विटामिन
विटामिन अइसन जीवीय तत्व (ऑर्गेनिक मोलिक्यूल चाहे सेट ऑफ मॉलिक्यूल) होलें जे जटिल जीवधारी सभ के सेहत आ बढ़े खातिर कुछ अल्प मात्रा में जरूरी तत्व होखे लें। जानवर आ मनुष्यन के शरीर में मेटाबॉलिज्म खातिर इनहन के होखल आवश्यक होला। ई अउरी ऑर्गेनिक कंपाउंड सभ, जइसे की प्रोटीन, लिपिड, कार्बोहाइड्रेड इत्यादि से एह मामिला में अलग होखे लें काहें कि जीवधारी सभ इनहन के सिंथेसिस अपना शरीर में जरूरत भर मात्रा में ना कइ पावे लें जेकरा चलते इनहन के आहार (भोजन) के जरिये हासिल कइल जरूरी हो जाला।[१] जरूरी पोषक तत्व (एसेंशियल न्यूट्रीएंट) सभ में गिनल जाए वाला अउरी तीन किसिम के तत्व सभ - मिनरल्स, जरूरी फैटी एसिड आ जरूरी एमीनो एसिड सभ, के विटामिन में ना गिनल जाला।
विटामिन आमतौर पर प्राकृतिक कंपाउंड हवें जे आहार के चीज सभ में अल्प मात्रा में मिले लें; आहार से इनहन के पुरती ना होखे पर अलग-अलग रोग हो सके लें (तकनीकी भाषा में एह रोग सभ के डिफिशिएन्सी सिंड्रोम कहल जाला, मने की कमी के कारण उपजे वाला लच्छन भा रोग)।[२]
विटामिन शब्द के इस्तेमाल वारसा में जनमल बिग्यानी कैसीमीर फंक द्वारा 1911 में कइल गइल आ इनहन के नाँव खोज के क्रम में ए, बी, सी लगा के धराइल; खाली भर विटामिन के (K) के नाँव क्रम के आधार पर ना हवे।[३] मनुष्य के शरीर आ सेहत खाती 13 गो विटामिन सभ के जरूरत परे ला: विटामिन ए, विटामिन बी1, विटामिन बी2, विटामिन बी3, विटामिन बी5, विटामिन बी6, विटामिन बी7, विटामिन बी9, विटामिन बी12, विटामिन सी, विटामिन डी, विटामिन ई आ विटामिन के।