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वायुमंडल

भोजपुरीपिडिया से

टेम्पलेट:About

अंतरिक्ष से पृथ्वी क वायुमंडल निलाहूँ रंग के लउकत बाटे।

पृथ्वी के वायुमंडल, (Atmosphere, एटमॉस्फियर) पृथ्वी के चारों ओर लपटाइल गैसन के घेरा हवे। गैस सभ के एह मैकेनिकल मिक्चर के हवा कहल जाला। पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के ताकत एह हवा के पृथ्वी के चारों ओर पकड़ले रहे ले।

NASA photo showing Earth's atmosphere at sunset, with Earth silhouetted
Blue light is scattered more than other wavelengths by the gases in the atmosphere, surrounding Earth in a visibly blue layer when seen from space on board the ISS at an altitude of टेम्पलेट:Cvt.[]
Composition of Earth's atmosphere by volume, excluding water vapor. Lower pie represents trace gases that together compose about 0.043391% of the atmosphere (0.04402961% at April 2019 concentration [][]). Numbers are mainly from 2000, with टेम्पलेट:CO2 and methane from 2019, and do not represent any single source.[]

वायुमंडल में मौजूद ऑक्सीजन गैस पृथ्वी पर जीवन खातिर बहुत जरूरी बा। एकरे अलावा ई वायुमंडल सुरुज के अल्ट्रावायलेट किरण के सोख के उनहन से सगरी जीवधारिन के रक्षा करे ला, गर्मी सोख के ओकर बँटवारा का देला जवना से दिन आ रात के ताप में बहुत अंतर ना होखे पावे ला, सुरुज से आवे वाला रोशनी के डिफ्यूज क के फइला देला जवना से उहो चीज सभ के देखल जा सके ला जिनहन पर सीधा सुरुज के रोशनी (घाम) न पड़ रहल होखे। एकरे अलावा, वायुमंडल के महत्व एह कारण बा भी कि एह में बिबिध प्रकार के मौसम संबधी घटना घटित होखे लीं, जइसे कि हवा के बहल, बादरबरखा इत्यादि मनुष्य के जीवन आ आर्थिक कामकाज (खेती इत्यादि) के बहुत सीमा तक परभावित करे लें।

वायुमंडल के अध्ययन करे वाला बिसय के वायुमंडल बिज्ञान; वायुमंडली दशा, मने कि मौसम, के अध्ययन करे वाला बिज्ञान के मौसम बिज्ञान; आ लंबा समय के मौसमी पैटर्न के अध्ययन करे वाला बिज्ञान के जलवायु बिज्ञान कहल जाला।

गढ़न[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

वायुमंडल के गढ़न में अलग-अलग गैसन के हिस्सेदारी (प्रतिशत में)

वायुमंडल में के हवा कई गैसन का मेरवन होला। ऊँचाई के साथ इनहना के अनुपात में धटती-बढ़ती होला बाकी जमीन से 100 किलोमीटर ले हवा में गैसन के अनुपात लगभग एक्के नियर होला। वायुमंडल के एह हिस्सा के सममंडल (होमोस्फियर) कहल जाला। एही निचला, होमोस्फियर में कवन गैस केतना मात्र में मिलेले एकर बिबरन वायुमंडल के कंपोजीशन कहाला।

वायुमंडल में पानी (भाप के रूप में) के मात्रा एक जगह से दूसर जगह, आ एक दिन से दुसरे दिन के बीच भा एक सीजन से दुसरे सीजन के बीच हमेशा बदलत रहे ला। वायुमंडली पानी के बदलत रहे के कारण वायुमंडल के कंपोजीशन बतावत घरी एह में भाप के मात्रा के ना शामिल कइल जाला, खाली सूखल हवा के कंपोजीशन बतावल जाले जे नीचे दिहल जा रहल बाटे:

प्रमुख गैस जिनहन से मिल के सूखल हवा बनल बा, आयतन अनुसार[]
गैस आयतन(A)
नाँव फार्मूला ppmv में(B) % में
नाइट्रोजन N2 780,840 78.084
आक्सीजन O2 209,460 20.946
आर्गन Ar 9,340 0.9340
कार्बन डाइआक्साइड टेम्पलेट:CO2 400 0.04[]
नियॉन Ne 18.18 0.001818
हीलियम He 5.24 0.000524
मीथेन CH4 1.79 0.000179
ऊपर दिहल सूखा हवा में शामिल ना:
जलभाप(C) H2O 10–50,000(D) 0.001%–5%(D)
नोट:

(A) volume fraction is equal to mole fraction for ideal gas only,
    also see volume (thermodynamics)
(B) ppmv: parts per million by volume
(C) Water vapor is about 0.25% by mass over full atmosphere
(D) Water vapor strongly varies locally[]

The relative concentration of gasses remains constant until about टेम्पलेट:Convert.[]

परत में बिभाजन[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

पृथ्वी के वायुमंडल के कई गो परत (लेयर) में बाँटल जा सके ला। ई एगो सामान्य बात मानल जाला की वायुमंडल में ऊपर की ओर गइले पर ताप में कमी आवेले, बाकी ई बात पुरा वायुमंडल खातिर सही नइखे। एही से तापमान की बदलाव आ दूसरी कई गो बिसेसता की आधार पर वायुमंडल के कई गो परत में बाँटल गइल बा। जब एकरा के ताप की आधार पर बाँटल जाला त एके तापीय संरचना या थर्मल स्ट्रक्चर कहल जाला।

तापीय बनावट[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

ट्रोपोस्फियर[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

ट्रोपोस्फियर, तापमान के आधार पर बनावट में, पृथिवी के वायुमंडल के सबसे निचली परत हवे। ई पृथिवी के सतह से औसतन टेम्पलेट:Cvt के ऊँचाई तक ले बिस्तार लिहले बा, हालाँकि, एक ऊँचाई ध्रुवन पर टेम्पलेट:Cvt से ले के भूमध्य रेखा पर टेम्पलेट:Cvt तक ले होखे ले;[] कुछ अंतर मौसमी घटना सभ के चलते लोकल लेवल पर भी हो सके ला। ट्रोपोस्फियर के ऊपरी सीमा के ट्रोपोपॉज हवे जे ज्यादातर जगह पर थर्मल इनवर्जन से बनल सीमा हवे आ बाकी जगहन पर अइसन जोन के रूप में होला जेम्मे ऊँचाई बढ़े-घटे के तापमान पर कौनों परभाव ना पड़े ला।[१०][११]

लोकल वैरियेशन जरूर होखे लीं, बाकी साधारण तौर पर ट्रोपोस्फियर में ऊँचाई के संघे तापमान में कमी दर्ज कइल जाला, काहें से कि ई अइसन परत हवे जे अधिकतर गर्मी जमीन के सतह से पावे ले; एही कारन नीचे तापमान बेसी होला आ ऊपर जाये पर कम होखत जाला। इहे कारन हवे कि हवा के वर्टिकल मिक्सिंग एह परत में होखे ला (एकर नाँव एही कारण ग्रीक भाषा के ट्रोपोस से बनल हवे जेकर मतलब होला टर्न)। पृथिवी के कुल वायुमंडल के द्रब्यमान के 80 परसेंट हिस्सा एही सबसे निचली परत, ट्रोपोस्फियर में पावल जाला।[१२] ट्रोपोस्फियर सभसे घन परत हवे काहें की बाकी परत एकरे ऊपर बाड़ीं जिनहन के भार के दबाव एह पर पड़े ला आ ई चँता के कंप्रेस हो जाला। खुद एहू के भीतर निचला हिस्सा में बेसी घन हवा पावल जाला आ ऊपर हवा के घनापन (डेंसिटी) कम होखत जाला; पूरा वायुमंडल के 50 परसेंट द्रब्यमान निचला टेम्पलेट:Cvt तक के हिस्सा में पावल जाला। हवा के डेंसिटी में ई बदलाव कारन हवे की वायुमंडल में ऊपर जाए पर हवा के दबाव में तेजी से कमी आवे ला।

वायुमंडल के लगभग सगरी जलभाप भा नमी एही निचला परत ट्रोपोस्फियर में पावल जाले, इहे कारन हवे कि लगभग सारा मौसमी घटना सब एही परत में घटित होखे लीं। एही परत में बादर सभ के लगभग सगरी प्रकार पावल जालें जे हवा के सर्कुलेशन से बने लें; हालाँकि, कुछ दसा में क्युमुलोनिम्बस बादर जे थंडरस्टॉर्म के समय बने लें ट्रोपोपॉज के बेध के ओकरे ऊपर के स्ट्रेटोस्फियर में ले घुस सके लें। वायुमंडल के अधिकतर कन्वेक्शन एही लेयर में होखे ला। ईहे परत अइसन हिस्सा हवे जेह में पंखा वाला (प्रोपेलर से चले वाला) हवाई जहाज उड़ सके लें।

स्ट्रेटोस्फियर[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

मेसोस्फियर[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

थर्मोस्फियर[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

अन्य परत[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

आयनमंडल[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

एक्सोस्फियर[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

चुंबकीय मंडल[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

बादर[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

टेम्पलेट:Main

कपासी बादर

बादर, अकास में पानी की बहुत छोट बुन्नी आ बरफ की कन से बनल चीज बा जेवन हवा में उधियात रहेला आ धीरे-धीरे एक जगह से दुसरे जगह जाला। एही बादर सभ में जब पानी के बड़ बुन्नी बन जालीं तब ऊ हवा में ना रुक पावे लीं आ नीचे गिरे सुरू हो जालीं जेकरा के बरखा कहल जाला।

संदर्भ[संपादन करीं | स्रोत संपादित करीं]

टेम्पलेट:Reflist

टेम्पलेट:जलवायु-आधार

  1. टेम्पलेट:Cite web
  2. उद्धरण खराबी:Invalid <ref> tag; no text was provided for refs named CO2
  3. उद्धरण खराबी:Invalid <ref> tag; no text was provided for refs named methane
  4. उद्धरण खराबी:Invalid <ref> tag; no text was provided for refs named handbook
  5. चित्र खातिर स्रोत: कार्बन डाईऑक्साइड, NOAA Earth System Research Laboratory, (updated 2013-03). मीथेन, IPCC TAR table 6.1 टेम्पलेट:Webarchive, (updated to 1998). The NASA total was 17 ppmv over 100%, and टेम्पलेट:CO2 was increased here by 15 ppmv. To normalize, N2 should be reduced by about 25 ppmv and O2 by about 7 ppmv.
  6. टेम्पलेट:Cite news
  7. उद्धरण खराबी:Invalid <ref> tag; no text was provided for refs named WallaceHobbs
  8. टेम्पलेट:Cite web
  9. उद्धरण खराबी:Invalid <ref> tag; no text was provided for refs named tropopauseheight
  10. टेम्पलेट:Cite book
  11. टेम्पलेट:Cite book
  12. टेम्पलेट:Cite book