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ए विकि पर "राजपूत काल" नाँव के पन्ना बनाईं! खोज के रिजल्टवो सभ देखीं।
- [[श्रेणी:राजपूत काल]] ...७३३ byte (४ शब्द) - ११:१६, ४ अप्रैल २०२२
- ...86|publisher=Government of Uttar Pradesh|page=240}}</ref> सेंगर बिरादरी के राजपूत लोग खाती आजो ई मंदिर खास हवे। ...४ KB (१५७ शब्द) - १४:३५, १३ अप्रैल २०२२
- ...मउअत हो गइल। कथा के अनुसार, अलाउद्दीन खिलजी से बचे खाती पद्मिनी आ उनके साथ राजपूत औरत लोग जौहर (खुद के जरा लिहल) कइ लिहल। ...book|author=मानिक लाल गुप्ता|title=मध्यकालीन भारत का इतिहास: खिलजी सल्तनत काल, 1290 ई॰ से 1320 ई॰ तक|url=https://books.google.com/books?id=pi3Ivk_csgMC|y ...४ KB (८९ शब्द) - ०१:१८, २१ मार्च २०२२
- इनके पूर्ववर्ती राजा इनके पिता रामभद्र थे। इनके काल के सिक्कों पर ''आदिवाराह'' की उपाधि मिलती है, जिससे यह अनुमान लगाया जाता है ...ल का वह दौर है जिसे "तीन साम्राज्यों के युग" के नाम से जाना जाता है। यह वह काल था जब पश्चिम-उत्तर भारत (इसमें वर्तमान पाकिस्तान के भी हिस्से शामिल हैं) क् ...१५ KB (६३० शब्द) - २२:४३, ३ फरवरी २०२२
- '''बिहार क इतिहास''' [[प्रागैतिहासिक काल]] से मिले शुरू हो जाला जेवना में [[लिखित इतिहास]] से पहिले की ज़माना के माट ...]], [[चम्पारण]] आ मुजफ्फरपुर की इलाका में चेर लोगन के शासन भइल। उज्जैनवंशी राजपूत लोग तेरहवीं सदी में भोजपुर से आपन राज चलावल लोग आ पंद्रहवी सदी ले बिहार में ...७ KB (७ शब्द) - ००:३३, २४ अप्रैल २०२२
- ...ता के अनुसार, [[वैदिक काल]] के [[सरस्वती नदी]] (जे अब सूख चुकल बा) प्राचीन काल में अहिजे गंगा आ यमुना के साथ मिले आ तीन गो नदिन के मिले के ई जगह त्रिवेणी ===प्राचीन काल=== ...२२ KB (१८२ शब्द) - ००:४९, ६ अप्रैल २०२२
- ...ं [[भर जाति]] की लोगन के छोट-छोट प्रभाव क्षेत्र बनि गइलन स। एकरी बाद सेंगर राजपूत लोग ए इलाका में परभाव अस्थापित कइल। ए शहर के अस्थापना कब भइल ई मालुम नइखे। ...१० KB (२२९ शब्द) - १५:५६, ११ अप्रैल २०२२
- ...शीनगर के '''कुशवती''' (बुद्ध पूर्व काल में) आ '''कुशीनारा''' (बुद्ध-बाद के काल में) के रूप में पहिचानल जाला। कुशीनारा मल्ल लोग के राजधानी रहल। मल्ल, छठईं ...गल में मौजूद शहर [[पड़रौना]] के बारे में अनुमान बा कि पनरहवीं सदी में इहाँ राजपूत मदन सिंह के राज रहे। ...२५ KB (९०५ शब्द) - १०:१६, ८ अप्रैल २०२२
- ...ीन नाँव ''[[काशी]]'' हवे जेवन प्र'''काशि'''त से उत्पन्न मानल जाला। प्राचीन काल से विद्या की क्षेत्र में ए नगरी के परसिद्धी की वजह से ई नाँव धरईल होई। एकर ...ल जब आठवीं सदी में आदि शंकराचार्य इहवाँ शैव पीठ के अस्थापना कइलें। प्राचीन काल में तक्षशिला से पाटलिपुत्र जाये वाला मार्ग इहवाँ वाराणसी से हो के गुजरे। ...३६ KB (६६० शब्द) - २२:३६, ११ मार्च २०२२
- ...gn="left" style="background:#ffdead;" class="unsortable"|फोटो !! आकर्षण !! काल !! बिबरण ...खुसरू मिर्जा (निधन 1622), खुसरू के महतारी ''शाह बेगम'' (निधन1604), आ एक ठो राजपूत राजकुमारी आ जहाँगीर के मेहरी से जनमल "सुलतान निसार बेगम" (निधन c.1624) नाँव ...२२ KB (८६२ शब्द) - १४:१३, २५ मार्च २०२२
- ...ें जेवना क मतलब होला अल्लाह द्वारा बसावल नगर। दुसरका मत ई कहेला कि प्राचीन काल में प्रतिष्ठानपुर (वर्तमान में [[झूँसी]]) चंद्रवंशीय राजा [[पुरुरवा]] क राज ===प्राचीन काल=== ...४९ KB (७३८ शब्द) - ०५:४१, २० जनवरी २०२२
- ...त्र में स्थित बा, इ पहिले मूलतः [[सारण जिला]] के उप-मण्डल रहल, जौन प्राचीन काल में [[कोसल|कोसल राजतंत्र]] के हिस्सा रहल।<ref name="autogenerated1">[http:/ ...खला के चलते भी इ सिमान चाहे सिवान कहल जात रहल। बाद में इ क्षेत्र पर यादव आ राजपूत के अधिपत्य रहल। <ref>{{cite web|url=http://www.indianexpress.com/news/this- ...२३ KB (३५८ शब्द) - २३:००, १० अप्रैल २०२२
- ...हे '''भोजपुरी''' शब्द ''भोजपुर'' शब्द से बनल बा। 12वा शताब्दी मे उज्जैनिया राजपूत आ [[चेरो राजकुल|चेरो]] सभ के जुद्ध भइल, जेकर उज्जैनिया लोग जितल आ आपन राजधा ...य के बिकास आज कबिता, कहानी, उपन्यास आ ब्लॉग लेखन ले पहुँच गइल बाटे। आधुनिक काल के सुरुआत में पाण्डेय कपिल, रामजी राय, भोलानाथ गहमरी नियर लोगन के रचना से व ...४५ KB (१,४६३ शब्द) - २१:०१, ७ फरवरी २०२२
- ...003|p = 2}} [[मुअनजोदारो]] (मोहनजोदड़ो), [[हड़प्पा]], धौलावीरा, राखीगढ़ी आ कालीबंगा जइसन शहरन के इर्द-गिर्द केंद्रित, बिबिध प्रकार के रोजगार पर आजीविका खा [[चित्र:Map of Vedic India.png|thumb|right|272px|[[वैदिक काल]] में भारतीय उपमहादीप के स्थिति देखावत नक्शा]] ...१२२ KB (२,९२४ शब्द) - २२:३७, ११ मार्च २०२२