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सूसिम

भोजपुरीपिडिया से

सूसिम चाहे सुशिम मौर्य साम्राज्य के एगो राजकुमार रहलन आ बिंदुसार से सभ से बड़ बेटा रहलन। बिंदुसार अपना बाद हिनके के सम्राट बनावे के चाहत रहलें,[] बाकिर असोक इनकरा मुआ के अपने सम्राट बन गइलन।

जनम आ कुल[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

सूसिम मौर्य साम्राज्य के दुजका सम्राट बिंदुसार सभ से बड़ पूत रहन। ना खाली ऊ अगिला सम्राट मानल जात रहन बलुक हुनकर माई अशोक के माई के पसन ना करत रही।.[] बिंदुसार सभ से बेसी सूसिम के मानत रहन। बिंदुसार के असोक पसन ना पड़त रहन एहसे असोक के सम्राट होखे के सम्हाओना तनी कम रहे। बाकिर बिंदुसार असोक माई सूभद्रांगी के आपन रानी सभ मे सबसे बेसी सनेह करत रहन, काहे कि ऊ बहुते सुघर रही आ एक हाली बिंदुसार के जान बचवले रही। कहल जाला जे सूसिम के सय गो छोट भाई रहऽसन।

उप राजसाही[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

सूसिम तक्षसिला के प्रसासक रहन आ हुनकर भाई असोक उज्जैन के। मौर्य साम्राज्य चार गो भाग मे बटल रहे। असोक के लेख मे ओह चारो भाग के राजधानी बाटे: तोसाली (पूरूब मे), उज्जैन (पक्खिम मे), सुवर्नगिरी (दक्खीन मे) आ टक्षसिला (उत्तर मे)। एह सभ के राज पाटलिपुत्र से चलत रहे। सम्राट के सलाह मंत्री लोग देत रहे।

बिन्दुसार के मुअला के बाद गिरिह जुध[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

बिन्दुसार के मुअला के बाद हुनकर पूत सभ मे जुध चालू भ गईल। बिन्दुसार सूसिम के सम्राट बनावे के चाहत रहन बाकिर मंत्री लोग असोक के चाहत रहे। रधागुप्त नांव के एगो मंत्री असोक के सम्राट बने मे सहाएता कइले रहे।

संदर्भ[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

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