प्रियंका गांधी

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प्रियंका गाँधी (जनम 12 जनवरी 1972; बियाह के बाद प्रियंका गाँधी वाड्रा) एगो भारतीय राजनीतिक नेता बाड़ी। ई राजिव गाँधी फाउंडेशन के ट्रस्टी भी बाड़ी। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता के रूप में जनवरी 2019 में इनके सक्रिय राजनीति में आगमन के घोषणा भइल आ पूरबी उत्तर प्रदेश खातिर कांग्रेस के महासचिव खाती इनके नियुक्ति भइल बा जेके चार्ज ई फरवरी 2019 के पहिला हप्ता में लिहें।[] प्रियंका गाँधी, राजीवसोनिया गाँधी के बेटी हई आ राहुल गाँधी के बड़ बहिन हई; फिरोज गाँधी आ भारत के पूर्व परधानमंत्री इंदिरा गाँधी के नातिन हई आ एह तरीका से भारतीय राजनीति में परभावशाली नेहरू-गाँधी परिवार के सदस्य बाड़ी।

सुरुआती जिनगी संपादन करीं

प्रियंका गाँधी के सुरुआती पढ़ाई मॉडर्न स्कूल एंड कान्वेंट ऑफ़ जीसस एंड मैरी से भइल। एकरे बाद ई जीसस एंड मैरी कॉलेज,दिल्ली युनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन के पढ़ाई मनोबिज्ञान बिसय में कइली।[] मनोबिज्ञान में पढ़ाई के बाद ई मास्टर डिग्री बौद्ध अध्ययन बिसय में 2010 में पूरा कइली।[]

राजनीतिक कैरियर संपादन करीं

गाँधी अपने माताजी सोनिया गाँधी आ भाई राहुल गाँधी के चुनाव क्षेत्र रायबरेली आ अमेठी में हमेशा जात रहल बाड़ी जहाँ ऊ लोग से सीधे संपर्क करे आ लोग से बारता करे खातिर जानल जाली।[] गाँधी, एह चुनाव क्षेत्र सभ में भरपूर लोकप्रिय हई आ जहाँ कहीं जाली मजिगर भीड़ इनके स्वागत करे ला; अमेठी में एगो पापुलर नारा हवे कि अमेठी का डंका, बिटिया प्रियंका[]

प्रियंका गाँधी द्वारा पहिली बेर चुनाव परचार में शामिल होखे के बात पुरान बा जब ऊ 1989 में अपना पिता राजीव गाँधी खातिर अमेठी लोकसभा छेत्र में चुनाव परचार कइली आ एकरे बाद 1999 में राय बरेली में परचार में सामिल रहली जब भाजपा इहाँ से अरुण नेहरू के चुनाव में उतरलस, कैप्टन सतीश शर्मा एहिजा से कांग्रेस के उमेदवार रहलें आ जीत दर्ज कइलें जबकि नेहरू चउथा नमर पर रहलें।[]

2004 जनरल इलेक्शन में, गाँधी अपना महतारी के साथे चुनाव परचार में सामिल रहली आ भाई राहुल गाँधी के चुनाव परचार में भी मदद कइली।[] उत्तर प्रदेश के बिधानसभा चुनाव 2007 में जहाँ राहुल गाँधी पूरा प्रदेश पर आपन धियान देहले रहलें, प्रियंका गाँधी अमेठी आ रायबरेली इलाका में सक्रिय रूप से चुनाव परचार में हिस्सा लिहली।

2009 में प्रियंका गाँधी के सुल्तानपुर सीट से चुनाव लड़े के अनुमान लगावल जात रहल बाकी ऊ चुनाव में ना उतरली आ सोनिया गाँधी आ राहुल गाँधी खातिर परचार में हिस्सा लिहली; अगिला चुनाव जवन 2014 में भइल, गाँधी के सक्रिय योगदान पार्टी खाती कंडीडेट चुने में रहल आ बतावल गइल कि ऊ कई जगह पर पार्टी के कंडीडेट बदले में भूमिका अदा कइली।[] 2014 के चुनाव में राहुल गाँधी के खिलाफ भाजपा स्मृति ईरानी के आ आम आदमी पार्टी कुमार विश्वास के लड़वले रहलीं आ एह चुनाव में राहुल के जीत खातिर प्रियंका गाँधी के परचार के महत्वपूर्ण मानल जाला। एगो भाषण में गाँधी नरेंद्र मोदी पर "नीच राजनीति" करे के आरोप लगवली जेकरा पर बिबाद मचल रहल।[]

दिसंबर 2018 में इनके द्वारा एगो किताब लिखे के बात सोझा आइल।[] एगो सीरियस नेता के रूप में राजनीति में सुरुआत करे के कोसिस के तौर पर एकरा के देखल जा रहल बा।[] किताब 2019 के आम चुनाव से पहिले, मार्च 2019 में छपी। खबर में आइल बा कि ई किताब लगभग 300 पेज के होखी[] आ एकर संभावित टाइटिल "अगेंस्ट आउटरेज" बतावल जा रहल बा।[]

23 जनवरी 2019 के प्रियंका गाँधी के औपचारिक रूप से सक्रीय राजनीति के भागीदार नेता के रूप में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव (जनरल सेक्रेटरी) के रूप में पूरबी उत्तर प्रदेश के कमान सम्हारे के घोषणा भइल।[१०] एह पद पर ई फरवरी के पहिला हप्ता में चार्ज लिहें।

निजी जिनगी संपादन करीं

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राहुल गाँधी, प्रियंका गाँधी आ राबर्ट वाड्रा।

प्रियंका गाँधी रॉबर्ट वाड्रा के पत्नी हई जे दिल्ली में आधारित बिजनेसमैन हवें।गाँधी आ वाड्रा के मुलाक़ात दिल्ली में केहू कॉमन मित्र के घरे भइल जहाँ से एह लोग के करीबी बढ़ल[११] आ इनहन लोग के बियाह 10 जनपथ स्थित घर में 18 फरवरी 1997 के परंपरागत हिंदू रिवाज अनुसार भइल।[१२][१३] परिवार में दू गो संतान बाड़ीं; बेटा रेहान आ बिटिया मिराया। प्रियंका गाँधी बौद्ध धर्म स्वीकार क चुकल बाड़ी।[१४] एस एन गोयनका के द्वारा ई बिपस्सना के शिक्षा लिहली आ अब बौद्ध मार्ग के अनुसरण करे ली।[१५]

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संदर्भ संपादन करीं

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