पोर्टफोलियो बिदेसी निवेश
कौनों पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट हमेशा फाइनेंशियल परिसंपत्ति (असेट) सभ के समूह के रूप में होला जइसे कि स्टॉक, बांड भा कैश इक्वीवेलेंट। अर्थशास्त्र में, पोर्टफोलियो बिदेसी निवेश (Foreign portfolio investment) फंड सभ के कौनों देस में प्रवेश के कहल जाला जब बिदेसी निवेशकर्ता आपन धन ओह देस के बैंक में जमा करावे भा देस के स्टॉक मार्केट आ बांड मार्केट में खरीदारी करे।[१][२]
ई सीधा बिदेसी निवेश से एह मायने में अलग होला कि सीधा निवेश में भौतिक असेट खरीदल जालें आ निवेश कइल पूँजी पर निवेश करे वाला के कंट्रोल रहे ला; जबकि बांड, डिबेंचर, स्टॉक इत्यादि के खरीदारी से बिदेसी पूँजी के कौनों देस में आगमन छोट समय खाती होला आ एकर मकसद लाभ कमाइल भर होला।
बिदेसी इक्विटी शेयर में निवेश के या त घरेलू स्टॉक मार्केट में सीधे निवेश द्वारा हासिल कइल जा सके ला या फिर बिदेसी पूँजी बजार में सीधे इक्विटी अंशपत्र के प्राइमरी इशू दवा कइल जा सके ला। सीधे इक्विटी के इशू करे के तरीका इंटरनेशनल डिपाजिटरी रिसीट (आइडीआर), अमेरिकन डिपाजिटरी रिसीट (एडीआर) या फिर ग्लोबल डिपाजिटरी रिसीट (जीडीआर) द्वारा कइल जा सके ला।
इहो देखल जाय[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]
- सीधा बिदेसी निवेश
- फॉरेन इंस्टीचूशनल इन्वेस्टर (ऍफ़आइआइ)
संदर्भ[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]
- ↑ टेम्पलेट:Cite book
- ↑ Appleyard, Dennis; Alfred J. Field, Jr (2014). International Economics, Indian Edition, 8e, p. 234.