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देवप्रयाग में भागीरथीअलकनंदा नादिन के संगम। अलकनंदा के धारा में गाद-माटी देखात बाटे।

संगम (टेम्पलेट:Lang-en चाहे conflux) भूगोल में दू गो नदी के मिले के जगह के कहल जाला।[] अक्सर दू गो नदी के मिलन के अस्थान पर कौनों मुख्य नदी में ओकर सहायिका नदी आ के मिले ले। हालाँकि, कबो कबो ई तय कइल मुश्किल होला कि कवन मुख्य नदी हवे आ कबो-कबो परंपरा अनुसार इनहन में से एगो के मुख्य नदी मान लिहल जाला जबकि भूगोल के हिसाब से पानी के मात्रा अनुसार ऊ सहायिका नदी भी हो सके ले।

कई बेर, संगम के अस्थान पर दू गो नदी मिलें आ दुनों के महत्व बराबर होखे तब मिलन के बाद उनहन के नाँव बदल जाला आ आगे बहे वाली नदी के नाया नाँव पड़ जाला। परसिद्ध उदाहरण दजला आ फरात नदी के संगम बा जहाँ के बाद इनहन के नाँव शत-अल-अरब हो जाला, मनोंगहेला आ अलेघनी नदी के संगम पिट्सबर्ग में होला जहाँ के बाद इनहन के नाँव ओहायो नदी हो जाला, आ बांग्लादेस में जहाँ गंगा के मुख्य धारा पद्मा आ ब्रह्मपुत्र नदी के मिलन होला ओकरे बाद इनहन के नाँव जमुना हो जाला।

भारत में, एकरा के कुछ जगह पऽ प्रयागो कहल जाला आ उत्तराखंड में देवप्रयाग, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयागबिष्णुप्रयाग अइसने जगह हवे जहाँ दू गो नदी के मिलला से जगह के नाँव प्रयाग पड़ गइल हवे। भारत में सभसे प्रसिद्ध इलाहाबाद के गंगायमुना नदी के संगम बाटे आ अक्सर संगम भा प्रयाग के अर्थ इलाहाबाद के त्रिवेणी संगम से होला।

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संदर्भ संपादन करीं

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