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रसड़ा

भोजपुरीपिडिया से

टेम्पलेट:For टेम्पलेट:Infobox settlement रसड़ा (टेम्पलेट:Lang-en) भारत देश की उत्तर प्रदेश राज्य में बलियाँ जिला में एगो शहर बा। ई आपने नाँव की तहसील क मुख्यालय ह। इहाँ नाथ बाबा मंदिर देखे लायक धार्मिक अस्थान बा। इहाँ अनाज क मंडी आ अउरी सामन क बाजार ए इलाका की आर्थिक जीवन खातिर महत्वपूर्ण बा।

इतिहास[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

रसड़ा की आसपास क इलाका बलियाँ जिला की अउरी इलाका की तरे प्राचीन काल में कोसल राज्य क हिस्सा रहे। कोसल राज्य की कमजोर भइला पर ए इलाका में भर जाति की लोगन के छोट-छोट प्रभाव क्षेत्र बनि गइलन स। एकरी बाद सेंगर राजपूत लोग ए इलाका में परभाव अस्थापित कइल। ए शहर के अस्थापना कब भइल ई मालुम नइखे। सन बयालिस की आंदोलन में रसड़ा संघर्ष क एगो बहुते महत्वपूर्ण केन्द्र रहे। ए आंदोलन में अगस्त 1942 ई. में बलियाँ जिला की अउरी जगहन की नियर रसड़ो में स्वतंत्रता के घोषणा हो गइल आ तहसील मुख्यालय पर तिरंगा लहर दिहल गईल।[]

भूगोल[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

रसड़ा क लोकेशन 25° 51' उत्तरी अक्षांश आ 83° 51' पूरबी देशांतर बा आ समुद्र तल से ऊँचाई 54 मीटर बा।[] जिला मुख्यालय बलियाँ से इहाँ क दूरी 33 किलोमीटर बा आ बनारस से वाया मऊ इहाँ के दूरी 142 किलोमीटर बा।[] रसड़ा नगर पालिका की अन्दर लगभग 6 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र आवेला[] प्राकृतिक भूगोल कि दृष्टि से ई शहर मध्य गंगा मैदान क हिस्सा हवे आ इहवाँ जलोढ़ निक्षेप के चट्टान मिलेला। आसपास दोमट आ बलुई दोमत माटी पावल जाला आ कहीं कहीं ऊसर मिलेला। ताल ए इलाका कि चारो ओर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर पावल जाला। बसनही नदी रसड़ा की लगे से हो के बहेले जेवन आगे जा के गंगा जी में मिल जाले। जलवायु नम प्रकार के बा आ बसंत, गर्मी, बरखाऋतु, आ जाड़ा के चार गो मौसम होला। साल भर में औसत बरखा 100 सेंटीमीटर की आसपास होले।

प्राकृतिक रूप से पावल जाए वाला बन अब समाप्त हो गईल बाड़े। बड़ पेड़न में आम, महुआ, नीबि, बरगद, पीपर, पाकड़, गूलरि, इमिली, आ अर्जुन क पेड़ मिलेलें। नया वृक्षारोपण में ज्यादातर पेड़ सफ़ेदा, बिलायती बबुर, आ शिरिष के लगावल गइल बा।

जनसंख्या[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

रसड़ा क जनसंख्या 1971 में 14,042 रहे जवन 1991 में बढ़ के 23,865; आ 2001 में 29,238 आ 2011 में बढ़ के 31,765 हो गइल बा।[]

देखे लायक अस्थान[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

  • नाथ बाबा मंदिर — रसड़ा की पच्छिम ओर लगभग सौ साल पुरान मंदिर बा। इहाँ एगो पोखरा बा जवना कि तीरे कुआर महीना की दशमी के दशहरा क मेला लागेला आ रावण जरवल जाला।
  • रोशन शाह दरगाह — रसड़ा की पच्छिम ओर नाथ बाबा की मंदिर से सटले एगो दरगाह बा जहाँ हर साल मोहर्रम की बाद बाबा क उर्स मनावल जाला।
  • लखनेसर डीह - रसड़ा तहसील में, शहर से कुछे दूरी पर एगो इतिहासी महत्व के जगह बाटे। लखनेसर डीह नाम के शंकर जी के शिवलिंग बा जेकरे बारे में मानल जाला की एकर स्थापना लक्क्षमन जी बनवास के समय कइले रहलें।[] ई बहुत प्रसिद्ध मंदिर ह, एही मंदिर के लगे भगवान विष्णु का प्राचीन मंदिर बाटे जेह में अष्टधातु की मूर्ति है बा आ ई पुरातत्व के अधीन बा।

अउरी पढल जाय[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

संदर्भ[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

टेम्पलेट:Reflist

टेम्पलेट:बलियाँ जिला टेम्पलेट:उत्तर प्रदेश

  1. बलिया गजेटियर-1979, गवर्नमेंट प्रेस, इलाहबाद, pp 240
  2. टेम्पलेट:Cite web
  3. पूर्वी उत्तरप्रदेश पर्यटन | http://www.easternuptourism.com/Rasra.jsp
  4. टेम्पलेट:Cite web
  5. पूर्वी उत्तरप्रदेश पर्यटन | जनसंख्या, citypopulation.de से लिहल आँकड़ा।
  6. बालियाँ जिला के इतिहास, जिला के ऑफिशियल वेबसाइट पर।