अन्हबकुला
अन्हबकुला चाहे अन्हरा बकुला (हिंदी में अन्ध बक), (अंग्रेजी:Indian pond heron or paddybird) (Ardeola grayii) चिरइन की हेरन (heron) परिवार क सदस्य हवे। ई अक्सर धान की खेत में या गाँव-नगर की नागीचे पानी की स्रोत की आस पास लउकेला।[१]
नाँव[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]
मटमइला रंग क होखला की वजह से बहुत नागीचे गइले पर आदमी एके देख पावेला काहें से कि ई वातावरण में छुपल रह जाला। प्राकृतिक विकास की क्रम में एही से ई बहुत नजदीक गाइला पर भी उड़े ला ना काहें कि एके अपनी छुपल रहला क भरोसा होला। शायद एही वजह से एके अन्हरा बकुला, अन्ध बक, अन्ह बकुला नियर नाँव लोग ए गलतफहमी में दिहल कि एके लउकेला कम।
बिना हिलले खड़ा रहे वाला आ काहिरी समय में उड़ के भाड़े वाला ई चिरई के लोग ग़लतफ़हमी में आन्हर बुझे आ एही से एकर नाँव अइसन धारा गइल श्री लंका में भी ए के काना कोका कहल जाला।
भारतीय समाज में[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

बकुला की ध्यान लगा के बइठला से बगुला भगत कहावत चल पड़ल, जेवना का मतलब होला दुष्ट आदमी जेवन देखावटी रूप से संत नियर व्यवहार करत होखे। [२]

इहो देखल जाय[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]
संदर्भ[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]
- ↑ सालिम अली, The Book of Indian Birds, 13th ed., Bombey Natural History Society (BNHS), Oxford Press. 2003 ISBN 9780195665239 ISBN 0195665236, (pp. 70)
- ↑ टेम्पलेट:Cite book