राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, पटना
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, पटना (एनआईटी पटना) जवन की पहिले बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग नाम से जानल जात रहे भारत के बिहार राज्य के पटना नगर मा एगो प्रौद्योगिकी संस्थान बड़ुवे।28 जनवरी 2004 के भारत सरकार हेकर नांव बदल के एनआईटी पटना धऽ दिहलस। ई एगो स्वतंत्र संस्थान बाटे जेकरा मानव संसाधन मंत्रालय पइसा देवेला।

एनआइटी पटना के अस्थपना 1886 मे सर्वे ट्रेनींग स्कूल के रूप मा भईल रहे जेकर नांव 1900 मे बदल के बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग धऽ दिहल गईल।2004 मा हेकरा एनआईटी के दरजा भेंटाईल।
प्रांगन[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]
एनआईटी पटना अशोक राज पथ मे 40 एकड़ के प्राँगन मे चलेला जवन की गंगा नदी के दक्खिन मे पड़ेला। पटना से 40 किमी दूर बिहटा मे हेकर 125 एकड़ के नाया कैंपस बनऽता।एक हाली बिहटा गईला के बाद ई अशोक राज पथ मे मैनेजमेंट के पढ़ाई करवाई।
सुबिधा[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]
- केंद्रीय ग्रंथगार
- संगणक केंद्र
- स्टूडेंट एक्टिविटी सेन्टर
- जीम (लइका आ लइकी ला अलग अलग)
- कैंटीन
- स्क्वैश कोर्ट्स
- टेबल टेनिस आ बैडमिंटन कोर्ट
- स्वास्थ केंद्र
- क्रिकेट आ फुटबॉल मैदान
पुस्तकालय[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]
संस्थान लगे एगो केंद्रीय ग्रन्थागार बा जेमे डेढ़ लाख किताब आ एगारह सै ई जरनल बाड़ऽ सन।ग्रन्थागार प्रतिदिन दस घंटा ले चलेला।
कंप्यूटर सेंटर[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]
संस्थान भिरी संगणक केंद्र बा जेहमे छवगो कम्यूटर लेब अउर दुगो वर्चुअल कलासरूम बाड़ऽ सन।
बिभाग[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]
संस्थान लगे पांचगो विभाग हवे:
स्थापत्य अभियांत्रिकी,संगणक विज्ञान आ अभियांत्रिकी,विद्युत अभयांत्रिकी,इलेक्ट्रॉनिक्स आउर दूरसंचार अभियांत्रिकी आ यांत्रिक अभियांत्रिकी। ई सभ जोरे हेकरा लगे भौतिकी, रसायन आउर गणित विभाग बटुए।[१]
परब[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]
2015 ले कॉलेज में दुगो परब होखेला जेहमे मिलेंग सांस्कृतिक परब अउर तकनीकि परब कोरोना अलग अलग होखत रहे बाकिर 2015 से दुन्नो हर बरिस जनवरी में एक्के जोरे होखेला। संऊसे समारोह के आयोजन छात्र लोग करेला।दोसर दोसर कॉलेज जइसे आईआईटी पटना, एनआईटी जमशेदपुर, कलिंगा प्रौद्योगिकी संस्थान, राजस्थान कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर वूमेन, आर्य प्रौद्योगिकी संस्थान, बंगाल प्रौद्योगिकी संस्थान,एनआईटी त्रिपुरा,एनआईटी मिजोरम सभ भाग लेवेलऽ सन।[२] कवनो कवनो आयोजन मे पटना के बिद्यालाय सभ से लइकनो के बोलावल जाला।
सांस्कृतिक परब में अंताक्षरी, रंगोली, नाच, गीत सभ के प्रतियोगिता होखेला। तकनीकी परब में रोबोटिक्स,प्रोग्रामिंग लेखा प्रतियोगिता होखेलऽ सन।परब सभ मा परसिद्ध अदिमी लोग भासनो देवेला जइसे की कुमार विश्वास, इर्शाद कमिल, सृजन पाल सिंह। आयोजन में बैंड सभ प्रदर्शन करेलऽ सन जाइसे अंडरग्राउंड ऑथिरिटी आ राएथ।
एनआईटी पटना पराक्रम नाम के वार्षिक खेल उत्सवो मनावेला।
महत्वपूर्ण पूर्व छात्र[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]
- बिंदेश्वरी दुबे, बिहार के पूर्व मुख्य मंत्री
- नीतीश कुमार, बिहार के मुख्य मंत्री
- रतन कुमार सिन्हा, डिपार्मेंट ऑफ अटॉमिक एनर्जी