कोलकाता
कोलकाता (पुरान नाँव कलकत्ता) भारत देस के पच्छिम बंगाल राज्य क राजधानी हऽ। हुगली नदी के पूरबी तीरे पर बसल ई शहर आर्थिक, ब्यापारिक आ सांस्कृतिक हिसाब से बहुत महत्व वाला शहर ह आ पूरबी भारत के सभसे बड़ शहर भी हवे; कलकत्ता बंदरगाह भारत के सभसे पुरान अभिन ले चालू बंदरगाह हवे आ अपना तरह के अकेल बंदरगाह हऽ जे नदी के सहारे बाटे। शहर के "सांस्कृतिक राजधानी" मानल जाला आ अंगरेजी में एकर "सिटी ऑफ ज्वाय" (आनंद के नगर) के रूप में परसिद्धी बा। साल 2011 के जनगणना के आँकड़ा अनुसार, कोलकाता शहर के कुल जनसंख्या 4.5 मिलियन (45 लाख) रहल, जबकि एकरा उपशहरी इलाका सभ के सामिल कइ के कुल जनसंख्या 14.1 मिलियन (141 लाख) रहल, एह हिसाब से ई भारत के तिसरा सभसे ढेर जनसंख्या वाला शहर बा। हाल के अनुमान सभ के मोताबिक कोलकाता मेट्रो एरिया के अर्थब्यवस्था के आकार $60 से $150 बिलियन (परचेजिंग पावर पैरिटी खाती जीडीपी के एडजस्ट कइ के) बाटे जेकरा चलते ई शहर मुंबई आ दिल्ली के बाद भारत के तिसरहा सभसे बड़ आर्थिक केंद्र भी बा।[१][२][३]
सत्रहवीं सदी ईसवी की अंत में कलकत्ता नाँव से अस्थापित ई शहर अंग्रेजन की समय में (सन 1911 ई. से पहिले ले) पूरा भारत क राजधानी रहे। एही से एकर इतिहास आ संस्कृति की हिसाब से बहुत महत्व बा। कलकत्ता बंदरगाह भारत क सबसे पुरान बंदरगाह हवे। आर्थिक आ ब्यापारिक दृष्टि से सबसे बड़ शहर रहला से इहाँ रोजी-रोजगार खातिर पुरा भारत से लोग आवे आ उत्तर प्रदेश आ बिहार की भोजपुरिहा इलाका क लोग ए में प्रमुख रहे। लोकगीत आ किस्सा-कहानी की जरिये कलकत्ता से भोजपुरिया संस्कृति क जुड़ाव आजु ले महसूस कइल जा सकेला।टेम्पलेट:Efn
इतिहास[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]
टेम्पलेट:मुख्य सतरहवीं सदी के नक्शा सभ पर कलकत्ता भा कोलिकाता कहीं ना देखाई पड़े ला हालाँकि, गोबिंदपुर आ सुतानुती जरूर एह नक्शा सभ पर लउके लें। "कलकत्ता" (Calcutta) शब्द के पहिला इस्तेमाल 1688 के लिखल एगो चिट्ठी में मिले ला जे ढाका से ईस्ट इंडिया कंपनी के एजेंट लोग द्वारा लिखल गइल रहे, 1689 में जॉब चार्नूक, जिनके एह शहर के संस्थापक मानल जाला, अपना खत-किताबत में एह नाँव के ऑफिशियल तरीका से इस्तेमाल शुरू क दिहलें।[४]
भूगोल[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]
आर्थिक महत्व[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]
लोग आ संस्कृति[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]
नोट[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]