पटना जंक्शन
टेम्पलेट:Infobox station पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन, स्टेशन कोड PNBE, भारत की बिहार राज्य क राजधानी और पटना शहर क प्रमुख रेलवे स्टेशन ह। शहर की केंद्र में स्थित,[१] इ मुख्य रेलवे स्टेशन पटना में आइल बा। इ भारतीय रेलवे की पूर्व मध्य रेलवे क्षेत्र की दानापुर डिवीजन की अंतर्गत आवेला। पटना जंक्शन देश की सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन में से एगो ह।[२]
पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन रेलवे नेटवर्क द्वारा भारत की अधिकांश प्रमुख शहरन से जुड़ल बा। पटना नई दिल्ली और कोलकाता की बीच स्थित बा जवन की भारत में सबसे व्यस्त रेल मार्गन में से एगो ह। दिल्ली और कोलकाता खातिर लगातार चले वाली ट्रेन पटना से होके जाली स। इ शहर एगो प्रमुख रेलवे हब ह और एकर निम्नलिखित छौगो प्रमुख स्टेशन हंव स: पटना जंक्शन,[३] PNBE राजेंद्रनगर टर्मिनल, गुलजारबाग स्टेशन, दानापुर रेलवे स्टेशन, पाटलीपुत्र जंक्शन और पटना साहिब स्टेशन। पटना, गया, जहानाबाद बिहारशरीफ, राजगीर, इस्लामपुर से दैनिक यात्री और एक्सप्रेस ट्रेन सेवा की माध्यम से अच्छी तरह से जुड़ल बा। वर्तमान में, भारतीय रेलवे पटना जंक्शन की आधुनिकीकरण खातिर कईगो निविदा जारी कइले बा।
पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन 1862 में बांकीपुर क़स्बा (बंकपुर) में, बांकीपुर जंक्शन में शुरू भइल रहे, इ ओ डिविजन की मुख्यालय की तौर प ब्रिटिश भारत की बंगाल की पटना जिला में खुलल रहे। पटना के से होके गुजरे वाली रेलवे लाइन क निर्माण 1855 में शुरू भइल और इ 1862 पूरा भइल और जनता खातिर खुलल। एकरी पहिले कच्चा माल और तैयार माल क परिवहन गंगा नदी की परिवहन मार्ग से होखे। एइजा लाइन क दुगो शाखा बाड़ी स, एगो पूर्वी क्षेत्र में जवन पटना घाट की साथ पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन के जोड़ेले और दूसरा पश्चिमी क्षेत्र में जवन पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन के दीघा घाट से जोड़ेले। दानापुर डिवीजन 1 जनवरी 1925 के अस्तित्व में आइल। वर्तमान मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय भवन 1929 में बनल।
1948 में पूर्वी रेलवे (ER), 1 अक्टूबर 1948 के तीसरा श्रेणी क एगो विशेष एक्सप्रेस ट्रेन 'जनता एक्सप्रेस' की नांव से शुरू कइलस। इ शुरू में पटना और दिल्ली के बीच चले और बाद में 1949 में एके दिल्ली से हावड़ा ले बढ़ा दिहल गइल। ई भारत में पहिला जनता एक्सप्रेस ट्रेन रहे।
राजेंद्र नगर टर्मिनल और पटना जंक्शन मार्ग पर रिले इंटरलॉकिंग (RRI) प्रणाली 7 फरवरी 2012 से 12 फरवरी ले स्थापित कइल गइल रहे। RRI प्रणाली क उपस्थिति चले वाली गाड़िन क पटरिन क कंप्यूटर संचालित बदलाव क अनुमति देला। [४] RRT प्रणाली क उपस्थिति ए क्षेत्र में रेल यातायात की सुरक्षा में सुधार करे वाली साबित भइल बा।
2009 में, भारत क सबसे लंबा सड़क-सह-रेल पुल, गंगा रेल-रोड ब्रिज क निर्माण, नजदीकी गंगा नदी के किनारे पर चलत रहे और इ पटना के पहलेजा घाट से जोड़ी। पुल क रेलवे भाग 3 फरवरी 2016 से रेल यातायात खातिर खोल दिहल गइल रहे और रेलवे बिहार की गंगा की उत्तर की ओर पाटलीपुत्र जंक्शन से विभिन्न रेलवे स्टेशन खातिर यात्री सेवा शुरू क दिहलस।[५] सूत्रन की अनुसार पूरा होखले प इ पुल 4.55 किलोमीटर (2.83 मील) लंबा होइ और जेसे इ भारत में सबसे लंबा सड़क सह रेल पुल और दुनिया में सबसे लंबा पुलन में से एगो होई।[६]