चौथी राम यादव
टेम्पलेट:Infobox writer प्रोफ़ेसर चौथी राम यादव (जनम: 29 जनवरी 1941)[१] हिंदी भाषा के लेखक बाने जिनके काम मुख्य रूप से आलोचना संबंधी निबंध बिधा में बा। यादव बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के रिटायर भ चुकल प्रोफेसर हवें आ वर्तमान में बनारस में रहे लें। अभिन भी इनके साहत्यिक सक्रियता बरकरार बा आ इनके कई ठे पुस्तक हिंदी साहित्य में चर्चा के बिसय बाड़ी स।[२]
हाल में इनके द्वारा बरेली में दिहल एगो भाषण प बिबाद भी भइल रहे जेह में एबीवीपी के कार्यकरता सभ के आरोप रहल कि यादव मोहन भागवत समेत संघ के पदाधिकारी लोग पर अपमानजनक टिप्पणी कइलें।[३]
जिनगी संपादन करीं
यादव के जनम उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिला के कायमगंज में 29 जनवरी 1941 के भइल।
साहित्यिक योगदान संपादन करीं
चौथी राम यादव के प्रमुख कृति सभ में सामिल बा:
- उत्तरशती के विमर्श और हाशिए का समाज
- हजारीप्रसाद द्विवेदी समग्र पुनरावलोकन और लोकधर्मी साहित्य की दूसरी धारा[२]
- लोक और वेद: आमने सामने
सम्मान संपादन करीं
चौथी राम यादव के कई ठे सम्मान मिलल बा जेह में से मुख्य बाड़ें - साहित्य साधना सम्मान (बिहार राष्ट्रभाषा परिषद, पटना), सावित्री त्रिपाठी सम्मान, अस्मिता सम्मान, कबीर सम्मान, आंबेडकर प्रियदर्शी सम्मान, अउरी लोहिया साहित्य सम्मान।[१]