इम्यूनिटी
टेम्पलेट:For इम्यूनिटी (टेम्पलेट:Lang-en) जीव बिज्ञान आ डाक्टरी में, अइसन संतुलन के स्थिति होला जेह में जीव के शरीर के भीतर भरपूर सुरक्षा सिस्टम होखे ला जे इन्फेक्शन, बेमारी आ अउरी कई किसिम के जीवीय हमला सभ से लड़ सके ला जबकि ई सिस्टम ऎतना सहनशीलो जरूर होला कि कौनों चीज से एलर्जी ना पैदा होखे चाहे ऑटोइम्यून बेमारी न होखे। आसान भासा में इम्यून सिस्टम एगो अइसन सिस्टम हवे जे बाहरी आ नोकसानदेह हमला सभ से लड़ के जीव के बचाव करे ला। जब इम्यून सिस्टम कौनों गैर-नोकसानदेह चीज के नोकसानदेह मान के ओहू से लड़े शुरू क देला तब ओह इस्थिति के एलर्जी कहल जाला; जब अपने शरीर के कौनों चीज-पदार्थ के बाहरी आ नोकसानदेह मान के ओकरा बिरोध करे लागे तब अइसन इस्थिति ऑटोइम्यून बेमारी कहाला। एही इम्यून सिस्टम के सही-सही काम करे आ बैलेंस के इस्थिति में रहले के दसा इम्यूनिटी हवे।
इम्यूनिटी बूस्टर[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]
अइसन बिबिध किसिम के दवाई, हेल्थ सप्लीमेंट आ खानपान के चीज के सलाह चलन में बाटे जेकरा से इम्यूनिटी बढ़ जाई अइसन मानल जाला।[१] उदाहरण खातिर दू बेर नोबल पुरस्कार के बिजेता रहल बैज्ञानिक लिनस पाउलिंग अपना किताब में दावा कइलेन की विटामिन-सी (एस्कार्बिक एसिड) से शरीर के इम्यूनिटी बढ़ावल जा सके ला, हालाँकि की बाद के रिसर्च में उनके ई दावा सही ना साबित भइल।[२] एही तरह से बाकी चीजन के इस्तेमाल से भी इम्यूनिटी बढ़े ले एह बिचार के आधुनिक बिज्ञान मिथक चाहे कल्पना के चीज माने ला आ बैज्ञानिक लोग एकरे भरोसे रहे के सलाह ना देला।[३][४]