Jump to content
Main menu
Main menu
move to sidebar
लुकवाईं
नेविगेशन
मुख्य पन्ना
हाल के बदलाव
अट्रेंडम पन्ना
मीडियाविकि के बारे में मदद
भोजपुरीपिडिया
खोज
खोजीं
Appearance
खाता बनाईं
खाता में प्रवेश
निजी औजार
खाता बनाईं
खाता में प्रवेश
Pages for logged out editors
learn more
योगदान
बातचीत
अंकगणित
के संपादन कइल जा रहल बा
पन्ना
बातचीत
भोजपुरी
पढ़ीं
संपादन करीं
स्रोत संपादित करीं
इतिहास देखीं
औजार
औजार
move to sidebar
लुकवाईं
Actions
पढ़ीं
संपादन करीं
स्रोत संपादित करीं
इतिहास देखीं
जनरल
इहाँ का जुड़ल बा
संबंधित बदलाव
खास पन्ना
पन्ना से जुड़ल जानकारी
Appearance
move to sidebar
लुकवाईं
चेतावनी:
रउआँ आपन खाता में प्रवेश नइखीं कइले। अगर रउआँ कौनों बदलाव करब त राउर आईपी पता सभके लउकी। अगर रउआ
खाता में प्रवेश करब
या
नया खाता बनाइब
तब, अउरी सुबिधा सब की संघे राउर संपादन के श्रेय भी राउर प्रयोगकर्तानाँव के मिली!
स्पैम-बिरोधी रोक (Anti-spam check) एके
मत
भरीं!
'''अंकगणित''' [[गणित]] के तीन बड़ शाखा में एक ह। अंक चाहे संख्या के गणना से जुडल गणित के शाखा के अंकगणित कहल जाला । एकरा के (ग्रीक मेंΑριθμητική, जर्मन में Arithmetik, अंगरेजी में भी Arithmetic) कहल जाला। ई गणित के जरी ह। गणित के तीन को प्रकार बतावल गईल बा अंकगणित ,बीजगणित आ रेखा गणित एकरा में से अंकगणित से ही गणित शिक्षा के सुरुआत कइल जाला संसार में अईसन शायदे केहु होई जे अंकगणित के उपयोग न करत होई। अंकगणित के अंतर्गत जोड़, घटाव, गुना, भाग, भिन्न,दसमलव आदि के गड़ना कइल जाला | '''अंकगणित के उत्पत्ति''' आदमी जब उत्पन्न भइल तब ओकरा खेती-पाती के ज्ञान न रहे उ जंगल में फल आदि बटोर के खात रहे। फल बटोरे ओकरा दुरी जंगल में जायेके परत रहे। बरसात आदि में फल आदि के भण्डारण के समय फल आदि के गिनती के जरूरत भइल होई तब गणित तथा अंक के आवश्य्कता भइल | तब उ अपना अंगूरी के अंक बनवले | अंगूरी से अंगूरी के जब गिनब तब 9 गो अंगूरी मिली। एह प्रकार से 9 गो प्राकृतिक संख्या के आविष्कार भइल | जहां कवनो अंक ना रहे ओहिजा गोली पार दिआत रहे। वही गोली के बाद में शून्य नाम दिहल गईल वही गोली प चढ़ा के जब दोसर गोली लिखल गईल तब वोकर नाम अनंत दिहल गईल आर्यावर्त में अंकगणित के ज्ञान बहुत पुराना ह। बेद में भी गड़ना के उल्लेख मिलेला। आज भी शून्य ,अनंत आदि आर्यावर्त के ही देन मानल जाला। '''अंक''' :- 1 से 9 तक के आकर के अंक कहल जाला अंक अवधी भाषा के देशज शब्द ह एकर मतलब गोद होला एह शब्द के हिंदी भाषा में भी प्रयोग भइल बा। रामचरित मानस में तुलशीदास जी भी एह शब्द के प्रयोग कइले बानी। '''संख्या''' एक से अधिक अंक के जब एक संगे लिखल जाला तब ओकरा के संख्या कहल जाला। भोजपुरी में एहि से मिळत - जुलत एक अउर शब्द बा संखा जवना के मतलब संतान होला | '''अंक गणित में गड़ना के प्रकार''' अंक गणित में चार प्रक़र के गड़ना कइल जाला | '''♦ जोड़:- ''' संख्या दू प्रक़र के मानल गईल बा एगो के ऋणात्मक संख्या आ दोसरकी के धनात्मक संख्या कहल गईल बा गणित में एगो संख्या रेखा के कल्पना कइल जाला जेकरा मध्य में शून्य आ बाये दहिने कमश ऋणात्मक संख्या आ धनात्मक संख्या मानल गईल बा चित्र देखि अब धनात्मक संख्या चाहे ऋणात्मक संख्या के आपस में जोड़े के किया जोड़ कहल जाला जैसे : 2 + 5 = 7 या -5 +-3 =-8 '''♦ घटाव :-''' दुनो प्रकार के संख्या के आपस में घटावे के क्रिया घटाव कहला जैसे 5-3 = 2 या -8 - -5 =-13 '''♦ गुना :-''' दुनो प्रकार के संख्या के आपस के गुडांफल निकले के किया के गुना कहल जाला जैसे 5 X 3 = 15 '''♦ भाग :- ''' दुनो प्रकार के संख्या के आपस में भागफल निकले के क्रिया भाग कहला जैसे 6 ÷ 3 = 3 {{गणित-आधार}} [[श्रेणी:गणित]] [[श्रेणी:अंकगणित]]
सारांश:
ई नोट कर लीं कि भोजपुरीपिडिया पर सगरी योगदान के दुसरा योगदानकर्ता लोगन द्वारा संपादित कइल जा सकेला, बदलल या हटावल जा सकेला। अगर आप ई नइखीं चाहत की राउर लिखल चीज के केहू भी बे-मोहछोह के संपादित क दे, तब ए के इहाँ मत डालीं।
रउआँ इहो वादा करत बानी की आप ई खुद लिखले बानी या फिर पब्लिक पहुँच में मौजूद या अइसने कौनों फ्री स्रोत से नकल कइले बानी (ढेर जानकारी खातिर
भोजपुरीपिडिया:कापीराइट सब
देखीं)।
बिना परमीशन के कॉपीराइट वाली चीज इहाँ कब्बो मत डालीं!
कैंसिल
संपादन में मदद
(नया विंडो में खोलीं)
ए पन्ना पर इस्तेमाल टेम्पलेट:
टेम्पलेट:गणित-आधार
(
संपादन करीं
)