Jump to content

खोज परिणाम

  • ...ublisher=Smriti Books|isbn=978-81-87967-71-2|pages=71–}}</ref> खासतौर से ई तिहुआर [[मिथिला क्षेत्र]] मे मनावल जाला। भाई-बहिन के प्रेम के उत्सव के रूप में ई त एह बात के ले के केहू उनुके बाबू जी के मन में संका डाल दिहल आ उनुके बाबू नराज हो के सराप दे दिह ...
    ६ KB (१९३ शब्द) - ०२:०४, ६ अप्रैल २०२२
  • ...ता आ चैती से मिलत जुलत धुन [[घाँटो]] के भी होला जे एक ठो गीत शैली भी हवे आ तिहुआर भी। ...
    २ KB (९० शब्द) - १०:१३, २१ जनवरी २०२२
  • ...महीना के अँजोर के छठईं तिथी हवे, एकरे दू दिन पहिले से ले के अगिला दिन ले ई तिहुआर मनावल जाला। कातिक के छठ मुख्य हवे जेकरा के डाला छठ भी कहल जाला। एकरे अलावे, ...परंपरागत रूप से ई परब मनावे ला। भारत आ नेपाल के अलावा अउरी कई देसन में एह तिहुआर के मनावल जाला। ...
    ३७ KB (१,१५८ शब्द) - १७:५५, १० अप्रैल २०२२