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ए विकि पर "हिंदुस्तानी संगीत" नाँव के पन्ना बनाईं! खोज के रिजल्टवो सभ देखीं।
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- ...आपन अंग हिलाडुला के नाच भी सकेला। एही से गावल, बजावल, आ नाचल तीनों चीजु के संगीत कहल जाला। ...ुगम संगीत]]। [[लोक संगीत]], जेवन आम गँवई जनता क संगीत हवे ओके कुछ लोग सुगम संगीत क हिस्सा मानेला आ कुच्छ लोग अलगे एगो परकार की रूप में मानेला। ...२ KB (५ शब्द) - २२:०९, २४ अप्रैल २०२२
- ...[सूरीनाम]] आ [[जमैका]] मे बहुत प्रचलित बा। ई [[भोजपुरी संगीत]] आ कैरिबियाई संगीत से मिल के बनल बा। ...६२४ byte (३ शब्द) - १०:१७, १५ अप्रैल २०२२
- {{for|[[भोजपुरी]] भाषा में रचल लोकगीत आ संगीत|भोजपुरी लोकगीत}} ...नावल रचना होले। लोकगीतन क धुन भी पारंपरिक होले। सामान्य रूप से ई शास्त्रीय संगीत की विपरीत स्वतः उत्पन्न मानल जाला। ...३ KB (९७ शब्द) - ०८:१६, ८ अप्रैल २०२२
- ...ंगीत समीति''' इलाहाबाद में एगो संस्था बा जहाँ संगीत के शिक्षा दिहल जाले। ई संगीत के एगो मानद विश्वविदयालय हवे। ...३७८ byte (४ शब्द) - १८:०१, १ जनवरी २०२२
- ...के प्रति पोढ़ लगाव के कारण एकरा बचावे के कोसिस भी कर रहल बा आ एह कारन लोक संगीत में ब्यापक बदलाव भी देखे के मिलत बा। ...बाज के साथ नया रचना सभ के भी लोकगीत के नाँव से चलावल गइल। एह नवका लोकगीत आ संगीत सभ के भी आपन अलगे जगह बा। ...५ KB (१३ शब्द) - २१:५९, २३ अप्रैल २०२२
- ...| शास्त्रीय संगीत | यूरोप आ अमेरिका के शास्त्रीय संगीत | पच्छिमी शास्त्रीय संगीत}} ...्वनि क रहेला (एकरी चढ़ाव-उतार क, शब्द और अर्थ क नाहीं)। एके जहाँ शास्त्रीय संगीत-ध्वनि विषयक साधना क अभ्यस्त कान वाला अदमी समझ सकेला, और अनभ्यस्त कान वाला भ ...८ KB (९७ शब्द) - ०७:२०, १९ अप्रैल २०२२
- ...य]] में मौजूद गीत आ [[कबीर|कबीरदास]] के [[निर्गुन]] सभ के गायकी से भोजपुरी संगीत में साहित्यिक गीतन के शुरूआत होला आ '''[[भोजपुरी लोकगीत]]''' (''Bhojpuri fo [[श्रेणी:भोजपुरी संस्कृति|गाना आ संगीत]] ...७ KB (३५६ शब्द) - ०३:००, ३० मार्च २०२२
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- ...[सूरीनाम]] आ [[जमैका]] मे बहुत प्रचलित बा। ई [[भोजपुरी संगीत]] आ कैरिबियाई संगीत से मिल के बनल बा। ...६२४ byte (३ शब्द) - १०:१७, १५ अप्रैल २०२२
- ...ंगीत समीति''' इलाहाबाद में एगो संस्था बा जहाँ संगीत के शिक्षा दिहल जाले। ई संगीत के एगो मानद विश्वविदयालय हवे। ...३७८ byte (४ शब्द) - १८:०१, १ जनवरी २०२२
- ...आपन अंग हिलाडुला के नाच भी सकेला। एही से गावल, बजावल, आ नाचल तीनों चीजु के संगीत कहल जाला। ...ुगम संगीत]]। [[लोक संगीत]], जेवन आम गँवई जनता क संगीत हवे ओके कुछ लोग सुगम संगीत क हिस्सा मानेला आ कुच्छ लोग अलगे एगो परकार की रूप में मानेला। ...२ KB (५ शब्द) - २२:०९, २४ अप्रैल २०२२
- ...य शास्त्रीय संगीत]] के परंपरा में उत्तर भारतीय शैली, मने कि [[हिन्दुस्तानी संगीत]], के एगो प्रमुख [[ताल]] हवे। मुख्य रूप से ई [[तबला]] पर बजावल जाला। अधिकतर [[श्रेणी:संगीत]] ...१ KB (४ शब्द) - ११:३४, २४ मार्च २०२२
- * '''1922 - पंडित भीमसेन गुरुराज जोशी''' - शास्त्रीय संगीत क हिन्दुस्तानी संगीत शैली क सबसे प्रमुख गवईया में से एक हौअन *1938 - बिरजू महराज- हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के एगो कथक कलाकार बाड़ें। ...९०१ byte (८ शब्द) - ११:०५, ४ फरवरी २०२२
- '''ठाट''' चाहे '''थाट''' हिंदुस्तानी संगीत के एगो कांसेप्ट हवे जेकर इस्तेमाल [[राग]] सभ के बर्गीकरण में होला। भातखंडे उत्तर भारतीय संगीत, मने की हिंदुस्तानी संगीत, में बतावल 10 गो ठाट बाड़ें: ...२ KB (३८ शब्द) - ११:५६, १० अप्रैल २०२२
- '''गायकी''' भा '''गवनई''' में मनुष्य अपना गला के इस्तमाल से संगीत पैदा करे ला। क्रिया के ''गावल'' आ जवन शब्द समूह के गा के उच्चारण कइल जाला ऊ [[श्रेणी:संगीत]] ...९२४ byte (३१ शब्द) - १७:३०, २१ अप्रैल २०२२
- | alma_mater = भातखंडे संगीत संस्थान * वेस्टर्न संगीत ...२ KB (८८ शब्द) - २३:२४, २४ मार्च २०२२
- ...के प्रति पोढ़ लगाव के कारण एकरा बचावे के कोसिस भी कर रहल बा आ एह कारन लोक संगीत में ब्यापक बदलाव भी देखे के मिलत बा। ...बाज के साथ नया रचना सभ के भी लोकगीत के नाँव से चलावल गइल। एह नवका लोकगीत आ संगीत सभ के भी आपन अलगे जगह बा। ...५ KB (१३ शब्द) - २१:५९, २३ अप्रैल २०२२
- {{for|[[भोजपुरी]] भाषा में रचल लोकगीत आ संगीत|भोजपुरी लोकगीत}} ...नावल रचना होले। लोकगीतन क धुन भी पारंपरिक होले। सामान्य रूप से ई शास्त्रीय संगीत की विपरीत स्वतः उत्पन्न मानल जाला। ...३ KB (९७ शब्द) - ०८:१६, ८ अप्रैल २०२२
- ...हू अउरी प्रेम नाथ मुख्य कलाकार रहलें। एकर निर्देशन किशोर साहू कइले रहलें आ संगीत [[लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल]] के दिहल रहल। == संगीत == ...२ KB (५३ शब्द) - १०:३२, १ अप्रैल २०२२
- ...ी [[तनुजा]] मुख्य कलाकार रहलें। एकर निर्देशन सूरज प्रकाश कइले रहलें आ ई का संगीत [[कल्याणजी-आनंदजी]] ने दिअल रहल। == संगीत == ...२ KB (५२ शब्द) - १७:४८, २३ अप्रैल २०२२
- ...मौसमी चटर्जी]] मुख्य कलाकार रहलें। एकर निर्देशन सुभाष घई कइले रहलें आ ई का संगीत [[लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल]] ने दिअल रहल। == संगीत == ...३ KB (४९ शब्द) - १०:३०, २३ अप्रैल २०२२
- '''ठुमरी''' हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के एगो बिधा हवे; एकरा के सेमी-क्लासिकल कटेगरी में रखल जाला। एह तरह के गायन ...सिकल शैली में गिनल जालीं, कभी-कभार ठुमरिये के वर्ग में रखल जालीं आ एह पूरा संगीत के ठुमरी कहल जाला; हालाँकि, इनहन के बोल भाव इत्यादि में अंतर होला। ठुमरी के ...२ KB (१५ शब्द) - २१:००, २१ मार्च २०२२
- ...बोस अउरी कबीर बेदी मुख्य कलाकार रहलें। एकर निर्देशन असित सेन कइले रहलें आ संगीत [[सलिल चौधरी]] के दिहल रहल। == संगीत == ...२ KB (५२ शब्द) - १०:१४, २३ अप्रैल २०२२
- '''रेगे''' [[जमैका]] में जनमल एगो [[संगीत धारा]] ह जेकर सुरुआत 1960 के दशक में भइल। ...२५१ byte (४ शब्द) - ०७:५८, २३ अप्रैल २०२२
- ...[[परीक्षित साहनी]] मुख्य कलाकार रहलें। एकर निर्देशन असित सेन कइले रहलें आ संगीत रोशन के दिहल रहल। == संगीत == ...३ KB (५२ शब्द) - १०:३७, २३ अप्रैल २०२२
- ...ाजश्री अउरी महमूद मुख्य कलाकार रहलें। एकर निर्देशन देवी शर्मा कइले रहलें आ संगीत [[शंकर-जयकिशन]] के दिहल रहल। == संगीत == ...३ KB (५९ शब्द) - ०८:१७, २३ अप्रैल २०२२
- ...लराज साहनी]] मुख्य कलाकार रहलें। एकर निर्देशन दुलाल गुहा कइले रहलें आ ई का संगीत [[कल्याणजी-आनंदजी]] ने दिअल रहल। == संगीत == ...३ KB (५७ शब्द) - २०:०८, २३ अप्रैल २०२२
- ...ॉय]] अउरी अजीत मुख्य कलाकार रहलें। एकर निर्देशन सुभाष घई कइले रहलें आ ई का संगीत [[कल्याणजी-आनंदजी]] ने दिअल रहल। == संगीत == ...३ KB (५१ शब्द) - १०:५८, २३ अप्रैल २०२२