रवीन्द्र कुमार 'राजू'
टेम्पलेट:Infobox officeholder रवीन्द्र कुमार 'राजू' एगो भोजपुरी लोकगीत गायक रहलें। 'राजू'के साल 2002 में उनकर भोजपुरी एलबम 'ए बलम जी' आ गाना 'खेत बारी बंटि जाई' से कमे उमिर में शोहरत मिल गइल रहे। जेवना के बाद उनकर कई गो एलबम टी-सीरीज आ अउरी दोसरा संगीत कंपनियन से जारी भइल। राजू के भोजपुरी संगीत में उनकर दमदार आवाजा खातिर जानल जाला। उनकर 30 दिसंबर 2017 के लंबी बीमारी के बाद बनारस में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुंदरलाल अस्पताल में निधन हो गइल।[१]
जीवन परिचय संपादन करीं
रवीन्द्र राजू के जन्म बलिया जिला के भरौली गांव में एगो गरीब परिवार में भइल रहे। उनकर पढ़ाई-लिखाई गंवहीं पर भइल रहे। होस संभलला के बाद ऊ गीत संगीत में रुचि के चलते एही क्षेत्र में लगन लगा लिहलें आ गांव-गिराव के जानकारन से संगीत सीखे लगलें।
गीत गवनई के सफर संपादन करीं
सत्रह साल के अपना संगीत के सफर में राजू के जान पहचान शोहरत खूबे मिलल। बाकी ऊनकरा के लगातार एह बात के एहसास रहल कि उनकरा प्रतिभा के ऊ सम्मान ना मिलल जेवना के ऊ हकदार रहलें।
बीछल एलबम संपादन करीं
रवीन्द्र कुमार 'राजू' के कई गो संगीत एलबम खूबे मशहूर भइल। जेवना में शामिल बा;