यूनाइटेड किंगडम यूरोपियन यूनियन सदस्यता रायशुमारी, 2016
टेम्पलेट:Infobox referendum यूनाइटेड किंगडम यूरोपियन यूनियन सदस्यता रायशुमारी (United Kingdom European Union membership referendum), जवना के यूनाइटेड किंगडम में ईयू रिफरेंडम के नाँव से भी जानल गइल, एगो गैर-बाध्यकारी[१] रायशुमारी रहल जवन मंगलवार, 23 जून 2016 के यूके आ जिब्राल्टर में [२][३] ई जाने खातिर भइल कि देस के केतना लोग यूरोपियन यूनियन में शामिल रहल जारी रखले के पक्ष में बाटे। एह रायशुमारी के रिजल्ट ईयू के छोड़ देवे के पक्ष में रहल, जवना खातिर 51.9% वोट मिलल आ 48.1% वोट ना छोड़े के पक्ष में रहल।[४][५][६][७] वोट के परिणाम यूनाइटेड किंगडम के देसवन में बिभाजित रूप से रहल आ जहाँ इंग्लैंड आ वेल्स ईयू के छोड़े के पक्ष में मतदान कइलें ओहीजा स्कॉटलैंड आ उत्तरी आयरलैंड के लोग के बहुमत शामिल रहे के पक्ष में रहल।[८]
1973 में ईईसी भा कॉमन मार्केट, जवन बाद में यूरोपियन यूनियन के नाँव से जान गइल, से जुड़े से पहिलहीं से ई बात यूनाइटेड किंगडम में बिबाद के बिसय रहल बाटे कि यूनाइटेड किंगडम के यूरोपीय यूनियन में शामिल होखे के चाहीं कि ना। ई पहिली रायशुमारी ना रहल बलुक एकरा पहिले 1975 में भी एक बेर एही मुद्दा पर रायशुमारी हो चुकल बाटे आ ओह समय 67 % वोटर लोग शामिल रहे के समर्थन कइले रहल।[९]
प्रचारक आ तर्क[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]
ब्रिटेन स्ट्रौंगर इन यूरोप नाँव के समूह शामिल रहे के पक्ष में प्रमुख चुनाव प्रचारक समूह रहल आ वोट लीव ईयू के छोड़ के अलग होखे के पक्ष में चुनाव प्राचार करे वाला ग्रुप रहल। एकरे अलावा कई राजनीतिक पार्टी, लेबर यूनियन, अखबार आ प्रभावशाली लोग पक्ष आ बिपक्ष में आपन सहमती जाहिर क चुकल रहल। जे लोग अलग होखे के पक्ष लेट रह ओह लोगन के ब्रेक्सिट (ब्रिटेन आ एक्जिट के मिला के) के नाँव से जानल जात रहल।[१०]टेम्पलेट:Efn ब्रेक्सिट लोग के तर्क ई रहल की ईयू में शामिल होखे से यूनाइटेड किंगडम के प्रभुसत्ता में कमी आवत बाटे। ओही जा शामिल रहले के वकालत करे वाला लोग के खनाम रहल की अइसन बड़ा संस्था के हिस्सा रहले से जवन फ़ायदा मिलत बाटे ऊ प्रभुसत्ता में अगर कौनों कमी भी आवत होखे तब के भरपाई कर देत बाटे आ ई ढेर फ़ायदा के चीज बाटे। छोड़ के अलग होखे के समर्थक लोग के तर्क रहल कि ईयू से अलग होख्ले के बाद यूनाइटेड किंगडम अपना इहाँ आवे वाला बाहरी प्रवासी लोग पर ढेर बढ़ियां से नियंत्रण रख पाई, आ एह से पब्लिक सर्विस, आवास सुबिधा आ नौकरी के अवसर पर दबाव में कमी होखी; एही के साथ ईयू के मेम्बरशिप के पइसा (कई मिलियन पाउंड) बची; यूनाइटेड किंगडम के आपन ब्यापार बानिज के समझौता खुद करे के अधिकार हो जाई; आ यूके के ईयू के बेमतलब के ब्यूरोक्रेसी से मुक्ति भी मिल जाई जवन बहुत महँगा पड़ रहल बाटे। जे लोग जुड़ल रहल चाहत रहल ऊ लोग के तर्क रहल कई ईयू के छोड़े के बाद यूके के संपन्नता में कमी आई; बिस्व परिदृश्य में यूके के महत्व कम होखी; कॉमन यूरोपियन अपराधी डेटाबेस के ना पहुँच होखे से राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरा होखी; आ यूके आ ईयू के बीचे में ब्यापार-बानिज खातिर एक प्रकार के बाधा खड़ा हो जाई। बिसेस रूप से, एह लोग के तर्क रहल कई रोजगार में कमी आ नौकरी छूते जइसन समस्या पैदा होखी, निवेश में देरी होखी आ यूके के अर्थव्यवस्था के नोकसान होखी।[११]
रिजल्ट के बाद[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]
रिजल्ट के तुरंत बाद फाइनेंस के बाजार में नकारात्मक रुख लउकल: शेयर के दाम अचानक अभूत गीर गइले, पौंड स्टर्लिंग के मूल्य में में भी गिरावट दर्ज कइल गइल (5–10% निर्णय के एक्के घंटा में)। सत्ताधारी कंजर्वेटिव पार्टी के भीतर भी एह पर तानातानी देखे के मिलल आ परधानमंत्री डेविड कैमरन घोषणा कइलें कि उनुकर पक्ष हार गइल बा एही से ऊ इस्थीपा दे दिहें।[१२] स्कॉटलैंड के सरकार एह रायशुमारी के परिणाम के आवे के बाद स्कॉटलैंड के यूनाइटेड किंगडम के हिस्सा रहले पर रायशुमारी के संकेत दिहले रहल,[१३] ऊ इहो घोषणा कइलस कि स्कौटलैंड सरकार भबिस्य में ईयू के साथ जुड़ल रहे के बारे में ईयू से बातचीत करी।"[१४]
नोट[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]
संदर्भ[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]
अउरी पढ़े खातिर[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]
बाहरी कड़ी[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]
- ↑ टेम्पलेट:Cite web
- ↑ टेम्पलेट:Cite web
- ↑ टेम्पलेट:Cite news
- ↑ टेम्पलेट:Cite web
- ↑ टेम्पलेट:Cite news
- ↑ टेम्पलेट:Cite news
- ↑ टेम्पलेट:Cite web
- ↑ टेम्पलेट:Cite web
- ↑ Adrian Williamson, The Case for Brexit: Lessons from the 1960s and 1970s, History and Policy (2015).
- ↑ टेम्पलेट:Cite news
- ↑ टेम्पलेट:Cite news
- ↑ टेम्पलेट:Cite web
- ↑ टेम्पलेट:Cite web
- ↑ टेम्पलेट:Cite web