Jump to content

प्रदेश संख्या 1

भोजपुरीपिडिया से
ImportMaster (बातचीत | योगदान) (robot: Import pages using विशेष:आयात) के द्वारा २३:११, १३ जनवरी २०२२ के बदलाव
(अंतर) ← पुरान बदलाव | हाल के संसोधन (अंतर) | नया बदलाव → (अंतर)

टेम्पलेट:Infobox settlement

प्रदेश संख्या १ नेपाल के सात गो प्रदेश सभ में से एगो ह। २० सितम्बर २०१५ के लागू भइल संविधान में नया सात गो प्रदेश सभ के प्रावधान बा।[] इ प्रदेश के नामांकन प्रदेश संसद (विधान परिषद) द्वारा करल जाई। एकर राजधानी कहाँ होखी इहो प्रदेश संसद द्वारा निर्धारित करल जाई।

इ प्रदेश के पूर्व में भारत के सिक्किम राज्य बा आ साथ में पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सा दार्जीलिंग सटल बा। उत्तर में हिमालय के ओह पार तिब्बत स्थित बा त दक्षिण में भारत के बिहार स्थित बा।

25,905 वर्ग किमी में फैलल क्षेत्र में पर्वतीय हिस्सा 10,438 किमी2 जगह छेंकले बा। पहाड़ी हिस्सा 10,749 किमी2 जगह छेंकले बा त पूर्वी तराई क्षेत्र 4,718 किमी2 के जगह छेंकले बा।

निर्वाचन क्षेत्र सीमांकन आयोग (CDC) के रिपोर्ट के हिसाब से प्रदेश संख्या १ में फर्स्ट पास्ट द पोस्ट निर्वाचन प्रणाली के तहत 28 गो संसदीय सीट आ 56 गो प्रादेशिक सीट बा।[] 17 जनवरी 2018 के भईल मंत्रिमंडल के मीटिंग में विराटनगर के प्रदेश संख्या १ के अंतरिम राजधानी आ गोविंद सुब्बा के गवर्नर घोषित कइल गईल बा।[] [] []

2011 के जनगणना के हिसाब से लगभग 45 लाख लोग ई प्रदेश में निवास करेला लोग, जेकर घनत्व 175.6 प्रति वर्ग किमी बा।[]

इतिहास[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

टेम्पलेट:See

Error creating thumbnail: फाइल गायब बा
लिम्बुवान-किरात अधिराज्य के फैलाव जब ई राज्य आपन चरम पर रहल

किरात लोग उत्तर-पूरबी हिमालय के मूलनिवासी रहे लोग। बाबूराम आचार्य के अनुसार ई लोग 700 बीसी (BC) पहिले नेपाल में आके राज कईले रहल लोग। उ लोग छोट कद के रहल लोग लेकिन शरीर से मजबूत रहल लोग, उ लोग के चौड़ा गाल, चापुट नाक, कम दाढ़ी आ करिया आँख रहल। उ लोग युद्ध कला में निपुण रहे लोग आ तीरंदाजी में भी निपुण रहे लोग। उ लोग वर्तमान किरात: लिम्बु, यखा, सुनुवार, राई, कुलुंग, थुलुंग आ येल्लुंग लोग के पूर्वज रहल लोग।

किरात लोग के राजा यलम्बर अहीर वंश के अंतिम राजा भुवन सिंह के हरा के काठमांडू घाटी में किरात राज के स्थापित कईले रहन। उ आपन राज्य के पूरब में टिस्ता नदी आ पश्चिम में त्रिशूली नदी तक विस्तार कईले रहलन।[]

बाद में किरात राज्य कई छोट छोट रियासत में बंट गईल आ कई साल तक पूरबी नेपाल में अइसहि रहल। लिम्बुवानमोरंग अधिराज्य ओहि लोग के राज्य रहल।

गोरखा के राजा नेपाल एकीकरण के समय पूरब के सभ छोट-छोट किराती रियासत के आपन राज्य में 1771 से 1789 के बीच समेट लिहले।[]

भूगोल[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

Error creating thumbnail: फाइल गायब बा
दक्खिन दिशा से एवरेस्ट आ ल्होत्से के नजारा आ अग्रभूमि में थामसेर्कु, कंटेगाआमा डाबलम

प्रदेश संख्या १ 25,905 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैलल बा।[] ई प्रदेश के भौगोलिक बनावट तीन तह में बँटल बा। सभे क्षेत्र के समुद्र तल से ऊंचाई में बहुते फरक फरक बा। ई क्षेत्र के ऊंचाई कमती में 59 मि. आ अधिका में 8,848 मि. बा। नेपाल के सबसे कम ऊँच जगह केचन कवल जेकर ऊंचाई समुद्र तल से मात्र 59 मि. बा, एहि प्रदेश के झापा जिला में पड़ेला। प्रदेश के बहुत बड़हन हिस्सा जंगल से ढाकल बा। एहिजा टुंड्रा झाड़ी (हिमालयी क्षेत्र पर उगल घास-झाड़ी), शंकुधारी पत्ता वाला जंगल, पतझड़ी मानसून वाला जंगल, उपोष्णकटिबंधीय जंगल बा।

उच्च हिमालयी क्षेत्र[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

हिमालयी या पर्वतीय (Higher Himalayas) क्षेत्र प्रदेश के सबसे उत्तर के हिस्सा ह, जँहवा बहुतेरे ऊँच ऊँच शिखर बाड़ी सन। महालंगूर, कुम्भकर्ण, उम्वेक, लुम्बा सुम्बाजनक ओ हिमालय सभ में से कुछेक के नाम ह। दुनिया के सबसे ऊँच पर्वत माउंट एवरेस्ट (8848 मीटर); आ दुनिया के तीसरा सबसे ऊँच पर्वत कंचनजंघा (8598 मीटर) एहिजा पड़ेला। ई क्षेत्र में सालों भर बरफ से ढाकल रहे वाला कई गो चोटी बाड़ी सन जइसे: माउंट एवरेस्ट, माउंट कंचनजंघा, माउंट मकालू जवन सोलुखुम्बु, संखुवासभाताप्लेजुंग जिला सभ में पड़ेला। ई तीनो जिला प्रदेश के सबसे उत्तर में बा यानी कि ई तीनो जिला हिमालयी जिला ह।

प्रदेश संख्या १ में स्थित पर्वत सभ[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

टेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list rowटेम्पलेट:Mountain list row
पर्वत/शिखर मीटर फीट खंड नोट

टेम्पलेट:Wide image

पहाड़ी क्षेत्र[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

पहाड़ी क्षेत्र, हिमालयीतराई क्षेत्र के बीच में बा। चुरिया श्रेणी आ महाभारत श्रृंखला (lower Himalayas) के क्षेत्र पहाड़ी क्षेत्र कहल जाला। ई में नदी के घाटी (basin), टार (पहाड़ पर सपाट क्षेत्र), घाटी (valley) आदि के मौजूदगी होखेला। पहाड़ी क्षेत्र पर कुछ हिस्सा खेती खातिर बढ़िया हो सकत बा त कुछ हिस्सा ना भी हो सकेला। हिमालयी जिला से उत्तर ओर जंगल से ढाकल पहाड़ी क्षेत्र बा, पहाड़ी क्षेत्र के जिला सभ ह: ओखलढुंगा, खोटाँग, भोजपुर, तेह्रथुम, ईलामपाँचथर जिला। ई जिला सभ पहाड़ी जिला में गिनाला।

तराई क्षेत्र[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

तराई क्षेत्र दक्खिन में बा। प्रदेश के तराई क्षेत्र के माटी जलोढ़ बा। सभन से दक्षिण के जिला सुनसरी, मोरंगझापा जिला तराई के क्षेत्र में गिनाला। तराई के जमीन समतल आ उर्वरक बा।

भीतरी तराई[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

ई प्रदेश में भीतरी तराई क्षेत्र कोशी नदी से पच्छिम में यानी कि उदयपुर में मात्र पड़ेला। समतल भू-भाग जवन महाभारतशिवालिक/चुरिया पहाड़ से घेराइल बा, भीतरी तराई कहल जाला। उदयपुर जिला ई प्रदेश के भितरी तराई क्षेत्र ह। ई जिला चारो ओर से पहाड़ से घेराइल बा आ बीच के कुछ हिस्सा समतल बा।

नदी सभ[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

प्रदेश में कई गो छोट छोट सदाबहार नदी आ बरसाती नदी बाड़ी सन। ई नदी कुल उत्तर से दक्खिन ओर बहेली सन। सदाबहार नदी कुल हिमालय से बह के आवेली सन आ अंत मे कउनो ना कउनो नदी के सहायक नदी बन के भारत के गंगा नदी में मिल जाली सन। कोशी नदी ई प्रदेश के सबसे बड़ नदी ह। ई नदी में सात गो सहायक नदी मिलल बा एहि से ई नदी के सप्तकोसी भी कहल जाला।

प्रदेश के नदी सभ:

हावा-पानी[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

भौगोलिक विशिष्टता के साथे साथ नेपाल के हावा-पानी में भी विविधता देखल जा सकत बा। प्रदेश संख्या १ में तीन भौगोलिक खंड देखल जा सकत बा: तराई के कम ऊंचाई वाला क्षेत्र, मध्य ऊंचाई वाला मध्य-पहाड़ी क्षेत्र आ उच्च हिमालयी क्षेत्र।

उत्तरी हिस्सा गर्मियन के दिन में भी ठंडे रहेला आ ठंडी के दिन में त कठोर ठंडा पड़ेला जबकि दक्खिनी हिस्सा गर्मी के दिन उष्णकटिबंधीय रहेला आ ठंडा के दिन तनिक कमे ठंडा रहेला। हावा पानी के आधार पर प्रदेश के दक्खिनी हिस्सा, तराई, गरम आ नमी युक्त होखेला। पूरबी नेपाल में करीब करीब 2,500 मिलीमीटर बरखा साल भर में बरसेला। प्रदेश संख्या १ में 5 गो मौसम बा: बसंत, गरमी, बरखा, पतझड़सरद

प्रशासनिक विभाजन[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

टेम्पलेट:See २० सितम्बर २०१५ के नयका संविधान जारी होखला के बाद प्रदेश संख्या १ अस्तित्व में आइल। प्रदेश संख्या १ १४ जिला में बँटल बा, हर जिला नगरपालिका आउर गांवपालिका में बँटल बा। नगरपालिका आ गांवपालिका कईयन वार्ड में बँटल बा। टेम्पलेट:Chart टेम्पलेट:Chart टेम्पलेट:Chart टेम्पलेट:Chart टेम्पलेट:Chart टेम्पलेट:Chart टेम्पलेट:Chart टेम्पलेट:Chart टेम्पलेट:Chart/end

जिला[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

प्रदेश संख्या १ में 14 गो जिला सभ में बाड़े:

टेम्पलेट:Col-beginटेम्पलेट:Col-breakटेम्पलेट:Ordered listटेम्पलेट:Col-breakटेम्पलेट:Ordered listटेम्पलेट:Col-end

नगरपालिका/गांवपालिका[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

हर जिला नगरपालिका आ गांवपालिका में बँटल बा। नगरपालिका शहरी क्षेत्र आ गांवपालिका ग्रामीण क्षेत्र के स्थानिय प्रशासन ह। नेपाल में नगरपालिका तीन प्रकार के होखेला।

  • नगरपालिका/नगरपरिषद (शहरी क्षेत्र के स्थानिय प्रशासन)
    • महानगरपालिका
    • उप-महानगरपालिका
    • नगरपालिका
  • गांवपालिका (ग्रामीण क्षेत्र के स्थानिय प्रशासन)

कउनो भी गांव/शहर के नगरपालिका में रखे के बा कि गांवपालिका में रखे के बा, ई बात के निर्णय नेपाल सरकार एगो मापदंड के हिसाब से करे ले। ई मापदंड में एगो निश्चित जनसंख्या, बुनियादी ढांचा आ राजस्व शामिल बा।

पहिले के प्रशासन[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

Error creating thumbnail: फाइल गायब बा
नेपाल के पहिले के पांचो विकास क्षेत्र, पूर्वांचल विकास क्षेत्र सहित

20 सितम्बर 2015 के नया संविधान जारी होखे से पहिले, प्रदेश संख्या १ के क्षेत्र नेपाल के 5 गो विकास क्षेत्र में से एगो रहे, जेकर नाम पूर्वांचल विकास क्षेत्र रहे। ए में 16 गो जिला सभ रहे, 14 गो जिला हाल के प्रदेश संख्या १ के आ 2 गो जिला सिराहासप्तरी जिला, जवन अभी प्रदेश संख्या २ में बा, पूर्वांचल विकास क्षेत्र में रहे। पूर्वांचल विकास क्षेत्र 3 गो अंचल (सबडिवीजन) में बँटल रहे। उ तीन गो अंचल रहे: मेची अंचल, कोशी अंचलसगरमाथा अंचल। मेची अंचल में 4 गो जिला, कोशी अंचल में 6 गो जिला आ सगरमाथा अंचल में 6 गो जिला सभ रहे। ई विकास क्षेत्र के कुल क्षेत्रफल 28,456 किमी² रहे।

प्रदेश संख्या १ के शीर्ष पांच शहर सभ (जनसंख्या के हिसाब से)
क्रम सं. नाम (नेपाली) नाम (अंग्रेजी) जिला जनसंख्या (2011) वेबसाइट
Error creating thumbnail: फाइल गायब बा
बिराटनगर
बिराटनगर

Error creating thumbnail: फाइल गायब बा
मेचीनगर
मेचीनगर
1 बिराटनगर Biratnagar मोरंग 242,548 [१]
Error creating thumbnail: फाइल गायब बा
धरान
धरान

Error creating thumbnail: फाइल गायब बा
इटहरी
इटहरी
2 धरान Dharan सुनसरी 141,439 [२]
3 इटहरी Itahari सुनसरी 140,517 [३]
4 मेचीनगर Mechinagar झापा जिला 111,797 [४]
5 गाइघाट Gaighat उदयपुर 71405 [५]

राजनीति[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

नेपाल में पहिलका प्रदेश सभा निर्वाचन 26 नवम्बर आ 7 दिसम्बर 2017 में भईल।

प्रदेश संख्या १ के प्रदेश सभा निर्वाचन के परिणाम अइला के बाद सबसे बड़हन पार्टी के रूप में नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (यूनिफाइड मार्क्सवादी लेनिनवादी) (CPN (UML)) सामने आइल, जवन प्रदेश के 93 सीट में से 51 गो सीट जीत गईल। दुसरका सबसे बड़ पार्टी नेपाली कांग्रेस बनल जवन 21 गो सीट जितलस आ तिसरका बड़ पार्टी बनल नेकपा (माके), जवन 15 गो सीट जितलस।[]

प्रदेश में 56 गो सीट फर्स्ट पास्ट द पोस्ट के तहत बा आ 37 गो सीट समानुपातिक प्रतिनिधित्व के तहत बा।

पार्टी टेम्पलेट:Abbr टेम्पलेट:Abbr Total
मत % सीट मत % सीट
नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (यूनिफाइड मार्क्सवादी लेनिनवादी) 36 15 51
नेपाली कांग्रेस 8 13 21
नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी केंद्र) 10 5 15
संघीय समाजवादी मंच, नेपाल 1 2 3
राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी 0 1 1
संघीय लोकतांत्रिक राष्ट्रीय मंच 0 1 1
स्वतंत्र 1 1
कुल 56 37 93

[१०] [११]

17 जनवरी 2018 के मंत्रिमंडल के भईल एगो मीटिंग में नेपाल सरकार प्रदेश संख्या १ के अस्थायी (अंतरिम) राजधानी विराटनगर घोषित कइलस। मीटिंग में गोविंद सुब्बा के प्रदेश संख्या १ के गवर्नर भी घोषित करल गईल।[१२]

आर्थिक[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

Error creating thumbnail: फाइल गायब बा
छुर्पी

प्रदेश संख्या १ आर्थिक रूप से खेती-बारीपर्यटन पर आधारित बा। प्रदेश संख्या १ के अधिकांश लोग खेती-बारी आ पशुपालन के क्षेत्र में लागल बा लोग। चायपत्ती, धान, मकई, गेंहू, आलू, बाजरा आदि ई प्रदेश के मुख्य फसल ह।

तराई के तीन गो जिला सभ झापा, मोरंगसुनसरीभीतरी तराई के उदयपुर के जमीन उपजाऊ बा जवन धान, गेंहू, ऊँख, मकई, जुट आदि खातिर बढ़िया जमीन बा। ई तराई क्षेत्र के लोग आम, लीचीकेरा जइसन फल के भी उत्पादन करेला लोग।

चायपत्ती उत्पादन पहाड़ी क्षेत्र के मुख्य फसल ह। ईलामझापा चायपत्ती उत्पादन के मुख्य केंद्र ह हालांकि पांचथर, धनकुटा, भोजपुरसोलुखुम्बु जिला सभ नया क्षेत्र ह जँहवा चायपत्ती उत्पादन में लोग लाग गईल बा। तेज पत्ता, इलायची, विभिन्न तरह के फल-फूल आ साग-सब्जी भी उगावल जाला। "छुर्पी" एक तरह के पनीर होखेला, जवन याक के दूध से बनेला, एकर भी उत्पादन प्रदेश संख्या १ के कुछ पहाड़ी आ हिमालयी क्षेत्र में होखेला।

प्रदेश के उत्तरी हिमालयी पर्वतीय क्षेत्र में दुनिया के कई गो ऊँच ऊँच हिमालयी चोटी बाड़ी सन, जवन दुनिया के पर्यटक लोग के आपन ओर आकर्षित करेली सन। ई चोटियन के चलते प्रदेश में पर्यटन के आगमन हमेशा रहेला।

बिराटनगर प्रदेश के सभन से बड़ शहर आ आर्थिक राजधानी भी ह। बिराटनगर में कई तरह के कल-कारखाना आ फैक्टरी कुल बाड़ी सन।

परिवहन[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

नेपाल के सभे प्रदेश (प्रदेश संख्या २ के छोड़ के) के भौगोलिक बनावट बहुते कठिन बा। प्रदेश के मात्र तीन गो जिला समतल जमीन यानी कि तराई में पड़ेला, एगो जिला भीतरी तराई आ बाकी सभ जिला कठिन पहाड़ी आ हिमालयी क्षेत्र पर पड़ेला, एहि से सडको के नेटवर्क के विस्तार ठीक से नइखे भईल। प्रदेश में रेल के कउनो सुबिधा नइखे। हवाई सेवा के मौजूदगी प्रदेश में बाटे।

सड़क[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

Error creating thumbnail: फाइल गायब बा
कन्याम, ईलाम में मेची राजमार्ग

प्रदेश के लगभग सभे जिला सड़क से जुड़ल बाटे, यद्यपि बहुत ऊंचाई वाले क्षेत्र सभ में कुछ सड़क कुल पक्की नइखी सन आ बरसात के दिनन में ई सड़कन के स्थिति बहुत खराब हो जाला। पहाड़ी आ हिमालयी क्षेत्र में वाहन अनुगमन बहुत धीरा हो सकत बा काहे की एक त क्षेत्र के बनावट दुर्गम बा, ऊपर से सड़क के स्थिति भी खराब हो सकेला।

प्रदेश संख्या १ के मुख्य राजमार्ग सभ जवन समतल तराई के उच्च हिमालयी क्षेत्र से जोड़ेला:

  1. मेची राजमार्ग: 2 लेन के राजमार्ग जवन 268 किमी लमहर बा आ झापा के चारआली से शुरू होखेला आ ताप्लेजुंग से जोड़ेला। ई सड़क पर पड़े वाली मुख्य जगह बाड़ी सन: पृथ्वीनगर, भद्रपुर, दुहगढ़ी, बुधबारे, कन्याम, आ फिक्कल
  1. कोशी राजमार्ग: 2 लेन के सड़क जवन 159 किमी लमहर बा, बिराटनगर से शुरू होखेला आ म्याग्लुंग में जाके अंत। सड़क के कुछ महत्वपूर्ण शहर बाड़ी सन: इटहरी, धरान, धनकुटा, भेड़ेटार, हिले आदि।
  1. सगरमाथा राजमार्ग: 2 लेन के 265 किमी लमहर राजमार्ग बा, जवन कदमाहा में शुरू होखेले आ सोलुखुम्बु में अंत। गाइघाट, साउने आदि ई राजमार्ग में पड़े वाला मुख्य जगह हई सन।

हवाई सेवा[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

Error creating thumbnail: फाइल गायब बा
लुक्ला में स्थित तेनजिंग-हिलेरी एयरपोर्ट

प्रदेश में कई गो आंतरिक एयरपोर्ट आ हवाई सेवा उपलब्ध बा।

प्रदेश १ के एयरपोर्ट सभ:

  1. भोजपुर एयरपोर्ट (भोजपुर)
  2. बिराटनगर एयरपोर्ट (बिराटनगर)
  3. कंगेल डाँड़ा एयरपोर्ट (कंगेल, सोलुखुम्बु)
  4. मन माया एयरपोर्ट (खानीडाँड़ा, खोटाँग)
  5. थामखड्का एयरपोर्ट (खोटाँग बाजार)
  6. लामीडाँड़ा एयरपोर्ट (लामीडाँड़ा, खोटाँग)
  7. तेनजिंग-हिलेरी एयरपोर्ट (लुक्ला, सोलुखुम्बु)
  8. फाप्लु एयरपोर्ट (फाप्लु, सोलुखुम्बु)
  9. रुम्जाटार एयरपोर्ट (रुम्जाटार, ओखलढुंगा)
  10. स्यांगबोचे एयरपोर्ट (स्यांगबोचे, सोलुखुम्बु)
  11. ताप्लेजुंग एयरपोर्ट (ताप्लेजुंग)
  12. तुम्लिंगटार एयरपोर्ट (तुम्लिंगटार, संखुवासभा)
  13. भद्रपुर एयरपोर्ट (भद्रपुर, झापा)

पर्यटन[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

Error creating thumbnail: फाइल गायब बा
नाम्चे बाजार, पीछे कोंगड़े री शिखर के दृश्य

पूर्वी नेपाल पर्यटन खातिर अन्य जगह से अधिक प्रचलित बा, एहिजा पर्यटन खातिर प्रसस्त बिंदु बाड़े। एहिजा सुंदर पर्वत, पहाड़, नदी, घाटी, झरना आदि स्थल बा। एहिजा पर्यटन खातिर और भी बिंदु बाड़ी सन जेकर विकास कर के पर्यटन के बढ़ावा दिहल जा सकत बा। विभिन्न उद्देश्य के साथ दुनिया भर के पर्यटक ई हिस्सा में पधारेले जा। ई क्षेत्र में पर्वतारोहण, बंजी कूद, राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग आ अन्य कई सुविधा कुल पर्यटक लोग के मुहैया करावल जाला।

ट्रैकिंग के उद्देश्य खातिर प्रदेश १ में मकालू बेस कैम्प, एवरेस्ट से पूरब में, आ कंचनजंघा के आसपास के क्षेत्र में जाईल जा सकत बा। ई क्षेत्र में असीमित विविधता देखल जा सकत बा।

संरक्षित क्षेत्र[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

टेम्पलेट:Div col

टेम्पलेट:Div col end

हिन्दू/बौद्ध धार्मिक स्थल[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

टेम्पलेट:Div col

टेम्पलेट:Div col end

स्थान[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

टेम्पलेट:Div col

टेम्पलेट:Div col end

पर्वत[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

टेम्पलेट:Div col

टेम्पलेट:Div col end

हाईकिंग चोटी[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

ट्रैकिंग चोटी[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

टेम्पलेट:Div col

टेम्पलेट:Div col end

इहो देखल जाय[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

संदर्भ[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

टेम्पलेट:Reflist

टेम्पलेट:Geographic location

टेम्पलेट:प्रदेश संख्या १ टेम्पलेट:नेपाल के प्रदेश