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ए विकि पर "संस्कृत-भाषा के कवि" नाँव के पन्ना बनाईं! खोज के रिजल्टवो सभ देखीं।
- '''वाल्मीकि''' प्राचीन काल में एगो ऋषि रहलें। ऊ संस्कृत के पहिला कवी मानल जालें आ रामायण के रचना कइलें। [[श्रेणी:संस्कृत-भाषा के कवि]] ...८६१ byte (४९ शब्द) - १२:५७, ५ अप्रैल २०२२
- | genre = [[संस्कृत साहित्य|संस्कृत काब्य]], [[महाकाब्य]] '''श्रीहर्ष''' (12वीं-सदी ईस्वी) [[संस्कृत भाषा]] के एगो भारतीय कवी, बिद्वान आ [[दार्शनिक]] रहलें। इनके खास परसिद्धि इ ...३ KB (३७ शब्द) - ००:५१, ४ अप्रैल २०२२
- | genre = [[संस्कृत साहित्य|संस्कृत गद्य]], [[क्लासिकल साहित्य]] '''बाणभट्ट''' (सातवीं सदी ईस्वी) [[संस्कृत भाषा]] के लेखक आ कवी रहलें। ई ओह समय में, राजा हर्षवर्धन (c. 606–647 CE) के ...३ KB (१०१ शब्द) - ०९:५७, २३ अप्रैल २०२२
- | genre = [[संस्कृत साहित्य|संस्कृत काब्य]], [[महाकाब्य]] '''माघ''' (c. 7वीं-सदी ईस्वी) संस्कृत भाषा के एगो कवी रहलें। इनके परसिद्ध रचना महाकाब्य ''शिशुपालवधम्'' हवे। एह र ...३ KB (४६ शब्द) - ००:४९, ४ अप्रैल २०२२
- ...िहास, दर्शनशास्त्र आ राजनीति विज्ञान क पढ़ाई पटना विश्वविद्यालय से कइलें आ संस्कृत, बांग्ला, अंगरेजी अउरी उर्दू क माहिर रहलें। ...३ KB (७५ शब्द) - ११:१४, ४ अप्रैल २०२२
- | genre = [[संस्कृत साहित्य|संस्कृत काब्य]], [[महाकाब्य]] ...]] आ [[अर्जुन]] के बीचा में बिबाद, जुद्ध आ बातचीत के बर्णन कइल गइल बा। ई [[संस्कृत साहित्य]] के ऊँच श्रेणी के रचना सभ में से एक गिनल जाला। ...३ KB (३९ शब्द) - ००:१९, ४ अप्रैल २०२२
- '''रामायण''' कवि [[वाल्मीकि]] द्वारा लिखल गईल [[संस्कृत]] के एगो अनुपम [[महाकाव्य]] ह। एकर 24,000 श्लोक हिन्दू स्मृति के उ अंग ह जे [[श्रेणी:संस्कृत साहित्य]] ...२ KB (४ शब्द) - १३:१८, २ अप्रैल २०२२
- | education = एम.ए. (संस्कृत), [[इलाहाबाद विश्वविद्यालय]] ...३ KB (५० शब्द) - ००:०८, ७ अप्रैल २०२२
- | genre = [[संस्कृत साहित्य|संस्कृत नाटक]], [[क्लासिकल साहित्य]] ...से ऊँच जगह दिहल जाला, इनहन में से कुछ यूरोपीय भाषा सभ में अनुबाद होखे वाली संस्कृत के सभसे पहिला रचना हईं। ...१५ KB (३५२ शब्द) - ०९:४९, ७ फरवरी २०२२
- *''' साखी''': संस्कृत ' साक्षी , शब्द क बिगड़ल रूप ह आ धर्मोपदेश के अर्थ में प्रयोग भयल ह। अधिक स ...६ KB (२१३ शब्द) - २२:३४, ३ जनवरी २०२२
- ...कृत कवि [[बाणभट्ट]] अपन बेर के दू गो कबी लोगन के नाँव गिनवले बाड़ें जे लोग संस्कृत आ प्राकृत दुनु के छोड़ के अपन देहाती बोली में रचना करे। ई कबी लोग बाटे [[ईस ...अइलें बलमुआ, पुजली आस।<br>पुरल बिदापति बारह मास।।" -- रामनरेश त्रिपाठी के 'कविता कौमुदी' भाग-1 के हवाले से।}} बिद्यापति के बारहमासा से दिहल गइल बा जे साफ ...१६ KB (११४ शब्द) - ०३:२६, २७ फरवरी २०२२
- | language = मैथिली, अवहट्ट, संस्कृत ...मैथिली भाषा के आदि कवी आ "मैथिल कोकिल" के उपाधी दिहल जाला। कबिता के अलावा संस्कृत में गद्य लेखन के काम भी कइलेन। भक्ति आ शृंगार इनके रचना सभ के मुख्य बिसय रह ...२७ KB (७२२ शब्द) - १२:५९, २८ मार्च २०२२
- ...ा करे वाला एह कवी के सभसे ढेर परसिद्धि [[रामचरितमानस]] खातिर हवे, जवन कि [[संस्कृत]] ''[[रामायण]]'' में बर्णित रामकथा के देसी भाषा अवधी में दुबारा बर्णन हवे। ...| publisher=Rajkamal Prakashan Pvt Ltd | pages=78–80 }}</ref> भारत के कला, संस्कृति आ समाज पर तुलसीदास के रचना सभ के परभाव बहुत बिस्तृत बाटे आ आजु भी ई परभाव ...१० KB (७४४ शब्द) - १३:३६, २४ अप्रैल २०२२
- | alt_flag = तीन रंग के पट्टी जेहमें केसरिया ऊपर, बीच में सफेद आ नीचे हरियर होला आ बीच में अशोक चक्र | alt_map = भारत प केन्द्रित ग्लोब चित्र जेहमे भारत प रौशनी डालल गइल बा। ...१२२ KB (२,९२४ शब्द) - २२:३७, ११ मार्च २०२२