बिहारी सतसई
बिहारी सतसई ब्रजभाषा के कवी बिहारी के रचना हवे। एह में सात सौ से कुछ बेसी दोहा संकलित बाड़ें। एह रचना में नीति, भक्ति आ शृंगार से संबंधित बिसय पर दोहा बाड़ें। शृंगार रस के ग्रंथ सभ में एकर खास अस्थान हवे।[१]
बिहारी सतसई ब्रजभाषा के कवी बिहारी के रचना हवे। एह में सात सौ से कुछ बेसी दोहा संकलित बाड़ें। एह रचना में नीति, भक्ति आ शृंगार से संबंधित बिसय पर दोहा बाड़ें। शृंगार रस के ग्रंथ सभ में एकर खास अस्थान हवे।[१]