प्राणहिता नदी
टेम्पलेट:Infobox river प्राणहिता नदी दक्खिन भारत के एगो प्रमुख नदी हवे आ गोदावरी नदी के सभसे प्रमुख सहायिका नदी हवे। एह नदी के थाला पूरा गोदावरी नदी थाला के लगभग 34 % हिस्सा कभर करे ला।[१][२] नदी थाला महाराष्ट्र आ तेलंगाना राज्यन में बिस्तार लिहले बा आ रकबा में ई 109,078 वर्ग किलोमीटर के बाटे। एह तरीका से ई थाला के बिस्तार के मामिला में भारत के सातवीं सभसे बड़ नदी हवे[३] आ नर्मदा आ कावेरी नियर प्रमुख नदिन के तुलना में एकर थाला बड़ साबित होखे ला।
नदी के सुरुआत वर्धा नदी आ वेनगंगा नदी के संगम के बाद से होखे ला आ बस 113 किलोमीटर के लंबाई के ई नदी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिला आ तेलंगाना के आदिलाबाद जिला के सीमा के सहारे बहे के बाद कालेश्वरम में गोदावरी नदी में मिल जाले।
उत्पत्ती[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]
टेम्पलेट:Multiple image प्राणहिता नदी के सुरुआत दू गो बड़हन नदी सभ के मिले के बाद होला: वर्धा (थाला रकबा: 46,237 किमी2) आ वैनगंगा (थाला रकबा: 49,677 किमी2)। ई संगम महाराष्ट्र आ तेलंगाना राज्यन के बाडर पर होला। संगम के बाद नदी के चौड़ाई मजिगर बढ़ जाले। प्राणहिता नदी के बहाव में पानी के मात्रा में सीजनल उतार-चढ़ाव बहुत बेसी होखे ला।[४]
बहाव के मारग[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]
प्राणहिता नदी के कुल बहाव मारग 113 किलोमीटर के बा, ई महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिला आ तेलंगाना के आदिलाबाद जिला के सीमा के सहारे बहे ले। बहाव के दिसा उत्तर से दक्खिन के बा जइसन कि दक्खिन भारत के बहुत कम नदिन में पावल जाला। एकरा रास्ता में घन जंगल आ घाट पड़ें लें आ ई इलाका बायोडाइवर्सिटी के मामिला में बहुत समृद्ध हवे। एह छोट रास्ता के तय करे के बाद ई नदी कालेश्वरम के लगे गोदावरी नदी में जा मिले ले।
बंधा[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

प्राणहिता नदी पर तेलंगाना में कालेश्वरम के ऊपर वाला इलाका में एगो सिंचनी प्रोजेक्ट खातिर बनल बान्ह बाटे जेकरा के कालेश्वरम लिफ्ट सिंचनी प्रोजेक्ट कहल जाला,[५] ई वर्तमान में दुनियाँ के सभसे बड़हन मल्टी-स्टेज लिफ्ट सिंचनी प्रोजेक्ट (multi-stage lift irrigation project) बाटे।[६]
इस्तेमाल[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]
नदी के इस्तेमाल सिरोंचा आ कालेश्वरम के बीचा में जल परिवहन खातिर होखे ला। एकरे अलावा एकर धार्मिक महत्व भी बा आ ई हिंदू परंपरा के "पुष्करम्" सभ वाली 12 गो नदी में सामिल नदी हवे। एह नदी के पुष्करम् मीन राशि के पुष्करम् होला।