Jump to content
Main menu
Main menu
move to sidebar
लुकवाईं
नेविगेशन
मुख्य पन्ना
हाल के बदलाव
अट्रेंडम पन्ना
मीडियाविकि के बारे में मदद
भोजपुरीपिडिया
खोज
खोजीं
Appearance
खाता बनाईं
खाता में प्रवेश
निजी औजार
खाता बनाईं
खाता में प्रवेश
Pages for logged out editors
learn more
योगदान
बातचीत
भोजपुरी साहित्य
के संपादन कइल जा रहल बा
पन्ना
बातचीत
भोजपुरी
पढ़ीं
संपादन करीं
स्रोत संपादित करीं
इतिहास देखीं
औजार
औजार
move to sidebar
लुकवाईं
Actions
पढ़ीं
संपादन करीं
स्रोत संपादित करीं
इतिहास देखीं
जनरल
इहाँ का जुड़ल बा
संबंधित बदलाव
खास पन्ना
पन्ना से जुड़ल जानकारी
Appearance
move to sidebar
लुकवाईं
चेतावनी:
रउआँ आपन खाता में प्रवेश नइखीं कइले। अगर रउआँ कौनों बदलाव करब त राउर आईपी पता सभके लउकी। अगर रउआ
खाता में प्रवेश करब
या
नया खाता बनाइब
तब, अउरी सुबिधा सब की संघे राउर संपादन के श्रेय भी राउर प्रयोगकर्तानाँव के मिली!
स्पैम-बिरोधी रोक (Anti-spam check) एके
मत
भरीं!
{{भोजपुरी साहित्य}} '''भोजपुरी साहित्य''' में अइसन सगरी साहित्य के रखल जाला जवन [[भोजपुरी भाषा]] में रचल गइल बाटे। [[गोरखनाथ]], [[कबीरदास]] आ [[दरिया साहेब]] नियर संत लोगन के बानी से सुरुआत हो के महेन्दर मिसिर, [[भिखारी ठाकुर]] आ [[राहुल सांकृत्यायन|राहुल बाबा]] के रचना से होत भोजपुरी साहित्य के बिकास आज कबिता, कहानी, उपन्यास आ ब्लॉग लेखन ले पुगइल गइल बाटे। आधुनिक काल के सुरुआत में [[पाण्डेय कपिल]], [[रामजी राय]], [[भोलानाथ गहमरी]] नियर लोगन के रचना से बर्तमान साहित्य के रीढ़ मजबूत भइल बा। भोजपुरी भाषा आ साहित्य के इतिहास लिखे वाला लोगन में [[ग्रियर्सन]], राहुल बाबा से ले के उदय नारायण तिवारी, [[कृष्णदेव उपाध्याय]], हवलदार तिवारी आ तैयब हुसैन 'पीड़ित' नियर बिद्वान लोगन के योगदान बा।{{sfn|तिवारी|2014|pp=25-35}} अर्जुन तिवारी के लिखल एकरा [[भोजपुरी साहित्य के इतिहास (किताब)|साहित्य के इतिहास]] भोजपुरी भाषा में मौजूद बा। ==इतिहास== ===सुरुआत=== भोजपुरी सहित्य के सुरुआत सातवीं सदी से मानल जाला।{{sfn|तिवारी|2014|pp=48}} उद्धरण दिहल जाला की [[हर्षवर्धन]] (सन् 606 - 648 ई) के समय के संस्कृत कवि [[बाणभट्ट]] अपन बेर के दू गो कबी लोगन के नाँव गिनवले बाड़ें जे लोग संस्कृत आ प्राकृत दुनु के छोड़ के अपन देहाती बोली में रचना करे। ई कबी लोग बाटे [[ईसानचंद्र]] आ [[बेनीभारत]]। ईसानचंद्र बिहार में सोन नदी के पच्छिमी आरी के पिअरो गाँव (प्रीतिकूट) के रहे वाला रहलें। बाद के साहित्य के सिद्ध साहित्य भा संत साहित्य कहल जाला। [[पूरन भगत]] (नवीं सदी) के गीत में भोजपुरी के झलक लउके ला।{{sfn|तिवारी|2014|pp=49|ps=<br>"जीवन उपदेस भाखीलाँ आदम्हे बिसाल<br>दोष बुद्ध्या तृषा बिसाराला।<br>नहीं मानै सोक घर धरम सुमिरला<br>अम्हे भइला सचेत के तम्ह कहारे बोले पूछीला।"<br>--'प्राण संकली' से।}} [[नाथ सम्प्रदाय]] के गुरु [[गोरखनाथ]] के रचना में भोजपुरी क्रिया सबदन के इस्तेमाल बहुतायत से बाटे।{{sfn|तिवारी|2014|pp=56}} 1100 से 1400 ई के काल के लोकगाथा काल के नाँव दिहल गइल बाटे। एही बेर के कुछो बिद्वान "चारण काल" आ "पँवारा काल" के नाँव भी दिहले बाड़ें।{{sfn|तिवारी|2014|pp=62}} एह काल के गीत में खिस्सा के गावे जोग गीत में बर्णन कइल गइल बा। एग गीतकथा सब में [[सोरठी ब्रिजभार]], [[शोभा बनजारा]], [[सती बिहुला]], [[आल्हा]], [[लोरिकी]] आ [[राजा भरथरी]] के खिस्सा सभ मुख्य बाड़ीं सऽ। ===बिचला काल=== बिचला बेर के रचना में भक्ति के उदय आ संत लोगन के बानी के समेटल जाला। [[हिंदी साहित्य]] में एकरा के भक्ति काल कहल जाला। एह काल के कवि लोगन में [[बिद्यापति]], [[सूरदास]], [[कबीरदास]], [[जायसी]] आदि के नाँव गिनावल जाला। इनहन लोगन में केहू भी खास भोजपुरिये के कवि होखे अइसन ना बा बाकी इन्हन लोगन के रचना में भोजपुरी के परभाव वाली रचना भी भेटले । ग्रियर्सन के हवाले से बिद्यापती के कई ठो रचना भोजपुरी में भइल बतावल जाला; आ रामनरेश त्रिपाठी के हवाले से एगो उदाहरण {{sfn|तिवारी|2014|pp=96|ps=<br>"कुआर मास बन बोलेला मोर,<br>आउ-आऊ गोरिया बलमुआ तोर।<br>अइलें बलमुआ, पुजली आस।<br>पुरल बिदापति बारह मास।।" -- रामनरेश त्रिपाठी के 'कविता कौमुदी' भाग-1 के हवाले से।}} बिद्यापति के बारहमासा से दिहल गइल बा जे साफ भोजपुरी में बाटे। सूरदास मुख्य रूप से ब्रजभाषा के कवि रहलें बाकी उनहूँ के एगो रचना{{sfn|तिवारी|2014|pp=97|ps=<br>"चंदन रगरी के भोरवलिन हो जसुदा जी के लाल,<br> मोतियन बुन्दवा बरसि गाइले हो मुसरन के धार।<br> अब सून लागेला भवनवाँ हो नाहीं अइलें गोपाल,<br> सूरदास बलिहारी हो चरनन के आस।।"}} देखे जोग बाटे। कबीर के परसिद्ध निर्गुन "कवन ठगवा नगरिया लूटल हो" खाँटी भोजपुरी के रचना बाटे। कबीर के चेला धरमदास के रचना{{sfn|तिवारी|2014|pp=101|ps=<br>"कहवाँ से जीव आइल, कहँवा समाइल हो।<br> कहवाँ कइल, मोकाम, कहवाँ लपटाइल हो।<br> निरगुन से जीव आइल, सरगुन समाइल हो,<br> कायागढ़ कइल मोकाम, माया लपटाइल हो।।"}} एकरी आलावा बाबा [[कीनाराम]] आ भीखमराम के रचना में भोजपुरी के झलक देखल जा सके ला। घाघ आ भड्डरी के कहाउत सब भी एही काल के रचना हईं सऽ। ===आधुनिक काल=== आधुनिक भोजपुरी साहित्य के एकदम सुरुआती बेर के नवजागरन काल कहल गइल बा। एह बेर के कवि लोग में [[तेग अली 'तेग']], महेन्दर मिसिर, भिखारी ठाकुर, [[हीरा डोम]], बुलाकी दास, दूधनाथ उपाध्याय, आ रघुवीरनारायण के नाँव आवेला। तेग अली के रचना "बदमास दर्पण" खास बनारसी भोजपुरी के एगो गजबे उदाहरण देखावे वाली रचना बाटे। महेन्दर मिसिर, मिश्रावलिया गांव, छपरा के रहलें आ उनकर लिखल [[पुरबी]] एगो जमाना में पुरा इलाका में चलनसार रहे आ आजु ले कहीं कहीं सुने के मिल जाला। भिखारी ठाकुर के रचना गीत आ गीतनाटक के रूप में रहे। उनुकर सभसे परसिद्ध रचना [[बिदेसिया]] बा आ राहुल बाबा हूंका के भोजपुरी के शेक्सपियर के उपाधि दिहलें। एकरा बाद के पीढ़ी के लोगन में कबि [[मोती बी ए]], मनोरजंन दादा, [[भोला नाथ गहमरी]], [[विवेकी राय]] नियर लोग बा। ==उपन्यास== '''भोजपुरी उपन्यास''' क माने इहाँ अइसन [[उपन्यास|उपन्यासन]] से बा जिनहन के रचना [[भोजपुरी भाषा]] में भइल बा। विश्व की सगरी भाषा कुल में साहित्य क एगो अइसन विधा पावल जाले जेवना में गद्य रूप में लंबा वर्णन आ जीवन की हर पहलू क वर्णन मिलेला आ एही के नाँव [[उपन्यास]] हवे। अइसन उपन्यासन क रचना भोजपुरी भाषा में बाद में भले शुरू भइल लेकिन भोजपुरी भाषा की साहित्य में उपन्यासन क एकदम्मे अभाव नइखे। भोजपुरी के पहिला उपन्यास [[बिंदिया]] श्री रामनाथ पाण्डेय जी के रचना बा जेवना क प्रकाशन सन् 1956 में भोजपुरी संसद, जगतगंज, [[वाराणसी]], से भइल।<ref>डॉ.विवेकी राय, भोजपुरी कथा साहित्य के विकास</ref> एकरी बाद से लगातार भोजपुरी में उपन्यासन क रचना जारी बा। ===भोजपुरी उपन्यासन क काल विभाजन=== भोजपुरी उपन्यासन के काल खंड में बाँटला क कौनो प्रामाणिक वर्णन नइखे बाकिर श्री रामनाथ पाण्डेय जी [[भोजपुरी कथा साहित्य]] के चारि गो काल खंड में विभाजित कइले बाड़ीं। इहाँ की हिसाब से भोजपुरी कथा-साहित्य के नीचे लिखल तरीका से बाँटल जा सकेला: लोकगाथा काल (आज़ादी से पाहिले): ए काल में कौनो भोजपुरी उपन्यास के रचना नइखे भइल। प्रारंभिक काल (1947 से 1961 ले): भोजपुरी क पहिला उपन्यास [[बिंदिया]] 1956 में छपल लेकिन भोजपुरी कहानी क शुरुआत अवध बिहारी सुमन क रचना 'जेहलि क सनदि' से मानल जाला जेवन 1948 में छपल रहे। मध्य काल (1961 से 1974 ले): एह काल में भोजपुरी में लगभग दस गो उपन्यास छपल। एह समय की प्रमुख उपन्यासन में बा : ''थरुहट के बबुआ और बहुरिया''(1965), ''जीवन साह'' (1964), ''सेमर के फूल'' (1966), ''रहनिदार बेटी'' (1966), ''एगो सुबह, एगो साँझ'' (1967), ''सुन्नर काका'' (1979)। ए उपन्यासन में अधिकतर सामजिक उपन्यास हवें। 'थरुहट के बबुआ और बहुरिया'' के भोजपुरी में आंचलिक उपन्यास कहल जाला। आधुनिक काल (1975 की बाद): एह काल में लगभग बीस गो से अधिका उपन्यासन के रचना आ प्रकाशन भइल। ''फुलसुंघी'' (1977), ''भोर मुसुकाइल'' (1978), ''घर टोला गाँव'' (1979), ''जिनिगी के राह'' (1982), ''दरद के डहर'' (1983), ''अछूत'' (1986), ''महेन्दर मिसिर''(1994), ''इमरितिया काकी'' (1997), ''अमंगलहारी'' (1998), ''आव लवटि चलीं जा'' (2000), ''आधे-आध'' (2000) इत्यादि उपन्यास एह काल के प्रमुख उपन्यास बा। ==चर्चित जन== * [[कबीर]] * [[गोरखनाथ]] * महेन्दर मिसिर *[[भिखारी ठाकुर]] * [[हरिहर सिंह]] *[[तेग अली तेग]] == इहो देखल जाय == * [[भोजपुरी लोकगीत]] ==टीका टिप्पणी== {{Reflist|30em}} ==स्रोत संदर्भ == * {{cite book|last1=तिवारी|first1=अर्जुन|title=[[भोजपुरी साहित्य के इतिहास (पुस्तक)|भोजपुरी साहित्य के इतिहास]]|date=2014|publisher=विश्वविद्यालय प्रकाशन, वाराणसी|location=[[बनारस]]|edition=पहिला}} == बाहरी कड़ी == * [https://bhojpurisahityangan.com/tag/books/ भोजपुरी किताब], भोजपुरी साहित्यांगन पर। (फिरी में डाउनलोड करे लायक किताब सभ के संग्रह) {{Bhojpuri}} [[श्रेणी:भोजपुरी साहित्य| ]] [[श्रेणी:साहित्य]] [[श्रेणी:भारतीय साहित्य]] {{साहित्य-आधार}}
सारांश:
ई नोट कर लीं कि भोजपुरीपिडिया पर सगरी योगदान के दुसरा योगदानकर्ता लोगन द्वारा संपादित कइल जा सकेला, बदलल या हटावल जा सकेला। अगर आप ई नइखीं चाहत की राउर लिखल चीज के केहू भी बे-मोहछोह के संपादित क दे, तब ए के इहाँ मत डालीं।
रउआँ इहो वादा करत बानी की आप ई खुद लिखले बानी या फिर पब्लिक पहुँच में मौजूद या अइसने कौनों फ्री स्रोत से नकल कइले बानी (ढेर जानकारी खातिर
भोजपुरीपिडिया:कापीराइट सब
देखीं)।
बिना परमीशन के कॉपीराइट वाली चीज इहाँ कब्बो मत डालीं!
कैंसिल
संपादन में मदद
(नया विंडो में खोलीं)
ए पन्ना पर इस्तेमाल टेम्पलेट कुल:
टेम्पलेट:Bhojpuri
(
संपादन करीं
)
टेम्पलेट:Cite book
(
संपादन करीं
)
टेम्पलेट:Reflist
(
संपादन करीं
)
टेम्पलेट:Sfn
(
संपादन करीं
)
टेम्पलेट:भोजपुरी साहित्य
(
संपादन करीं
)
टेम्पलेट:साहित्य-आधार
(
संपादन करीं
)