ले जाइल गइल गंगा मानल जाला जवन मध्य भारत में बहे ले।<ref name=eck1982-p214/> हमेशा जहाँ कहीं धार्मिक कार्य में जल के प्रयोग होला, गंगा के आवाहन कइल जाला काहें की ई मानल जाला की सगरी जल सभ में गंगा मौजूद बाड़ी।<ref name=eck1982-p214/> एकरा बावजूद भी गंगा में नहाये खातिर हिंदू लोग के मन में एगो खास अस्थान बाटे। गंगा में पबित्र धार्मिक अस्थानन पर, जइसे की हरिद्वार, त्रिवेणी संगम, काशी नियर तीर्थ में गंगा नाहन के बिसेस महत्व दिहल जाला।<ref name=eck1982-p214/> गंगा के हिंदू धर्म में अइसन अस्थान बाटे की हिंदू धर्म में कम आस्था रखे वाला लोग भी गंगा के महत्व के स्वीकार करे ला।<ref name=eck1982-p214-215>{{Harvnb|Eck|1982|pp=214–215}}</ref> भारत के पहिला प्रधानमंत्री, जवाहिरलाल नेहरू भी, बहुत आस्तिक ना होखला के बावजूद ई ईच्छा जाहिर कइलें की उनके राख के कुछ हिस्सा गंगा में दहा दिहल जाय।<ref name=eck1982-p214-215/> "The Ganga," he wrote in his will, "is the river of India, beloved of her people, round which are intertwined her racial memories, her hopes and fears, her songs of triumph, her victories and her defeats. She has been a symbol of India's age-long culture and civilization, ever-changing, ever-flowing, and yet ever the same Ganga."<ref name=eck1982-p214-215/>
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