चार (दीप)
चार बंगाल में गंगा डेल्टा में नदी द्वारा ले आइल माटी आ अवसाद के जमा कइला से बनल दीप के कहल जाला। बाढ़ उतरले की बाद अक्सर नया चार भी बन जाला आ पुरान कट के बह भी जाला।[१] इहाँ रहे वाला लोग नया दीप पर बस जाला आ पुरान के छोड़ देला।
चार के उलटा एह डेल्टा वाला हिस्सा में बील नाँव के थलरूप भी मिलेला जवन आम आम मैदान से तनी गहिरा झील नियर हिस्सा होला जहाँ पानी एकट्ठा हो जाला। चार पर रहे वाला लोग बाढ़ के नीक माने ला काहें से की एकरा से नया माटी आ के जमीन के अउरी उपजाऊँ बना देला।[२]
इहो देखल जाय संपादन करीं
संदर्भ संपादन करीं
- ↑ बंगाल डेल्टा, अध्याय १ - "परिचय", पन्ना-१, (अंगरेजी में)।
- ↑ टेम्पलेट:Cite book