गबरघिचोर भोजपुरी लेखक भिखारी ठाकुर के लिखल एगो तमासा बाटे।[] एहमे एगो जनाना बिया जेकर पिया कमाए बहरा चलि जाता आ ई गाँव के एगो बेकत जोर अबैध संबंध बनावत बिया आ ओहसे एगो पूत जनम जाता जेकर नांव गबरघिचोर रहऽता।

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