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  • | genre = [[संस्कृत साहित्य|संस्कृत काब्य]], [[महाकाब्य]] ...गाहड़वार बंस के राजा विजयचंद्र के दरबारी कबी रहलें आ बतावल जाला कि इनके महाकाब्य के परिसिद्धि के बाद इनका के '''''नरभारती''''' के उपाधि दिहल गइल रहे। ...
    ३ KB (३७ शब्द) - ००:५१, ४ अप्रैल २०२२
  • | genre = [[संस्कृत साहित्य|संस्कृत काब्य]], [[महाकाब्य]] ...के एगो भारतीय कवी रहलें। इनकर परसिद्ध रचना ''किरातार्जुनीयम्'' नाँव के महाकाब्य हवे। एह रचना में, [[महाभारत]] के एगो पर्व (अध्याय) के कथा के आधार बना के अठ ...
    ३ KB (३९ शब्द) - ००:१९, ४ अप्रैल २०२२
  • ...ear=2007|publisher=वाणी प्रकाशन|isbn=978-81-8143-618-4|pages=7–}}</ref> एह काब्य के मोताबिक - पद्मावती भा पद्मिनी, सिंघल देस के राजकुमारी रहली। चित्तौड़ के ...
    ४ KB (८९ शब्द) - ०१:१८, २१ मार्च २०२२
  • [[श्रेणी:काब्य]] ...
    १ KB (६२ शब्द) - १२:३५, ८ अप्रैल २०२२
  • | genre = [[संस्कृत साहित्य|संस्कृत काब्य]], [[महाकाब्य]] ...'' (c. 7वीं-सदी ईस्वी) संस्कृत भाषा के एगो कवी रहलें। इनके परसिद्ध रचना महाकाब्य ''शिशुपालवधम्'' हवे। एह रचना में कुल 20 सर्ग में [[महाभारत]] के एगो कथा के ...
    ३ KB (४६ शब्द) - ००:४९, ४ अप्रैल २०२२
  • ...''आल्ह-खंड'' के रचयिता मानल जाला आ बतावल जाला कि परमाल रासो नाँव के बिसाल काब्य के खंड के रूप में ई हिस्सा रचल गइल रहल। ...
    २ KB (२३ शब्द) - १७:४७, १२ अप्रैल २०२२
  • ...[[होमर]] (8वीं-7वीं सदी ईपू) के समय से मानल जाला जे सबसे पुरान रिकार्ड कइल काब्य हवे, एकरे बाद ई जुग जारी रहे ला, ईसाइयत (क्रिश्चियनिटी) के उदभव ले (1हिली स ...
    ३ KB (२७ शब्द) - २२:२४, ६ अप्रैल २०२२
  • ...हालाँकि बाद में एह पूरा बात खाती ई एकही शब्द इस्तमाल होखे लागल; साथे-साथ ''काब्य'' शब्द के अरथ एकरे बाद सिकुड़ गइल। ...
    ८ KB (२७५ शब्द) - ०१:१३, १२ अप्रैल २०२२
  • ...ेट के किसिम मानल जा सके ला। एकरे अलावा अउरी बिसेस्ता ई बाटे कि दोहा मुक्तक-काब्य खातिर इस्तेमाल होला; मने कि उर्दू के शे'र नियर हर दोहा, दू लाइन में, अपने-आ दोहा के शुरूआत अपभ्रंश भाषा के काब्य के जमाना से मानल जाला आ आजो हिंदुस्तानी भाषा में एकर इस्तेमाल होखत बाटे। दो ...
    ९ KB (८१९ शब्द) - ११:११, १९ फरवरी २०२२
  • ...[[ब्रजभाषा]] में रचना करे वाला एगो कवी रहलें। चूँकि, इनके समय के ब्रजभाषा काब्य के अध्ययन [[हिंदी साहित्य]] में कइल जाला, इनके गिनती हिंदी के रीतिकाल के कब ...
    ३ KB (१०१ शब्द) - ०८:०७, ११ अप्रैल २०२२
  • ...being the birthday of Sri [[Rama]] ...''}}</ref> रचना शुरू करे के तिथी एही काब्य में बर्णित बाटे, चइत महीना के नउमी तिथी जे राम के जनम दिन मानल जाला।<ref na ...
    ७ KB (३०० शब्द) - १५:१०, २३ अप्रैल २०२२
  • '''महाभारत''' [[संस्कृत भाषा]] के दू गो प्राचीन महाकाब्य सभ में से एक बा, दुसरका [[रामायण]] हवे।<ref name=encindlit>{{Cite book| url ...रतिष्ठा पवले बाड़ी सऽ। महाभारत में पुरुषार्थ चतुष्टय के बरनन भी बा आ एह महाकाब्य में रामायण के संछिप्त रूप भी समाइल बा। ...
    ७ KB (२९१ शब्द) - १८:५६, ८ अप्रैल २०२२
  • ...उनके रचना मिले लीं। अरबी, फ़ारसी आ हिंदवी के मिलजुल शब्दावली में लिखल एगो काब्य रचना ''ख़ालिक़ बरीं'' के उनहीं के रचना मानल जाला। खुसरू के कई गो उपाधि दिहल ...
    ९ KB (६४ शब्द) - २१:५१, २२ मार्च २०२२
  • ...7|pages=49–}}</ref> नर्मदा के पहिला साहित्यिक उल्लेख [[कालीदास]] के रघुवंश काब्य में "रेवा" नाँव से मिले ला।<ref name="Fisher1995">{{citation|author=Ronald ...
    ९ KB (५५२ शब्द) - ०२:५१, २४ मार्च २०२२
  • ...्रंथ की महिमा पा सकी।"<ref name="dustudy" />}} कुल मिला के विद्यापति, अपना काब्य के बिसेस्ता के आधार पर ना त आदिकाल के कवी के रूप में साबित होखे लें ना भक्त ...
    २७ KB (७२२ शब्द) - १२:५९, २८ मार्च २०२२
  • ...कि कालीदास [[बाणभट्ट]] के पहिले भइल होखिहें काहें से कि बाणभट्ट इनके अपना काब्य ''हर्षचरितम्'' में बड़ा आदर से इयाद कइले बाने आ इनके सूक्ति के तारीफ कइले ब ...
    १५ KB (३५२ शब्द) - ०९:४९, ७ फरवरी २०२२
  • ...ला। बाद में जा के छह रितु सभ के बरनन बारह महीना सभ के बरनन में बदल गइल। एह काब्य सभ के बारहमासा कहल गइल। [[जायसी|मालिक मुहम्मद जायसी]] के बारहमासा परसिद्ध ह ...
    १७ KB (५३९ शब्द) - १९:२१, १ मार्च २०२२