गोंडी भाखा
गोंडी एगो मध्य-दक्खिन के द्रविडिय भाषा हऽ, जेकरा बीस लाख गोंड लोग बोलेला।[१] हेकरा मध्य प्रदेश, गुजरात, तेलंगाना, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ आऊर आंध्र प्रदेश मे बोलल जाला। भले ई गोंड लोगन के भाषा हऽ बाकिर हेकरा लमसम २०% गोंड लोग बोलेला जे हेकरा ओराए के कगार प आन दिहले बा। गोंडी लगे बिशाल लोक साहित्य बाटे।
बिशेसता संपादन करीं
एह मे दु गो लिंग होखेला, जेमे से एगो पुलिंग होला आ दूसरका पूलींग ना होखेला, माने स्त्रिलींग आउर नपूँसक के एक्के गो लिंग मानल जाला।
बोली संपादन करीं
गोंडी के कय गो बोली के अबही कोनो पता नइखे, बाकिर कुछु महत्वपूर्ण बोली के नाम दोरला, कोया,मादिया,मूरिया आउर राज गोंड हवन स। उत्तर-पक्खीम आ दक्खिन-पूरब के बोली मे कुछो |ध्वनिबैज्ञानिक अंतर होखेला। उत्तर आउर पक्खिम के गोंडि मे 'स' बाटे बाकिर दक्खिन आ पुरुब मे बदल के 'ह' भ गईल बा, कोनो कोनो बोली मे तऽ ई ओराइए गइल बाटे। आउर सभ गोंडी के बोली मे 'र' के 'ल' हो गइल बा।
स्रोत संपादन करीं
- ↑ Beine, David K. 1994. A Sociolinguistic Survey of the Gondi-speaking Communities of Central India. M.A. thesis. San Diego State University. chpt. 1