Jump to content
Main menu
Main menu
move to sidebar
लुकवाईं
नेविगेशन
मुख्य पन्ना
हाल के बदलाव
अट्रेंडम पन्ना
मीडियाविकि के बारे में मदद
भोजपुरीपिडिया
खोज
खोजीं
Appearance
खाता बनाईं
खाता में प्रवेश
निजी औजार
खाता बनाईं
खाता में प्रवेश
Pages for logged out editors
learn more
योगदान
बातचीत
जायसी
के संपादन कइल जा रहल बा
पन्ना
बातचीत
भोजपुरी
पढ़ीं
संपादन करीं
स्रोत संपादित करीं
इतिहास देखीं
औजार
औजार
move to sidebar
लुकवाईं
Actions
पढ़ीं
संपादन करीं
स्रोत संपादित करीं
इतिहास देखीं
जनरल
इहाँ का जुड़ल बा
संबंधित बदलाव
खास पन्ना
पन्ना से जुड़ल जानकारी
Appearance
move to sidebar
लुकवाईं
चेतावनी:
रउआँ आपन खाता में प्रवेश नइखीं कइले। अगर रउआँ कौनों बदलाव करब त राउर आईपी पता सभके लउकी। अगर रउआ
खाता में प्रवेश करब
या
नया खाता बनाइब
तब, अउरी सुबिधा सब की संघे राउर संपादन के श्रेय भी राउर प्रयोगकर्तानाँव के मिली!
स्पैम-बिरोधी रोक (Anti-spam check) एके
मत
भरीं!
[[चित्र:Queen Nagamati talks to her parrot, Padmavat, c1750.jpg|thumb|"के ढेर सुग्घर बा, हम कि पद्मावती?, हिरामन से पूछत रानी नागमती, आ सुगा जबाब देता…"; ''[[पद्मावत]]'' के चित्र रुपी निरूपण, c. 1750]] '''मलिक मुहम्मद जायसी''' (निधन लगभग 1542) एगो भारतीय कवी आ सूफी पीर रहलें। जायसी आपन रचना [[अवधी भाषा]] में कइलें आ इनके सभसे परसिद्ध रचना पद्मावत नाँव के महाकाव्य हवे। जायसी उपनाँव, उत्तर प्रदेश के [[जायस]] कस्बा के निवासी होखे के कारण पड़ल। इनका के [[हिंदी साहित्य]] — जेह में अवधी समेत, हिंदी पट्टी के कई भाषा-बोली सभ के ओह जमाना के रचना सामिल कइल जाला, के भक्ति काल के चार गो सभसे प्रमुख कबी लोग में गिनल जाला, बाकी तीन लोग [[सूरदास]], [[कबीर]] आ [[तुलसीदास]] हवें। बाद में जायसी आपन मूल अस्थान छोड़ के, वर्तमान अमेठिये जिला के एगो दूसरा जगह पर रहे लागल रहलें। == जिनगी == जायसी के जनम के बारे में परमान सहित जानकारी ना मिले ला कई चीजन के आधार प अनुमान लगावल जाला कब इनके पैदाइश भइल रहे। ''[[हिंदी साहित्य के इतिहास (किताब)|हिंदी साहित्य के इतिहास]]'' में रामचंदर शुकुल कबी के खुद लिखल वाक्य के हवाला देलें{{#tag:ref| "भा अवतार मोर नौ सदी"|group="nb"|name="shukul"}} आ एकरे आधार प बतावे लें कि इनके जनम 900 हिजरी में भइल अनुमानित कइल जा सके ला, इनके रचना "आखिरी कलाम" के रचना काल 936 हिजरी (1528 ई°) के आसपास बतावे लें।<ref name="Shukla2009">{{cite book|author=रामचंद्र शुक्ल|title=हिंदी साहित्य का इतिहास |url=https://books.google.com/books?id=LViLjt7cX_0C&pg=PT96|date=2009|publisher=राजकमल प्रकाशन |isbn=978-81-8031-201-4|pages=96–}}</ref> एह तरीका से इनके जनम के तिथी 1500 ईसवी के कुछ आगे-पाछे मानल जाला।<ref name="Kapoor2009">{{cite book|author=श्याम चंद्र कपूर|title=हिंदी साहित्य का इतिहास |url=https://books.google.com/books?id=MRWZ9DSZ6e0C&pg=PT114|year=2009|publisher=प्रभात प्रकाशन |isbn=978-81-85826-71-4|pages=114–}}</ref> जायसी उपनाँव अनुसार इनके जनम वर्त्तमान [[अमेठी जिला]], उत्तर प्रदेश के [[जायस]] में भइल मानल जाला। हालाँकि, कुछ लोग इहो माने ला कि इनके जनम इहाँ ना भइल रहे बलुक, पाहुन के रूप में नेवासा पर इहाँ रहें।<ref name="Singh2004">{{cite book|author=बच्चन सिंह|title=हिंदी साहित्य का दूसरा इतिहास |url=https://books.google.com/books?id=owZZY9gjAJcC&pg=PA102|year=2004|publisher=राधाकृष्ण प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड|isbn=978-81-7119-785-9|pages=102–}}</ref> == रचना == जायसी भक्तिकाल क पहिला कवी बाड़ैं जे कि अपना के कवी मानल जाए खातिर लिखले बाड़ैं। जायसी क रूप रंग भलै नीक ना रहै बाकी उनकर रचना उनके जस के जोग रहै। अवधी भाषा क महाकाव्य [[पदमावत]] के सुरुए में कहले बाड़ैं कि ''मुहमद कवि जो प्रेम का ना तन रकत न मांसु। जेइँ मुख देखा तेइँ हँसा सुना तो आए आँसु॥1|23॥''<ref>{{cite book|last1=जायसी|first1=मलिक मुहम्मद|title=पदमावत|publisher=लोकभारती प्रकाशन|isbn=9788180319109|page=23|edition=2010}}</ref> उनकरे 21 के रचना क उल्लेख मिलै ला जेहमें [[पदमावच]], अखरावट, आख़िरी कलाम, कहरनामा, चित्ररेखा वगैरह परमुख बा। हालांकि उनकरे परसिध भइले क आधार पदमावतै के मानल जाला।<ref>{{cite web|url=http://www.bbc.com/hindi/india-42080687|title=कहाँ से आई थीं पद्मावती?}}</ref> एहमें पदमिनी के परेम-कथा क रोचक वर्णन भयल ह।<ref>{{cite web|url=https://scroll.in/article/858619/history-lesson-padmavati-was-driven-to-immolation-by-a-rajput-prince-not-ala-ud-din-khalji|title=‘Padmavat’ reminds us that a major casualty of the gory Rajput conflicts were Rajput women}}</ref> एही महाकाव्य में रतनसेन क पहली पतनी नागमती के वियोग क अनूठा वर्णन हव।<ref>{{cite web|url=http://indiatoday.intoday.in/story/padmavati-karni-sena-malik-muhammad-jayasi-sanjay-bhansali/1/1095409.html|title=Absurdity of epic proportions: Are people aware of the content in Jayasi's Padmavat?}}</ref> इनकर भाषा [[अवधी]] हव आऊर इनकरे रचना-शैली पर आदिकाल के [[जैन]] कवियन क दोहा [[चौपाई]] पद्धति क प्रभाव पड़ल रहल। [[आचार्य रामचंद्र शुक्ल]] ने मध्यकालीन कवियों की गिनती में जायसी को एक प्रमुख कवि के रूप में स्थान दिया है। शिवकुमार मिश्र के अनुसार ''शुक्ल जी की दृष्टि जब जायसी की कवि प्रतिभा की ओर गई और उन्होंने जायसी ग्रंथावली का संपादन करते हुए उन्हें प्रथम श्रेणी के कवि के रूप में पहचाना, उसके पहले जायसी को इस रूप में नहीं देखा और सराहा गया था।''<ref>शिवकुमार मिश्र, भक्तिआन्दोलन और भक्ति काव्य, पृ.86</ref> इसके अनुसार यह स्वाभाविक ही लगता है कि जायसी की काव्य प्रतिभा इन्हें मध्यकाल के दिग्गज कवि [[गोस्वामी तुलसीदास]] के स्तर कि लगती है। इसी कारण से उन्हें तुलसी के समक्ष जायसी से बड़ा कवि नहीं दिखा। शुक्ल जी के अनुसार ''जायसी का क्षेत्र तुलसी की अपेक्षा परिमित है, पर प्रेमवेदना अत्यंत गूढ़ है।''<ref>भूमिका, त्रिवेणी, [[आचार्य रामचंद्र शुक्ल]], सं.कृष्णानद, पृ.9</ref><ref>{{cite web |url=http://vle.du.ac.in/mod/book/print.php?id=10043&chapterid=16560 |title= सूफी कवि : मलिक मुहम्मद जायसी : एक परिचय |accessmonthday= |accessdate= 2 अगस्त 2017|last= |first= |authorlink= |coauthors= |date= |year= |month= |format= पीएचपी |work= वर्चुअल लर्निंग प्रोग्राम|publisher= [[दिल्ली विश्वविद्यालय]]|pages= |language= |archiveurl= |archivedate= |quote= }}</ref> == टिप्पणी == <references group="nb"/> == संदर्भ == {{Reflist|30em}} [[श्रेणी:उत्तर प्रदेश के लोग]] [[श्रेणी:हिंदी-भाषा के कवि]] [[श्रेणी:उर्दू शायर]] {{poet-stub}}
सारांश:
ई नोट कर लीं कि भोजपुरीपिडिया पर सगरी योगदान के दुसरा योगदानकर्ता लोगन द्वारा संपादित कइल जा सकेला, बदलल या हटावल जा सकेला। अगर आप ई नइखीं चाहत की राउर लिखल चीज के केहू भी बे-मोहछोह के संपादित क दे, तब ए के इहाँ मत डालीं।
रउआँ इहो वादा करत बानी की आप ई खुद लिखले बानी या फिर पब्लिक पहुँच में मौजूद या अइसने कौनों फ्री स्रोत से नकल कइले बानी (ढेर जानकारी खातिर
भोजपुरीपिडिया:कापीराइट सब
देखीं)।
बिना परमीशन के कॉपीराइट वाली चीज इहाँ कब्बो मत डालीं!
कैंसिल
संपादन में मदद
(नया विंडो में खोलीं)
ए पन्ना पर इस्तेमाल टेम्पलेट कुल:
टेम्पलेट:Cite book
(
संपादन करीं
)
टेम्पलेट:Cite web
(
संपादन करीं
)
टेम्पलेट:Poet-stub
(
संपादन करीं
)
टेम्पलेट:Reflist
(
संपादन करीं
)