राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, सिल्चर
राष्ट्रीय प्रोद्योगिकी संस्थान,सीलचर चाहे एनआईटी सिलचर भारत के 31 गो एन आई टी मे से एगो बा। ई 1967 मे क्षेत्रिय परोद्योगिकी संस्थन के रूप में बनल रहे। 2002 मे हेकरा एन आई टी के मान्यता भेटाइल।
इतिहास संपादन करीं
सिलचार मे आरईसि 1967 मे खोलल गइल रहे, आरईसि के राज्य सरकार अउरी केंद्र सरकार दुनो मिल के चलावत रहऽ सन। 2002 मे हकरा एनआईटी के दरजा भेंटाइल।
पढ़ाई लिखाई संपादन करीं
ई कॉलेज इंजीनियरिंग में बैचलर अाऊर मास्टर के पढ़ाई करावेला, कॉलेज लगे एगो केंद्रिय बिद्यालायो बा जेमे बरहवा तक के लइका पढ़ेलऽ सन।कॉलेज सुप्रिम कोर्ट के आरक्षण निति के मानेला जेकरा गुने एहिजा 27% सीट ओ बी सी ला आरक्षित बा अउर 22% अनुसुचित जाति आ जनजाती ला आराक्षित बा। एहिजा बिदेसो के बिद्यार्थी सभ के पढ़ावल जाला।
रैंकिग संपादन करीं
पूरा भारत के प्रोदयोगिक कॉलेज सभ मे एनआईटी सिलचर 57वाँ अस्थान प आवेला।
संस्कृतिक आ तकनिकी परब संपादन करीं
एहिजा के तकनिकि परब के नाम टेकनोसिस हऽ जवन की हर बरिस अक्टूबर मे होखेला जेहमे कय परकार के आयोजन होखेलऽ सन जइसे रोबोतिक, कोड़िंग अउर भारत भर से वक्ता लोग के बोला के भासन देवावल जाला।
इंकंडेसेंस एहिजा के संसकृतिक परब हवे जवन हर बरिस फरवरी मे होखेला एहेम मे भारत आ बहरी से कलाकार सभ आई के परदर्शन करेलऽ सन।
बिभाग सभ संपादन करीं
अभियांत्रिकी बीभाग सभ
• सिविल अभियांत्रकी
• संगणक विज्ञान आ अभियांत्रिकी
• इलेक्ट्रॉनिक्स आ दूरसंचार अभियांत्रिकी
• इलेक्ट्रॉनिक्स आ मापयंत्र अभियांत्रिकी
• विद्युत अभियांत्रिकी
• मैकेनिकल अभियांत्रिकी
बिना अभियात्रिकी के बिभाग
• रसायन शास्त्र
• भौतिकी
• मानवता आ समाज शास्त्र
• गणित
• व्यापार
दाखिला संपादन करीं
एहिजा जेईई मेंस के अंक प दाखिला होला आउर मास्टर देग्री बदे गेट के परीक्षा के अंक प दाखिला होखेला।